हृदयगति रुकना – हार्ट फेल कैसे होता है !

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Heart Failure in Hindi

क्या आप जानते हैं Heart Fail Kaise Hota Hai ?

हृदयगति का रुक जाना, जी मित्रों आज पखेरू का विषय स्वास्थ्य से जुड़ा है जहां हम चर्चा करने जा रहे हैं Congestive Heart Failure जैसे ख़तरनाक विषय की। वर्ष 2016 के आंकड़े हमें बताते हैं की भारत की कुल आबादी में से करीब 28.1 प्रतिशत होने वाली की मौत का कारण “दिल का रोग” है।

Cardiovascular Heart Disease की समस्या भारत में गंभीर रूप ले रही है। कभी शहरों तक सीमित रहने वाली यह भयानक बीमारी भारत के ग्रामीण इलाकों में भी अपने पैर पसार रही है। 30-70 वर्ष के व्यक्ति जिसमें युवा और बुजुर्ग दोनों ही शामिल हैं वे इसका शिकार हो रहे हैं। इन मौतों का कारण ‘कोरोनरी हृदय रोग’ और ‘हार्ट स्ट्रोक’ है।

Congestive Heart Failure को हिंदी में रक्ताधिक्य हृदयपात कहते हैं, आम बोलचाल में इसे हृदयगति का रुक जाना कहते हैं। इस समस्या में ह्रदय की मांसपेशियां बेहद कमजोर हो जाती हैं, जिसकी वहज से वे ह्रदय को उतनी ताक़त व शक्ति से पंप नहीं कर पाती जितनी उसको जरूरत है। यदि ह्रदय अच्छी तरह पंप ना हो पाय तो आपके फेफड़ों में रक्त का प्रवाह धीमा हो जायेगा और शरीर के अन्य अंगों में तरल पदार्थ एकत्रित हो जायेगा।

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दिल की धड़कन का अचानक रुक जाना, हार्ट अटैक

आम तौर पर यह लक्षण दिखाई देने का सदैव ये अर्थ नहीं होता है की आपके ह्रदय ने पंप करना बंद कर दिया है; किन्तु हां इसे नज़र अंदाज़ नहीं करना चाहिए। आपको यह जानना जरूरी है की अपने रोग पर कैसे नियंत्रण करना है।

हृदयगति रुकने के कारण क्या हैं ?
What are the causes of cardiac arrest

  • यदि आपको पहले से कोई ह्रदय रोग है तो
  • यदि आप उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) से पीड़ित हैं
  • यदि आपके ह्रदय वॉल्व में समस्या है तो
  • यदि आप फेफड़े संबंधी रोग से ग्रस्त हैं तो
  • छाती में किसी तरह का संक्रम या विषाणु
  • शराब, मदिरा आदि का नियमित अधिक मात्रा में सेवन करना
  • नशीली दवाईयों का नियमित रूप से सेवन करना
  • जन्म से ही ह्रदय की बीमारी होना
  • थायरॉइड या फिर गुर्दे की समस्या का होना

ऊपर लिखे 9 बिंदुओं को पढ़कर आप जान गए होंगे की Heart Fail Kaise Hota Hai, दिल की धड़कनों का अचानक बंद हो जाना, स्ट्रोक आना या हार्ट फेल कर जाना अचानक नहीं हो जाता। हार्ट फेल होने के कारण कई होते हैं, जिसमें पहला कारण तो यही है की हम heart disease की समस्या से पहले ही पीड़ित हों या फिर बीमारी के लक्षण को बार बार नज़रअंदाज़ का उसे इतना गंभीर बना चुके हों की वह एक दिन हमारे दिल के अटैक होने का कारण बन जाय।

हमारा शरीर किसी भी बीमारी के होने का संकेत देता है मगर हमारी बार बार की लापरवाही उसे गंभीर व जानलेवा बना देती है। हार्ट फेल क्यों होता है और कैसे होता है यह तो जान चुके, अब चलिए अपना खयाल कैसे रखें यह जानते हैं –

आप अपना खयाल कैसे रखें ?

अगर आपको यह पता है की आप ह्रदय की समस्या से पीड़ित हैं तब आप अपने प्रति सजग हो जायें।

  • अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें और उनकी दी दवाईयां नियमित रूप से ग्रहण करें।
  • प्रतिदिन एक समय पर अपना वजन करें और उसे रोज लिखकर रखें, ताकि आप अपने वजन की अनियमितता आपको ज्ञात रहे।
  • भोजन और पेय पदार्थों में नमक हल्का कर दें तो बेहतर।
  • अपने ह्रदय की अनुभव को रोज महसूस करें।
  • व्यायाम की आदत बनायें और आराम करने की भी आदत बनायें, खासकर आप ह्रदय रोगी हैं तो।
  • ह्रदय रोगी हमेशा के लिए धूम्रपान छोड़ दें।
  • हर वर्ष फ्लू का टीका लगवायें, न्यूमोनिया आदि समस्या होने पर अपने डॉक्टर से बात करें।
  • तरल पदार्थों का सेवन अपने डॉक्टर के निर्देशों के अनुरूप ही करें।

निन्मलिखित समस्या के होने पर आप अपने डॉक्टर या नजदीकि अस्पताल को कॉल करें:

वजन का बढ़ जाना: यदि आपका वजन एक दिन में 1 किलोग्राम बढ़ जाना या 5 दिनों में 2 से 3 किलोग्राम तक बढ़ जाना।

सूजन: यदि आप ऐसा महसूस कर रहे हों की आपके जूते, कमरबंद व अँगूठी तंग हो रहे हैं या आपके हाथों, पैरों और पेट में सूजन महसूस करते हैं तो।

साँस का फूलना: यदि आप जल्द थक जाते हैं और सासें तेज़ फूलने लगती हैं तो।

सोते समय: यदि आप सिरहाने ज्यादा तकिया लगाते हैं तो या फिर आपको कुर्सी पर सोना पड़ता हो।

खाँसी: रात के समय खाँसना, बलग़म का बढ़ जाना या सीने में रक्त का जम जाना।

कमज़ोरी: अगर आप अधिक थकावट या कमजोरी महसूस करते हैं तो।

भूख पेशाब: अगर आपकी भूख कम हो गयी हो या आप पहले से कम पेशाब करते हों।

घबराहट: आपको चक्कर आना या हमेशा घबराहट का होना।

ह्रदय की समस्या अचानक नहीं पैदा होती, हां ये बात और है की किसी को जन्म से दिल की कोई बीमारी हो या उसमें कोई विकृति हो। मगर आम सामान्य इंसान अचानक ही ह्रदय का रोगी नहीं बन सकता। हमारी अनियमित दिनचर्या, भोजन खान पान, मदिरा बीड़ी सिगरेट का सेवन, नींद की कमी इत्यादि की आदतें दिल के रोग को जन्म देती हैं।

ध्यान देने योग्य:

यदि आराम करते समय आपकी साँस फूलती है और सीने में दबाव, दर्द व जकड़न महसूस होता है तो यह गंभीर लक्षण है। इस लक्षण के दौरान आपके दिल की धड़कनों का तेज़ी धड़कना या अनियमित हो जाना प्रायः देखने में आता है। कई मामलों में पीड़ित व्यक्ति बेहोश भी हो जाता है। अतः आप इसे बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ ना करें और अपने दिल की जांच अच्छे अस्पताल में जाकर करायें फिर उनके दिए निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

Heart Fail पर आधारित इस लेख में केवल इतना ही। मुझे उम्मीद है की Heart Failure से संबंधित सभी प्रमुख बिंदुओं को अपने उजागर कर दिया होगा। सबके कुशल स्वास्थ्य की कामना करते हुए, हम बस इतना ही चाहेंगे की आप किसी को समस्या को नज़रअंदाज़ ना करें क्योंकि “जान है तो जहान है” !!

नोट** इस लेख का मकसद केवल आपको जागरूक करना है। इसमें लिखे गए लक्षणों के आधार पर स्वयं को दिल का रोगी ना समझें; मिलते जुलते लक्षणों के संबंध में आप चिकित्सक की परामर्श लें और उनके निर्देशों का पालन करें।

धन्यवाद।

लेखक:
रवि प्रकाश शर्मा


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  1. sushil kumar

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