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स्कूलों में बढ़ता अपराध और समाज की भागीदारी

हालिया कुछ दिनों में ऐसी घटनायें घटीं हैं जो समाज में हो रहे वैचारिक पतन को दर्शाता है। मेरा इशारा गुरुरगाम व् दिल्ली के स्कूल में हुयी ताज़ा घटना जिसमें एक 7 साल के बच्चे की निर्मम हत्या और एक 5 साल की बच्ची के साथ हुए बलात्कार की तरफ है। यह घटना कोई

कैसे बनेगा हमारे सपनों का भारत ?

सन 1948 से लेकर अब तक भारतवर्ष की प्रगति पर अगर ध्यान दें तो देश में मूल सुविधाओं में कुछ खासा बदलाव नहीं आया है। आज़ादी के 70 वर्षों के बाद भी अगर हमारे नेता अपनी चुनावी सभाओं में बिजली, पानी, दूध, अनाज, तेल, सड़क, यातायात, नौकरी, व्यवसाय, स्कूल, कॉलेज व् सुरक्षा इत्यादि की