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मन कहता है पंछी बन जाऊं

मन कहता है, पंछी मन सा सुदृढ़ मैं बन जाऊं पंख बिना ही उच्च गगन की सीमा को छू आऊं । कभी तपूं मैं सूर्य ताप में, तेज हवाओं से टकराऊंबढ़ती रहूं संघर्ष करूं, तिनका-तिनका जोड़ एक घोंसला बनाऊं । पीछे छोड़ आडंबर सारे, निश्छल सहज भाव अपनाऊंमन को बांधे मन की जंजीरे, सब

मुस्कुराने की वजह आप खुद हैं

दोस्तों जीवन में खुश रहना है तो मुस्कुराना सीखिए। अपने मुस्कुराने की वजह आप खुद बनें। “मुस्कुराहटें गुम हैं परेशानियों की भीड़ में,मेरे मन का शहर कुछ उदास सा रहता हैं “ भागती दौड़ती जिंदगी और जिंदगी की भागदौड़ में ‘परेशान’ से लोग ही अब देखने को मिलते हैं। खुश रहने की वजहों की

तुमसे पहले मेरी मैं हूं

सहेलियों आज का मेरा यह लेख बेहद नारीप्रधान है। मेरी लिखी एक छोटी सी कविता मुझ जैसी सभी नारियों को समर्पित है। मुझे विश्वास है कि मेरी काव्य रचना प्रत्येक स्त्री को उसके अस्तित्व की याद जरूर दिलाएगी। शीर्षक – तुमसे पहले मेरी मैं हूं .. तुमसे पहले मेरी मैं हूं, अब खुद पर

श्री कृष्ण जन्माष्टमी – महोत्सव विशेष

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत । अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥४-७॥ परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् । धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥४-८॥ (गीता अध्याय 4 का श्लोक 7 एवम 8) भावार्थ: जब जब इस धरती पर धर्म की हानि होती है, जब जब अधर्म बढता है तब तब धर्म की रक्षा हेतु मैं स्वयं

हिंदी कविता – जिंदगी एक किताब

जिंदगी में चलते-चलते जब भी हम कहीं ठहरते हैं तब जिंदगी के किताब के पिछले पन्नों को जरूर पलटते हैं। जरूरी भी है, तभी हम स्वयं को समझ पाते हैं आगे हमे क्या लिखना है अर्थात किस दिशा में जीवन जीना है, यह जान पाते हैं। जिंदगी ‘एक किताब’ जिंदगी की किताब में पन्ने

चिंटू चायवाला

चिंटू उम्र 6 वर्ष, शरीर पर धूल-मिट्टी लगाए घर में घुसते हुए माँ…ओ माँ..सुन ना! माँ मुझे भी पढ़ना है, स्कूल जाना है पढ़-लिख कर बड़ा आदमी बनना है। रामवती (चिंटू की माँ) आश्चर्य से चिंटू की ओर देखते हुए!! क्या बोल रहा हैं, कौन बोला तुझको को ये सब, पढ़ना हैं बड़ा आदमी

3 महीने की गर्भावस्था

3 महीने की गर्भावस्था 3 Month Pregnancy को हिंदी में जानिये। गर्भावस्था को कुल 3 तिमाही में बांटा गया है – क)- पहले महीने से तीसरे महीने तक के चक्र को – प्रथम तिमाही कहते हैं जिसमें कुल 12 हफ्ते होते हैं।ख)- चौथे महीने से छठे महीने तक के चक्र को – द्वितीय तिमाही

‘नवजात शिशु’ विशेष जानकारियां – पहली बार माता पिता बने दंपतियों के लिए

पहली बार माता पिता बनना जीवन का एक विशेष अनुभव होता है। इस विषय में माता-पिता के मन में कई विचार जन्म लेते हैं, नाना प्रकार के सवाल जन्म लेते हैं जो कि स्वाभाविक भी है। आज हम आपके शिशु की शारीरिक विशेषतायें और व्यव्हार को बतायेंगे जिसे आप अपने नये जन्म लिए बच्चे

भ्रूण गतिविधि गणना – गर्भ में पल रहे बच्चे कि हलचल की गणना कैसे करें

माँ बनना हर स्त्री के लिए आनंद का विषय होता है। कहा भी यही जाता है कि स्त्री तब तक पूर्ण नहीं होती जब तक की वो मातृत्व सुख की प्राप्ति न कर ले। यही कुदरत का नियम भी है जो सिर्फ मनुष्य पर ही नहीं वरन पृथ्वी के हर प्राणियों पर लागू होता

प्रसव पीड़ा संकेत – गर्भवती महिला प्रसव संकेत व लक्षण

पखेरू पर आज का विषय महिलाओं से जुड़ा है। हर स्त्री के लिए माँ बनना एक प्राकृतिक उपहार है जो की नारी के अस्तित्व को पूर्ण करता है। आज हम प्रसव के संकेतों के बारे में जानेंगे, स्वयं एक नारी और माँ होने के नाते मुझे लगता है की हर गर्भवती महिला को प्रसव