संपादकीय Hindi Editorial – हिंदी में पढ़िए Archive

मजदूरों को मिले जीवन परामर्श

मजदूरों को मिले जीवन परामर्श कोरोना महामारी (कोविड-19) के तहत देश 25 मार्च 2020 से लॉकडाउन में है।लॉकडाउन जनहित को ध्यान में रखकर जारी किया गया ताकि स्वस्थ लोगों की जान Covid-19 नाम की बिमारी से बचाई जा सके। चूँकि कोरोना एक संक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में ट्रांसफर हो

भारत में डॉक्टरों का आभाव क्यों ?

भारत एक ऐसा अधूरा देश है जो आज़ादी के 73 वर्षों बाद भी पूरा देश नहीं बन पाया।सच कहूं तो मैं भारत की आज़ादी को आज़ादी मानता ही नहीं, क्योंकि यह आज़ादी न होकर केवल ‘पॉवर हैंडओवर’ था। अर्थात, अमीर अंग्रेज़ों ने भारत की बागडोर एक अमीर भारतीय के हाँथ में सौंप दी बिना

V से विज्ञान और वाइरस

क्रिया प्रतिक्रिया का नियम मेरे ख्याल में एक मात्र ऐसा विज्ञान का सिद्धान्त होगा जो कि एक दम कोरोना से मेल खाता है, केवल एक दो नहीं बल्कि कई मायनों में। अब देखिये क्रिया प्रतिक्रिया ही एक मात्र ऐसा कान्सेप्ट है जो हर एक वर्ग, हर एक जाति अनपढ़ गंवार गांव शहर; हर जगह

वामपंथ Left Wing और दक्षिणपंथ Right Wing विचारधारा Ideology in India – क्यों वामपन्थी नहीं स्वीकारना चाहते राष्ट्रवाद Nationalism ?

भारत में राजनीति का इतिहास बहुत ही गहरा है जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। मुख्यतः लोगों को सिर्फ इतना ही पता है कि हिंदुस्तान में राजनीति केवल BJP और Congress कि व्यक्तिगत लड़ाई है और यह इन्हीं दो पार्टियों तक ही सिमित है। भारत वो देश है जहाँ के हालात

जीवंत रिश्तों का क़ातिल – पोर्नोग्राफी

विश्व में जब से सूचना-प्रौद्योगी क्रांति द्वारा सूचनायें सर्वसुलभ होने लगी है, तब से समाज में नवचेतना के साथ कई तरह की विसंगति भी देखने में आयी है। तकनीक ने जंहा एक ओर जीवन को नवीन जानकारी एवम संसाधन पूर्ण बनाया है, वंही सामाजिक बुराईयों को भी नये कलेवर के साथ पेश किया है।

कॉर्पोरेट सर्कस और रिंग मास्टर का खेल

एक बार, एक हाथी का बच्चा शहर से सटे जंगल में विचरण कर रहा था। बच्चा बेहद छोटा था अतः वह अपनी मस्त नटखट चाल से इधर-उधर टहल रहा था। कुछ दूर ऐसे ही घूमते फिरते वह अचानक एक गड्ढे में जाकर गिर जाता है। हाथी का बच्चा अकेला था, वहां उसके आस-पास अन्य

आरक्षण के ‘व्हीलचेयर’ पर बैठा देश का युवा

दिन शनिवार, दिनांक 29 दिसंबर 2018 के दिन देश के प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ीपुर पहुंचे जहाँ उन्होंने हमेशा की तरह जनसभा को संबोधित किया। संबोधन के उपरांत जब पुलिस कर्मी अपने खेमे के साथ वापस लौट रहे थे तो उनपर कुछ अराजक तत्वों ने पथराव करना शुरू कर दिया। पथराव इतना तेज़ था

अपने अंदर के रावण का दहन करें

दशहरा हम सभी जानते हैं कि दशहरा पर हमेशा से रावण दहन की परंपरा रही है। रावण दहन, जी हाँ ! रावण का दहन करके इस मान्यता को जोड़ा जाता है कि बुराई पर हमेशा अच्छाई की जीत होती है, सच हमेशा झूठ सेआगे रहता है। लेकिन क्या सिर्फ Ravan Dahan करके ही हम

वृद्धाश्रम: एक अभिशाप

वृद्ध-आश्रम का इंग्लिश नाम है “ओल्ड एज होम” या यूरोप में इन्हें “रिटायरिंग रिट्रीट” भी कहा जाता है; इस रिट्रीट में मानसिक, आर्थिक सुरक्षा दी जाती हैं। मेडिकल सुविधाएँ हैं, मनोरंजन के साधन हैं इत्यादि, बस एक संपूर्ण घरेलू वातावरण नहीं जो कि यूरोपियन या वहाँ की संस्कृति को ज़्यादा ज़रूरी नहीं होती है।

तबलीग़ी पर मौलाना ज्ञान क्यों हावी ?

‘तबलीग़ी‘, यह शब्द बेहद सुन्दर है। तबलीग़ी का अर्थ होता है ‘अल्लाह‘ की बतायी बातों को लोगों तक पहुँचाना। अर्थात, जो बातें अल्लाह ने कही हैं उनकी बातों को लोगों तक जाकर प्रचारित करना और उन्हें धर्म ज्ञान देना। आप इसे सीधे शब्दों में कह सकते हैं अल्लाह के बतलाये ज्ञान को लोगों में