एड्स का टीका बनाने में गाय बहुत बड़ी मददगार साबित हो सकती है

अमेरिका के शोधकर्ताओ ने यह दावा किया है कि एचआईवी (HIV) से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने में गाय काफी मददगार साबित हो सकती है। इन लोगों के अनुसार, प्रतिरक्षा के तौर पर गाय लगातार ऐसे एंटीबॉडीज बनाती है जिनको उपयोग करके एचआईवी संक्रमण को खत्म किया जा सकता है।

एचआईवी एक बहुत ही घातक दुश्मन है जो अपनी जगह इतनी तेज़ी से बदलता है कि इसके वायरस को मरीज के प्रतिरक्षा तंत्र पर हमला करने का पूरा समय मिल जाता है। सरल शब्दों में इसका अर्थ ये है की एचआईवी मरीज के शरीर में सिर्फ एक जगह अपना असर नही दिखता है; इसका असर पूरे शरीर में बड़ी तेज़ी से फैलता है।

ये वैक्सीन मरीज की एचआईवी से लड़ने की क्षमता को मजबूत कर सकती है और लोगों को संक्रमण के पहले चरण मे ही बचा सकती है। इंटरनेशनल एड्स वैक्सीन इनिशिएटिव और द स्क्रीप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट ने गायों के प्रतिरक्षा क्षमता को लेकर टेस्ट शुरू किया। जिसमें एक शोधकर्ता डॉक्टर डेविन सोक ने मीडिया को ये कहा की ‘इसके परिणाम ने हमें हैरान कर दिया। यह बेहद ख़ुशी का पल है इंसानों में जो एंटीबॉडीज 3 से 5 साल मे बनते हैं वो जरुरी एंटीबॉडीज एक गाय के प्रतिरक्षा तंत्र मे कुछ हफ्तों में ही बन जाते हैं। ये बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे पहले ये इतना आसन नहीं लग रहा था और किसे पता था कि एचआईवी के टीके में गाय का योगदान हो सकता है।

प्रयोगशाला परीक्षण मे ये पता चला है कि 381 दिनों मे ये एंटीबॉडीज 96 फीसदी तक एचआईवी को बेअसर कर सकते हैं। एक और शोधकर्ता डॉक्टर डेनिस बर्टन ने कहा कि इंसानों की तुलना मे जानवरों के एंटीबॉडीज ज्यादा बेहतर होते हैं और एचआईवी को खत्म करने की क्षमता रखते हैं।