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हिंदी कविता – मेरी पहचान

हिंदी कविता – मेरी पहचान मेरी पहचानमेरे पिता मेरी पहचान हैं,मेरे सपनों की उड़ान हैं।मेरे नन्हें कदमों की आहट पर,मचलते उनके अरमान हैं।। मुझको उन्होंने खूब पढ़ाया,कुछ बनने के काबिल बनाया।सच की राह पर मुझे बढ़ाकर,चुनौतियों से जूझना मुझे सिखाया।। मुझको बढ़ते देखकर उनके,चेहरे पर आई मुस्कान है।आने वाले कल में मुझको,बनना उनकी पहचान

मदर्स डे हिंदी कविता – ममता की मूरत माँ

मदर्स डे हिंदी कविता – ‘ममता की मूरत माँ’ ममता की मूरत है मां,और प्रेम का है सागर।चोट लगे जो बच्चों को तो,छलके उसके नैन का गागर।। अपने बच्चों की थामकर उंगली,चलना उसने सिखलाया।देख मुख मंडल हर्षित हो,कई सपना मन में सजाया।। अपने बच्चों का भरती पेट,भले स्वयं भूखे ही रह जाती।यही माता अंबा

कोरोना का रोना मत रोना – हिंदी कविता

हिंदी कविता – “कोरोना का रोना मत रोना” कोरोना का रोना मत रोना,मिलकर करो इस पर प्रहार।सावधानी बरतो सुरक्षित रहो, और करो इसका संहार। प्रिवेंशन इज बेटर देन क्योर,सावधानी रखो और हो जाओ श्योर।इस वायरस का होगा अंत,ढलेगी निशा और होगी भोर। मास्क का इस्तेमाल करो और,सैनिटाइजर का करो प्रयोग।सफाई का रखो ध्यान,कोरोना का

आजादी की सांस – हिंदी कविता, 15 अगस्त विशेष

कितने शहीदों ने जब काल मुख में कदम रखातब जाकर आजादी का स्वर्णिम फल हमने चका लक्ष्मीबाई ने किया आह्वानजागो जागो हिंदुस्तानमंगल पांडे ने बिगुल बजायाहिंदू मुस्लिम तब होश में आयाभगत राजगुरु और सुखदेव नेहंसते-हंसते दे दी जान आजाद ने बंदूक की आखिरी गोलीअपने ही जिस्म में दे दी उतारबेकार नहीं गई उनकी कुर्बानीजन-जन

हिंदी कविता – फनी तूफान

फनी तूफान फनी के फन को कुचलना हैना देख इसे दहलना हैभले जोर-जोर से करे फूफ़कारकरे शोर भले यह बार-बारहम सब भी खड़े हैं तैयार करेंगे इसकी चुनौती को सहर्ष स्वीकारअपनी हिम्मत है फौलादना तोड़ पाएगा कोई तूफानयह डाल-डाल तो हम पात-पातकरेंगे मुकाबला हम साथ-साथ अपनी एकता को देख करहर संकट जाएगा दूर हटहम

‘हर राष्ट्र का नमन’ – हिंदी कविता

कविता शीर्षक – “हर राष्ट्र का नमन” हम युद्ध नहीं अमन चाहेंहरे राष्ट्र का नमन चाहेंचाहे रहें यहाँ चाहे रहें वहाँचाहे विश्वशांति नहीं जंग चाहें अमन के दुश्मन हो जाओ तैयारआके गले मिलो फेंको हथियारबहे प्रेम रूपी सुधा की धारखुशियों की हो सदा बौछार क्या रखा है खून खराबे मेंना आओ किसी के बहकावे

हो तेरा सम्मान – हिंदी कविता

हिंदी कविता – “हो तेरा सम्मान” जीने को जब चाहिए रोटी , कपड़ा और मकान फिर लोभ , मोह के चक्कर में क्यों फंस गया इंसान अपने प्रतिबिंब के रूप में ईश्वर ने रचा इंसान और उसके कुकृत्य को देख दंग हो रहा भगवान डोल रही है धरती झुक रहा आसमान अपने सत्कर्मो से

बेरोजगारी का सफर – हिंदी कविता

बेरोजगारी ने इतना समय लिया लंबा अब तो डिग्री लगे बस कागज का पन्ना कितने दिए इंटरव्यू कितने एग्जाम मिला ना अब तक कोई अच्छा काम अब तो प्राइवेट नौकरी भी मांगे एक्सपीरियंस देगा भला कौन पहला एक्सपीरियंस घिस गया चप्पल टूट गया जूता मिला नहीं फिर भी कोई काम ढंग का समझ नहीं

करुण कविता – नेक मुर्गा

करुण कविता – ‘नेक मुर्गा’ अपने मालिक की भूख से बेहाली देख मुर्गे की आंखों में आया पानी सोचा इसी घर में खाया चुग-चुग कर दाना आज मालिक के काम है आना भूख से दिन बीते हैं चार मालिक मेरा हुआ बीमार मालिक को मुझे बचाना है नमक का कर्ज चुकाना है सोच गया

उम्मीद की किरण – हिंदी कविता

हिंदी कविता शीर्षक – “उम्मीद की किरण” निराशा के घोर अंधेरे के बीच उम्मीद की एक किरण झिलमिलाती है वहीं किरण लौ फिर मसाल बन जीवन को जगमगाती है हे मानव हिम्मत ना हार समस्या करे प्रहार पर प्रहार खुशियां कदम चूमेगी तेरी लक्ष्य पर नजर तू डाल हर समस्या का समाधान उसके आसपास