बेमतलब समाचार – हास्य व्यंग!

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मनोज रसिया Studio में News पढ़ने को तैयार हैं।
मनोज रसिया (समाचार पढ़ते हुए) – नमस्कार आज के बेमतलब समाचार इस प्रकार हैं !



1) कपड़ा मंत्री पर विपक्षी पार्टियों ने कपड़ा चोरी करने का संगीन आरोप लगाया है। विपक्ष के मंत्रियों का कहना है की, मंत्री जी ने ग़रीबों में बाँटने को आये कपड़ों को चोरी कर अपने व अपने रिश्तेदारों के लिए पाजामे कुर्ते सिलवा लिए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया की मंत्री जी ने अपनी पार्टी के झंडे भी
उसी कपड़े के बनवाये हैं।

2) संसद में कल देर तक चली बहस का फिर कोई नतीजा नहीं निकला। हमेशा की तरह सभी मंत्री एक दूसरे से लड़ते-झगड़ते पाये गए। सांसदों ने अपनी-अपनी ताकत का प्रदर्शन एक दूसरे का सिर फोड़कर, टाँग तोड़कर किया और जमकर गालियां भी दीं।

3) टूटी सड़कों का हाल जानने पहुंचे सड़क परिवहन मंत्री अचानक गड्ढे में गिर गये। उनको गड्ढे में गिरा देख लोगों ने उनपर लात जूतों से हमला कर दिया। फिलहाल उनका इलाज AIIMS के Trauma Centre में उनका इलाज चल रहा है।

मनोज रसिया – अब आपको सीधे लिए चलते हैं!!
नहीं नहीं…यहाँ से सीधा कैसे जायेंगे। सीधा तो Police Station है, पुलिस वाले तो हमको धो देंगे।

अब आपको Left से बिलकुल सीधा लेते हुए, T Point से Right की ओर लेकर चलते हैं।
जहाँ हमारे ‘भतीजा’…माफ़ कीजिये !!
जहाँ हमारे संवाददाता ‘चंचल रसिया’ उत्तराखंड में आयी बाढ़ का आँखों देखा हाल बतायेंगे।

मनोज रसिया – चंचल रसिया से Connect होने की कोशिश करते हुए।
मनोज रसिया – चंचल..चंचल..अरे चिंटू !
क्या हमको सुन पा रहे हो ? अबे कहाँ हो हम चाचा बोल रहे हैं तुमहारे।




ठायें…ठायें..ठायें!!
स्टूडियो में सुनायी देती गोली की आवाज से मनोज रसिया घबरा जाता है।
उसके मन में यह ख्याल आता है – कहीं ये Border की Live Reporting करने तो नहीं चला गया गलती से।
Mircophone लगा के कहीं ये मर तो नहीं गया..कहीं पाकिस्तानियों नें ??
नहीं नहीं…गोली नहीं लगी होगी उसको।

मनोज रसिया – अपनी जेब से Mobile Phone निकालकर चंचल रसिया को Call करता है।
चंचल – अरे चाचा क्या हो गया, सब हाल तो ठीक है। उल्टा चंचल नें मनोज रसिया से पूछा।

मनोज रसिया – अबे नालायक तुम Border पर क्या कर रहे हो ? वहां तो आजकल वैसे भी हालात ठीक नहीं है !
तुमको तो आज उत्तराखण्ड में होना चाहिए वहां बाढ़ आयी है, आँखों देखा हाल तुमको बताना था और तुम Border पहुंच गए बे।
अरे Media वालों को शहीद होने का दर्ज़ा नहीं मिलता और कुछ लोग तो ये कहते हैं की “पाकिस्तान नें नहीं वार ने मारा”!!
अबे अभी तक ज़िंदा हो तो भागो वहां से….!!

चंचल रसिया – आराम से फ़ोन पर बोलता हुआ।
चंचल रसिया – क्या कह रहे हो चाचा ! आज फिर Johnnie Walker मार कर Studio आ गए का ?
कभी पाकिस्तान , कभी बॉर्डर , कभी गोली !! पता नहीं का-का बड़बड़ा रहे हो।
हम तो ये सोचे की जब उत्तराखण्ड में बाढ़ आयी है तो हम वहां क्या करने जायें।
जब पानी कम हो जायेगा तो जायेंगे आराम से।
वैसे भी अपना तो ‘बेमतलब समाचार’ है कौन देखता है…चाचा !

चंचल रसिया – उत्तराखण्ड न जाकर चाचा आज हम Film देखे चले आये। तुम्हरा फ़ोन आया तो Theater से बाहर निकले हैं अभी।
हमरे गर्दन में Microphone on रह गया था, जो गोली का आवाज़ आप सुन रहे थे वो पाकिस्तानी नहीं।
अपना हीरो सलमान खान चला रहा था वही आवाज Studio में आ रही होगी।
वैसे चाचा हम ठीक किये न उत्तराखण्ड ना जाकर ??…बोलो चाचा ?
बाढ़ में भला कौन मरने जाय वहां पे!!

मनोज रसिया – गुस्से से लाल पीला हुआ जा रहा था।
मनोज रसिया – साले तुमको नौकरी दिलाकर हम बहुत बड़ी गलती किये।
तुमहारी वजह से बेमतलब समाचार वाले हमको 3 महीने से तनख्वा नहीं दे रहे।
तुम साले Theater में सलमान खान की फिल्म देख रहे हो।
हम सोचे की बाढ़ का Live Report दिखायेंगे तो पुराना Payment Clear हो जायेगा।
पर तुम चंचल…पूरा पनौती बनकर आये हो हमरे जीवन में !!…धत रख फ़ोन।

मनोज रसिया – बेटा तुम Film देख के घर आओ…तुमको गोली से ही मारेंगे।
मनोज ने गुस्से से फ़ोन काट दिया, फिर News Camera Face करते हुए बोला –
तो ये थे आज के बेमतलब समाचार। जा रहे हैं हम…पहले चंचल की खबर लेते हैं।
फिर कल आपको उसका हाल बतायेंगे। तब तक के लिए नमस्कार।
बेमतलब समाचार समाप्त होते हैं !!

लेखक:
रवि प्रकाश शर्मा

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