विद्यार्थी और परीक्षा – कैसे करें परीक्षा की तयारी, किन बातों का ध्यान रखें विद्यार्थी

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मेरे प्यारे विद्यार्थियों, शिक्षा सत्र 2017- 18 अपने समापन की ओर है और अगले सप्ताह से बोर्ड की परीक्षायें शुरू होने वाली हैं, परीक्षा को लेकर अक्सर विद्यार्थियों और अभिभावक परेशान नज़र आते हैं। इस स्थिति में अभिभावकों का चिंतित होने और उनका बच्चों के प्रति कर्तव्य निर्वाहन की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उनका बच्चों के प्रति ये चिंता जायज है क्योंकि यदि इस दौरान बच्चों का स्वास्थ्य खराब हो जाये तो परीक्षा की पूरी तैयारी पर पानी फिर सकता है। इस बारे में विद्यार्थियों को स्वयं अपनी सेहत और तैयारियों को लेकर सजग रहना अत्यंत आवश्यक है।

इस दौरान विद्यार्थियों को सरलता से पच जाने वाले शाकाहारी भोजन जिसमे पोषक तत्त्व निहित हो, ही लेनी चाहिए और फ़ास्ट फ़ूड से जितना दूर रहें उतना ही अच्छा होगा। परीक्षा के दबाव में विद्यार्थियों को नियमित दिन चर्या का विशेष ख्याल रखना चाहिए और सभी विषयों को उचित समय देते हुए उन्हें वैज्ञानिक तरीके से पढ़ने और समझने का प्रयास करना चाहिए। इस दौरान आप सभी विद्यार्थियों को 6 से 7 घंटे की पर्याप्त नींद लेनी चाहिए जिससे आप को स्ट्रेस से राहत तो मिलेगी ही एक नई ऊर्जा का आभास भी होगा।

इस दौरान अभिभावकों से अनुरोध है कि वो परिवार में अव्यवस्थित या टेंशन का माहौल न बनाएं क्योंकि घर के वातावरण का विद्यार्थियों के मन पर गहरा प्रभाव देखने को मिलता है और वे व्यर्थ के चिंतन से अपनी संचेतना और दिमाग को एकाग्र न कर सकेंगे और दिग्भ्रमित जैसी स्थिति पैदा हो जाएगी।

विज्ञान या साइंस जैसे विषयों को अच्छी तरह से तैयार करने के लिए अंसाल्वड पेपर को समय निर्धारित कर हल करने का प्रयाश करें और सॉल्व पेपर के माध्यम से उन्हें उत्तर देने का और कितना उत्तर देना है इसका अभ्यास करें। चित्रों को कई बार बनाकर उन्हें अभ्यास करें और आंकिक प्रश्नों को हल करने के लिए उनसे संबंधित सूत्रों का भलीभांति प्रयोग करना सीखें क्योंकि सिर्फ सूत्रों को रटने से उनका प्रयोग उचित प्रकार से आप नही सीख पाएंगे।

गणित विषय के लिए लांग उत्तर वाले पश्नो को रफ कॉपी में हल करते हुए सूत्रों के प्रयोग को समझें क्योंकि बोर्ड में पूछे गए सवाल सूत्रों पर आधारित होते हैं अतः सूत्रों का सही उपयोग करना सीखना आपको अच्छे अंक दिलाने में आपकी मदत करेगा।

और इन सब के अलावां याद रखिये ” Practice makes a man Perfect.”

और कभी भी हार मत मानिये अपनी अंतरात्मा की आवाज को सुनिए और यथासंभव वो सारे प्रयत्न करते रहिए जो आपकी सफलता का कारक बन सकते हों।

लेखक:
मनोज मिश्र


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