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3 महीने की गर्भावस्था

3 महीने की गर्भावस्था 3 Month Pregnancy को हिंदी में जानिये। गर्भावस्था को कुल 3 तिमाही में बांटा गया है – क)- पहले महीने से तीसरे महीने तक के चक्र को – प्रथम तिमाही कहते हैं जिसमें कुल 12 हफ्ते होते हैं।ख)- चौथे महीने से छठे महीने तक के चक्र को – द्वितीय तिमाही

‘नवजात शिशु’ विशेष जानकारियां – पहली बार माता पिता बने दंपतियों के लिए

पहली बार माता पिता बनना जीवन का एक विशेष अनुभव होता है। इस विषय में माता-पिता के मन में कई विचार जन्म लेते हैं, नाना प्रकार के सवाल जन्म लेते हैं जो कि स्वाभाविक भी है। आज हम आपके शिशु की शारीरिक विशेषतायें और व्यव्हार को बतायेंगे जिसे आप अपने नये जन्म लिए बच्चे

भ्रूण गतिविधि गणना – गर्भ में पल रहे बच्चे कि हलचल की गणना कैसे करें

माँ बनना हर स्त्री के लिए आनंद का विषय होता है। कहा भी यही जाता है कि स्त्री तब तक पूर्ण नहीं होती जब तक की वो मातृत्व सुख की प्राप्ति न कर ले। यही कुदरत का नियम भी है जो सिर्फ मनुष्य पर ही नहीं वरन पृथ्वी के हर प्राणियों पर लागू होता

प्रसव पीड़ा संकेत – गर्भवती महिला प्रसव संकेत व लक्षण

पखेरू पर आज का विषय महिलाओं से जुड़ा है। हर स्त्री के लिए माँ बनना एक प्राकृतिक उपहार है जो की नारी के अस्तित्व को पूर्ण करता है। आज हम प्रसव के संकेतों के बारे में जानेंगे, स्वयं एक नारी और माँ होने के नाते मुझे लगता है की हर गर्भवती महिला को प्रसव

कैसे होगा आपका वजन कम ? जानिए वजन घटाने के तरीके

बदलते परिवेश में आम इंसान अनेक रोगों से घिरता जा रहा है फिर वह चाहे स्त्री हो , पुरुष हो , युवा हो या फिर बालक। एक तरफ दुनियां नित दिन तरक्की के मार्ग पर दौड़ती जा रही है तो वहीं एक तरफ मनुष्य समाज रोग और बिमारियों में भी दोगुनी रफ़्तार से तरक्की

पारिवारिक रिश्ते नातों में परख नहीं सम्मान का होना जरूरी

“परखना मत परखने में कोई अपना नहीं रहता” स्वर्गीय श्री जगजीत सिंह जी की बेहद ही खूबसूरत गजल जो कि हमारे जीवन मे बिल्कुल सटीक बैठती है। चूँकि मनुष्य बहूत ही स्वार्थी होता है, हर पल उसे अपने “मैं” की चिंता लगी रहती है; वह जीवन मे स्वयं को सबसे उच्च स्थान देता है

रुक जाना नहीं

इस ब्रम्हांड में सब कुछ चलायमान है और जो चलायमान है वही जीवित है, जो अचल है वह मृत के समान है। यहाँ चल और अचल से तात्पर्य क्रिय और निष्क्रिय से है। नदियां , झरने सदैव बहते रहते हैं यदि उनका बहाव रुक जाए तो जल उपयोगी नहीं होता विषाक्त होता चला जाता

काली – एक प्रेरणादायी कहानी

शाम का वक़्त था , लता रोज की तरह आज भी बकरियां चरा कर अपने घर जा रही थी। हां वो लोग बकरियां पालते थे और मिटटी के बर्तन भी बनाने का काम भी किया करते थे। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, घर में माँ-पिताजी व दो छोटी बहनें और एक छोटा

सच्चे प्यार की तलाश होगी तब पूरी, जब साथी में दिखेंगी यह निशानियां

Kya Apko Bhi Hai Sachche Pyar Ki Talash ? आजकल की, भागदौड़ की जिंदगी में हर कोई पैसा कमाने के पीछे इस तरह से व्यस्त हो गया है, कि उसे अपनी सेहत और जिंदगी का ख्याल ही नहीं है। परंतु जब कभी भी उसे अकेलापन महसूस होता है, तो उसे ख्याल आता है कि

5 सितम्बर – शिक्षक दिवस या शिक्षा बाजार दिवस ?

गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय। बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय। गुरु को समर्पित इस दोहे से पूर्णरूप यह स्पष्ट होता है कि गुरु का स्थान ही सर्वोपरि होता है। भारत में आदिकाल से ही ‘गुरु शिष्य’ परम्परा चली आ रही है और निसंदेह गुरु का स्थान पूजनीय होता है। प्रत्येक वर्ष