हिन्दी हास्य व्यंग Funny Hindi Story Archive

मेरे स्कूल का 15 अगस्त – हास्य व्यंग

15 अगस्त 1947 को भारत आज़ाद हुआ। शायद ये बात आपको पहले से पता न हो इसलिए बता दिया !! आज़ादी का जश्न तो शायद हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को नसीब न हुआ हो, पर हम प्रतिवर्ष आज़ादी का जश्न मनाकर एक डेढ़ किलो लड्डू तो डकार ही जाते हैं। भारत की आज़ादी का अगर

मुंशी और प्रधान – हास्य व्यंग कहानी

का चौबे जी, ई रोज रोज बाल काहे रंगवाते हैं ? गांव का मुंशी मज़ाकिया लहजे से बोला। चुपकर….बार बार बाल काहे रंगवाते हैं ! अबे तेरा क्या जाता है, सजना संवारना मर्दों को भी भाता है; ग्राम प्रधान चौबे जी नें भी मज़ाकिया लहजे से उत्तर दे मारा मुंशी के मुँह पर। मुंशी

देहाती दुल्हन – हास्य व्यंग हिंदी कथा

अपने गांव में भूषण सिंह का अलग ही रुतबा था, एक दम चोकस राजपूताना ठाट-बाट। धन संपदा का आलम तो ऐसा था की आँख उठाकर देखते जाईये, गारंटी है की आपकी आँख की पुतली बाहर आ जाएगी मगर आप उनकी ज़मीन का छोर नहीं देख पायेंगे। खेत बाड़ी बागीचा के अलावा भूषण सिंह अपना

गांव का पंडित और सत्यनारायण कथा

‘प्रभाकर तिवारी’ गांव के जाने माने पंडित के पुत्र हैं, अपनी युवास्था में ही वे पूजा पाठ के कार्यों में लग गए…ऊ का है कि, उनके दादा और पिता भी बड़े पंडितों की गिनती में आते थे । खैर दादा ‘राजाराम तिवारी’ तो दुनियां में रहे नहीं परन्तु पिता ‘परशुराम तिवारी’ अभी जीवित हैं

मैं मायके जा रही हूँ

सुनो मैं मायके जा रही हूँ… अच्छा ही है मैंने दबे स्वर में कहा ! मगर भाग्यवान के कान बड़े तेज़ हैं सुन ही लिया ; क्या कहे .. अच्छा ही है ? मैंने भी ताव दिखाते हुए कहा – हाँ अच्छा ही है चली जाओ कुछ दिन मुझे भी चैन मिले ! मेरे इतना

क्या कहा इंडिया और पाकिस्तान फाइनल में ?

ICC Champions Trophy 2017 अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुँच गई है जो कि बस एक मैच ही दूर है और वह भी फाइनल मैच। इस पूरे Tournament में अगर किसी ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया तो वो है बारिश जिसने लगभग हर मैच में कभी धीमी – कभी तेज़ गती से रन बनाये

दुल्हन ही दहेज़ है Dulhan Hi Dahej – मंगरु की शादी और धूमन का दहेज़ लालच, हास्य व्यंग के साथ जरूरी बात

धूमन : मंगरु के पिता मंगरु : धूमन जी का बेटा मैं : केवट लाल, कई दिन हो गए सोचा धूमन जी से मिल आऊं पिछली बार मिला था तो कह रहे थे कि मंगरु की शादी करनी है। घूमते घामते पहुंचा उनके घर, राम राम धूमन जी … मैंने कहा ! धूमन जी

Hindi हास्य व्यंग – Funny Story मोटापा एक परेशानी, शर्मा जी की मोटी तोंद

हास्य व्यंग : क्या मोटापा सच में एक बड़ी परेशानी है ? आईये मिलते हैं शर्मा जी से 🙂 🙂 🙂 🙂 🙂 खाने का शौक और आलस इन्सान को क्या से क्या बना देता है ! अब हमारे शर्मा जी को ही ले लीजिये कभी बड़ा सुडौल और छहरीला बदन था इनका, मगर

हास्य व्यंग – बुरा ना मानों होली है, Bura Na Mano Holi Hai, Funny Hindi Story

आई गयी होली …… सबेरे-सबेरे हमरे पाजामें पे एक बच्चा पानी भरा गुब्बारा फेक दिया और दौड़ के भागा अपनें घर में, ‘पाण्डेय जी’ जान गये कि होली आये वाली है अब जरा कुरता पजामा बचा के चलना पड़ेगा। ससुरा ई अजीब त्यौहार है – दुनियाँ का सारा कुकर्म कर देते हैं औऱ कहते