Achhi Khabaren-अच्छी खबरें पढ़िए हिंदी में Archive

बरगद का पेड़ एक – फायदे अनेक

बरगद का पेड़ प्रकृति का प्रत्येक घटक मानव जीवन के लिए वरदान है। मनुष्य अपने जीवन यापन के लिए संपूर्ण रूप से प्रकृति पर निर्भर है। प्रकृति में व्याप्त हरित सम्पदा हरे पेड़-पौधे हमारे जीवन का आधार हैं। हम सभी जानते हैं कि यह वातावरण को शुद्ध करने का कार्य करते हैं तथापि पेड़

तिरंगा झंडा – राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी रोचक बातें

तिरंगा झंडा हम हिन्दुस्तानियों के कान में जब भी तिरंगा नामक शब्द सुनाई देता है हम समझ जाते हैं कि बात राष्ट्रीय ध्वज की हो रही है। Tiranga Jhanda केवल एक ध्वज नहीं अपितु भारतीयता की आन बान शान है। तिरंगा भारत की पहचान है यह केवल तीन रंगों की पट्टी मात्र नहीं। बात

जिंदगी खूबसूरत है

” थोड़ा है थोड़े की जरुरत है जिंदगी फिर भी यंहा खूबसूरत है। “ फिल्म खट्टा मीठा (1978) का यह गीत आपने भी जरूर सुना होगा। जीवन में संतोष व स्थिरता को दर्शाता हुआ यह गीत बहुत खूबसूरत है। जी हाँ, जिंदगी खूबसूरत है सिर्फ जीवन को देखने व समझने का नजरिया बदलने की

गूगल पर क्या सर्च ना करें ?

दोस्तों हम सभी जानते हैं की गूगल एक सर्च इंजन है। गूगल का कार्य है यूजर द्वारा पूछी गयी किसी क्वेरी का वाज़िब जवाब बतलाना। किन्तु क्या आप जानते हैं की गूगल सर्च इंजन में हमें किस प्रकार की क्वेरी को सर्च नहीं करना चाहिए ! मुझे मालूम है कि आप यह बात नहीं

प्रयागराज अर्धकुम्भ शाही स्नान की तारिख -15 जनवरी 2019 प्रयाग, शाही स्नान क्या है

शाही स्नान क्या है ? शाही स्नान विशेषतः साधु संतों के सामूहिक स्नान को ही कहते हैं। शाही स्नान के दिन साधु संत बड़ी शान शौकत के साथ हाथी, घोड़े, ऊंट, रथ पर बैठकर भारी बैंड बाजों के साथ शहर में घूमते हुए स्नान घाट पर उपस्थित होते हैं। साधू – संतों की यह

प्रयागराज – नाम की धार्मिक विशेषता, महत्ता पर एक नज़र

प्रयागराज भारत का एक ऐसा शहर जो भारतीय संस्कृति, पौराणिकता, शिक्षा, अध्यात्म, सिनेमा, साहित्य और राजनीति सभी दृष्टिकोण से जाना व पहचाना गया। उत्तर प्रदेश राज्य के पूर्वी भाग में स्थित ये शहर भारत के प्राचीनतम शहरों में से एक है। प्रयाग का नाम लेते ही हमारे मन में ये सवाल आता है कि

YouTube के अनाड़ी

भारत समेत विश्व के अन्य देशों में विगत 28 वर्षों में कई व्यापक बदलाव आये हैं जैस सूचना प्रसार के क्षेत्र , विज्ञान के क्षेत्र , शिक्षा रोजगार के क्षेत्र और यहाँ तक की लोगों का रहन सहन भी अब 90 के दशक या उसके पहले जैसा नहीं रह गया। खैर बदलाव ही इस

विजयादशमी जो कि सत्य के विजयी भाव का प्रतीक है

हर साल हम विजयदशमी मनाते हैं रावण को जलाते हैं। उस रावण को जिसका वध बहुत पहले भगवान राम जी ने कर दिया था। मगर उसका या उसके पुतले का दहन हम आज तक कर रहे हैं। उस रावण का दहन देखने को न जाने कितनी भीड़ लगती है। बच्चे , बूढ़े , जवान

इन लेखकों ने बदला वर्तमान भारतीय साहित्य का परिदृश्य

कहा जाता है कि पुस्तकें हमारी सबसे अच्छी दोस्त होती हैं और मुझे नहीं लगता कि आज तक कही जाने वाली सारी बातों में से कोई भी बात ऐसी होगी जो इस बात से ज्यादा खूबसूरत होगी। पुस्तकें समाज का प्रतिबिंब हैं और इन पुस्तकों से ही साहित्य की नींव निर्धारित होती है। भारतीय