अभिव्यक्ति की आज़ादी Abhivyakti Ki Azadi – अपनी अभिव्यक्ति Archive

गोरखपुर कांड – हादसा या हत्या !

कल तक जिन बच्चों के गोदी में आने से घर पर खुशिया मनाई जा रही थीं आज उन्हीं के गोदी में आने से गम का माहौल है; फर्क सिर्फ इतना है कल वे बच्चे पैदा हुए थे आज उनका शव है उसी गोदी में। उन मासूम बच्चों की मृत्यु का कारण BRD Medical College

लोकतंत्र, राजनीति में अहंकार का मतलब है – विनाश

सब कह रहे हैं बिहार में इस्तीफा नितीश कुमार नें दिया था, अरे चलो भाई आगे बढ़ो झूठ मत बोलो नितीश कुमार तो आज भी मुख्यमंत्री हैं। हाँ उप मुख्यमंत्री जरुर बदल गया है; पहले थे तेजस्वी यादव अब हैं सुशील मोदी, लेकिन हां जनाब आपकी बात भी सच है कि इस्तीफा नितीश बाबू

पाकिस्तान की जीत पर मातम क्यों ?

” हार जीत तो केवल खिलाडियों के बीच होती है ! पर “खेल” तो हमेशा ही जीतता है !! ” 18 जून को हुए आई सी सी टूर्नामेंट के फाइनल मैच में पाकिस्तान ने भारत को हरा दिया ; हमेशा की तरह इस बार भी सभी भारतवासियों को यह बात नागवार गुजरी है, जिसकी

भारत से हारा पाकिस्तान फिर भी भारतीयों ने की तारीफ

बीते 4 जून 2017 को पाकिस्तान इंडिया की विराट सेना से बहुत बुरी तरह हारा ; बुरी तरह इसलिये क्योंकि पाकिस्तानी टीम 10 या 20 नहीं 124 रनों से टीम इंडिया से हारी। अगले मुकाबले में पाकिस्तान ने पिछली हार से सबक लेते हुए साउथ अफ्रीका को हराया और अपनी जीत से ये एहसास

मेरे प्यारे भाइयों बहनों और मित्रों देश बदल रहा है

“देश बदल रहा है” माननीय प्रधानमंत्री जी के मुख से ये शब्द वाकई सुनने में जितने मधुर लगते हैं हक़ीक़त में ये वो कड़वा शब्द है जो हम सभी हिन्दुस्तानियों के मुँह का स्वाद विगत कई वर्षों से ख़राब करता आ रहा है। भारत बदल रहा है ऐसा केवल हमारे प्रधान सेवक को लगता

21वीं सदी का न्याय

5 साल पहले 16 दिसम्बर 2012, याद है जब निर्भया कांड हुआ था और अभी कुछ दिन पहले दिल्ली से सटे गुरुग्राम मे एक महिला के साथ बलत्कार हुआ और उसके 9 महीने की बच्ची को चलते ऑटो से फेंक दिया गया। एक घटना तमिलनाडु मे भी घटी बिलकुल निर्भया जैसी, ये बातें 21

बिहार बोर्ड का दोस्त

दोस्त वो हैं जो हमको गलती करने से रोकें और अगर जाने-अनजाने कोई गलती हो भी जाए तो उसमें सुधार कैसे करे ये हमें समझाएं , लेकिन फेसबुक के इस दौर मे ऐसे दोस्त बहुत ही कम पाए जाते हैं और जो बचे हैं वो भी विलुप्त हो रहे हैं अहिस्ता – अहिस्ता। आजकल