भारत में डायबिटीज – क्यों होता है मधुमेह, क्या है बीमारी के लक्षण व बचाव

जैसे जैसे इंसानी सभ्यता नें तरक्की की वैसे वैसे हमारी जीवन शैली अर्थात Life Style में भी परिवर्तन आते गए। एक दौर था जब हिन्दुस्तान में लोग खेतों में काम किया करते थे, दिन में कई मील पैदल ही चला करते थे। उस ज़माने में महिलाएं हों, बच्चे हों, युवा हों या फिर बुजुर्ग सभी के पास शारीरिक कार्य ज्यादा हुआ करता था। Physical Work या Physical Activity इतनी हुआ करती थी की व्यक्ति स्वास्थ के दृष्टिकोण से एक दम दुरुस्त व Healthy Fit रहता था। पर जैसे जैसे मानव विकास और तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ा Physical Activities में गिरावट आती चली गयी। शारीरिक परिश्रम कम होने की वहज से मानव शरीर में रोग उत्पन्न होने शुरू हो गए जिसमें से एक प्रमुख रोग है “मधुमेह” जिसे अंग्रेजी भाषा में “Diabetes” भी कहते हैं। दुनियां की नजर में Diabetes नामक बीमारी का पता तो कई वर्ष पहले लगाया जा चुका है, पर इस बीमारी का कोई पुख्ता हल अभी तक नहीं निकला। केवल भारत की बात करें तो हमारे देश में वर्ष 2000 के आंकड़ों के अनुसार 31.7 Millions लोग इस बीमारी से पीड़ित पाय गए, आज हम 2018 में प्रवेश कर चुके हैं। आपको जानकर हैरानी होगी की 2030 तक भारत में diabetes patients की संख्या 79.4 Million तक हो जाएगी। भारत में डायबिटीज मरीजों की संख्या विश्व के अन्य देशों के मुकाबले सर्वाधिक है, इसके बावजूद सरकार के द्वारा इसकी रोकथाम के लिए कोई माकूल प्रयास नहीं किये जा रहे हैं।

Diabetes Patients in India की अगर हम बात करें तो ये बीमारी कभी 40 से 50 वर्ष के आयु वाले लोगों में ही पायी जाती थी, पर आज के आंकड़े हमे बताते हैं की बड़े बुजुर्गों के अलावा छोटे बच्चे और युवा भी इस गंभीर बीमारी के चपेट में आते जा रहे हैं जिससे मधुमेह पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि होती चली जा रही है।

डायबिटीज हिंदी में जानिए Kyon Hota Hai Diabetes

मधुमेह होने का कारण (Cause of Diabetes): इसका कोई एक कारण नहीं हो सकता पर डायबिटीज होने का सबसे बड़ा कारण है हमारी “पेंक्रियाज ग्रंथी” का ठीक से काम न करना। आखिर ऐसा क्या होता है की हमारे शरीर की “Pancreas Gland” ठीक से काम करना बंद कर देती है। इस विषय पर शोध जारी है उम्मीद है भविष्य में कोई उचित उपचार Medical की दुनियां में आएंगे जिससे Diabetes Disease पर काबू पाया जा सके।

पेंक्रियाज ग्रंथि जिसमें से कई प्रकार के Hormone बाहर निकलते हैं उन्हीं हॉर्मोन में से 2 हॉर्मोन हैं Insulin और Glucagon. इंसुलिन हमारे मानव शरीर के लिए बहुत उपयोगी पदार्थ है इसके माध्यम से ही हमारी रक्त कोशिकाओं को शुगर की प्राप्ति होती है। Insulin की गैरमौजूदगी से हमारे शरीर में व्याप्त रक्त कोशिकाओं को Sugar नहीं मिल पायेगा अर्थात इसका होना जरूरी है जिससे रक्त कोशिकाएं शुगर प्राप्त कर सकें।

यह हम सभी जानते हैं की हमें काम करने के लिए Energy की आवश्यकता होती है अगर हमारे शरीर में एनर्जी न हो तो हम हमेशा थकान का अनुभव करेंगे। Insulin Hormone ही बॉडी में व्याप्त रक्त कोशिकाओं को शुगर प्रदान कर उनमें एनर्जी देती है। चूँकि इन्सुलिन हॉर्मोन पेंक्रियाज ग्रंथि से उत्पन्न होता है इसलिए पेंक्रियाज ग्रंथि का ठीक से कार्य करना आवश्यक है। Pancreas Gland के ठीक से व्यवहार न करने से Insulin Hormone कम होने लगते हैं या बिलकुल बंद हो जाते हैं जिससे Body में Energy नहीं रहती और मनुष्य कमजोर होने लगता है। बॉडी में इन्सुलिन हॉर्मोन का कम निर्माण होने से सेल्स को ताकत नहीं मिलती यही आगे चलकर Diabetes Disease का कारण बनता है। चक्कर आना, बेहोश हो जाना या फिर अचानक दिल की धड़कनों का तेज़ हो जाना Body में Insulin Hormone की कमी को दर्शाता है।

यह तो हम जान गए की Pancreas Gland और Insulin Hormone के ठीक से कार्य न करने से हमारे शरीर में Sugar का balance बिगड़ जाता है और हम Diabetes जैसी बीमारी के शिकार हो जाते हैं। शुगर होने की अवस्था में मरीज के रक्त में शुगर अत्यधिक रूप से जमा होने लगता है, sugar की अधिकता हमें कमजोर बनाने लगती है जिससे हम कोई शारीरिक कार्य करने में असक्षम होने लगते हैं। हमारी लगातार गिरती क्षमता, रक्त में शुगर की मात्रा को बढाती चली जाती है फलस्वरूप इसका निष्कासन केवल मूत्र के जरिये ही हो पाता है; इस अवस्था में मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को बार बार पेशाब आने लगता है।

हमने पहले भी कहा की Diabetes के अन्य कारण भी होते हैं जैसे की अनुवांशिकता। Diabetes एक Genetic बीमारी भी है, यदि किसी व्यक्ति के परिवार में पहले से ही किसी पारिवारिक सदस्य को डायबिटीज रही है तो उस परिवार में जन्म लेने वाले बच्चों में डायबिटीज बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टरों के कहे अनुसार Type 1 और Type 2 Diabetes होतीं हैं जिसमें व्यक्ति या बच्चे को अलग अलग तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है।

Life Style Changes और Obesity भी जिम्मेदार है diabetes बीमारी के। दिन प्रतिदिन मानवीय दिनचर्या में बदलाव होते जा रहे हैं जिससे बच्चे, युवा-युवती, घरेलु महिलाएं, कामकाजी महिलाएं व पुरुष के साथ साथ बूढ़े लोग मोटापे का शिकार होते जा रहे हैं। वजन का बढ़ना और शरीर का फूला हुआ होना मधुमेह जैसी घातक बीमारी को न्यौता देता है। अधिक व्यस्तता के कारण समय पर खाना न खाना, Junk Food का अधिक सेवन, व्ययायाम न करना, मन में अधिक चिंता का होना, खेल कूद से दूर होना आदि Diabetes Disease की ओर अग्रसर करता है। घर में सभी सदस्यों को यह चाहिए की वे अपनी दिनचर्या को नियंत्रित करें और शारीरिक क्रियाकलाप, अधिक पानी का सेवन, फल और जूस का सेवन, दौड़ना खेलना या जिम जाना इत्यादि कार्य प्रतिदिन करें। अगर आप बाहर नहीं जा पाते हैं तो कम से कम घर में Yoga आसनों को जरूर करें और दिन या रात के भोजन के बाद तुरंत बिस्तर पर न जाएं।

अपने शरीर को स्वस्थ रखने का एक और तरीका भी है, की कुछ उपकरण आप अपने घर में रखें जिससे की आप अपनी हेल्थ को खुद चेक कर सकें। अन्य Medical Products के साथ साथ Diabetes Health Care Products भी बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं आप उनको अपने घर में रख सकते हैं। Blood Pressure Check Machine, Sugar Check Machine, Diabetic Foot Care Products, Diabetic Care Products, Weight Checker Machine आप खरीद कर घर में ही रखें। इन उपकरणों के अलावा मधुमेह से सम्बंधित अन्य उपयोगी खाद्य वस्तु जैसे Sugar Free Natura Sachet, Sugar Free Gold Pellet, Sugar Free Gold Powder को भी अपने घर में रखें, अगर आपको जरा सा भी शुगर की शिकायत है तो। यह सभी उपकरण या खाद्य पदार्थ का आप सेवन कर सकते हैं पर Doctor की सलाह आवश्यक है। Hospital या अपने नजदीकी Doctor Clinic में जाकर आप डॉक्टर से परामर्श जरूर लें। बाजार में यह सभी वस्तुयें Online और Offline दोनों जगहों पर मौजूद हैं आप अपनी सुविधानुसार इन्हें खरीद सकते हैं। Amazon, Flipkart जैसी प्रसिद्ध Websites के अलावा भी अन्य कई Online Websites हैं जिसमें से एक Mahalaxmi Medicos भी Health Care Products को बेचती है। आप अपनी स्वैच्छा से कहीं से भी Home Medical Devices को Purchase कर सकते हैं।

याद रहे हर बीमारी की जड़ है हमारी बदलती दिनचर्या और शारीरिक कार्यों में कमी है। अतः आज से ही आप यह संकल्प लें की उचित खानपान के अलावा आप प्रतिदिन व्ययायाम भी करेंगे जिससे बीमारी आपसे मीलों दूर रहे और आप सदा के लिए निरोग रहें। स्वयं में बदलाव लाकर हम अपने आस पास के माहौल को भी बदल सकते हैं आखिर Health Is Wealth ऐसे ही नहीं कहा गया।

लेखक:
रवि प्रकाश शर्मा

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