लोअर बैक पेन – पीठ के नीचले हिस्से का दर्द, क्या करें और क्या ना करें

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Low Back Pain in Hindi क्या करें और क्या ना करें जब लोअर बैक पेन हो। दोस्तों कहा जाता है की शरीर से ही सब कुछ है अर्थात दुनियां का हर ऐशो आराम हमारे लिए तब ही मायने रखता है जब हमारा शरीर पूरी तरह स्वस्थ हो। निरोग शरीर किसी दौलत से कम नहीं यह जिसके पास है वही सबसे बड़ा धनवान है।

लगातार बदलती जीवन शैली, मानसिक काम का बोझ, शारीरिक कार्य में कमी, ऑफिस में घंटों कुर्सी पर बैठना व नाना प्रकार के तनाव न सिर्फ हमारे जीवन को ख़राब कर रहे हैं बल्कि ये हमारे सुन्दर शरीर का भी नाश करते जा रहे हैं। तन पर महंगे कपड़े, पांव में महंगे जूते और जेवरात हमारे किसी काम का नहीं यदि हम बीमार हों। आज जिस समस्या की हम चर्चा करने जा रहे हैं वह बेहद आम हो चली है। दुःख की बात तो ये है कि इस समस्या से सबसे ज्यादा ग्रसित जवान पीढ़ी हो रही है।

पीठ के नीचले हिस्से का दर्द अर्थात कमर के पास जुडी रीढ़ की हड्डी का भाग जिसे अंग्रेजी Lumbar Spine (lower back) के नाम से जाना जाता है, एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। आंकड़े ये बताते हैं की भारत में करीब 60% आबादी आज लोअर बैक पेन की समस्या से जूझ रही है। चौकानें वाली की बात तो ये है की Lower Back Pain की पीड़ा से ग्रसित होने वाले लगों की उम्र 20 से 40 वर्ष के बीच है। हमारी lumbar spine को पांच भागों में बांटा गया है जो ऊपरी हिस्से L1 से शुरू होकर नीचले हिस्से L2 , L3 , L4 , L5 तक आता है। हमारी रीढ़ की हड्डी के ये पांचों भाग disc, joints, nerves और soft tissues से जुड़े होते हैं। हमारी Back Bone या रीढ़ की हड्डी बेहद लचीली होती है जिसकी वजह से हम अपने शरीर को कई दिशा में मोड़ पाने में सक्षम होते हैं। लचीली होने के बावजूद हमारी Lumbar Spine बड़ी मजबूती के साथ हमारे शरीर के भार को झेलती है। हमारा Body Weight जितना अधिक होगा उतना ही उसका दुष्प्रभाव हमारे lumbar spine (रीढ़ की हड्डी) पर पड़ेगा।

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लोअर बैक पेन

पीठ के निचले हिस्से में होने वाले दर्द के समय क्या करें और क्या न करें ? (Do’s and Don’ts with Low Back Pain):

यदि आप lower back pain की पीड़ा से ग्रसित हैं तो यह लेख आपके लिए ही है। पीठ के निचले हिस्से में दर्द रहने के दौरान आपको क्या करना और क्या नहीं करना चाहिए कृपया आप इसे जान लें –

1 – बैठने के दौरान क्या करें:

  • कुर्सी पर , ज़मीन पर कहीं पर भी एक ही स्थिति में कई घंटों तक न बैठें। 
  • यदि आप कार देर तक चलाते हैं तो पीठ के पीछे सपोर्ट लगाएं या गोल किया हुआ मोटा तौलिया लगायें। 
  • बैठने की मुद्रा को समझें और उसका पालन करें। 
  • अपनी रीढ़ की हड्डी में स्वाभाविक कर्व दुरुस्त रखें और सीट से उठते समय आगे की ओर ना झुकें। 
  • ऑफिस कुर्सी से हर 40 मिनट में एक बार उठकर खड़े हों और थोड़ा दो कदम चलकर पुनः बैठें। 
  • घंटों कुर्सी पर बैठने का काम है तो फुट रेस्ट को इस्तेमाल में लें।

2 – बैठने के दौरान क्या न करें:

  • ऑफिस कुर्सी पर एक ही दशा में घंटों न बैठें।
  • मुलायम गद्दी पर ज्यादा गहराई से न बैठें क्योंकि हिप्स पर इसका दुष्प्रभाव पड़ता है जिससे दर्द उत्पन्न होता है। 
  • ऑफिस कुर्सी पर आगे की ओर सरक कर और पैर सीधा करके घंटों न बैठें। 
  • बैठने की मुद्रा कुछ ऐसी हो की वह पीठ के नीचले हिस्से पर ज्यादा भार न डाले। 
  • बैठने का काम है तो अधिक भोजन करने की आदत न डालें।

3 – खड़े रहने के दौरान क्या करें:

  • देर तक ख़ड़े रहने का काम है तो फुट स्टूल पर अपना एक पैर रखें। 
  • खड़े होकर कार्य करने में पर्याप्त ऊंचाई का ध्यान रखें।

4 – खड़े रहने के दौरान क्या न करें:

  • ज्यादा नीचे झुक कर कार्य न करें। 
  • खड़े रहने के दौरान आप देर तक या बार-बार नीचे की ओर न झुकें।

5 – उठाने के दौरान क्या करें:

  • लोअर पेन है तो आपको कुछ उठाने से बचना चाहिए। 
  • ज्यादा दर्द वाले व्यक्ति को घुटने से बैठकर सामान उठाने का प्रयास करना चाहिए। 
  • सामान उठाते समय पीठ को हमेशा सीधा रखने का प्रयास करें।

6 – उठाने के दौरान क्या न करें:

  • दर्द वाला व्यक्ति झटके से कोई भी सामान न उठाये। 
  • सामान पर पूरा झुकाव देकर उसे न उठायें।

7 – लेटने के दौरान क्या करें:

  • हमेशा समतल बेड पर सोने की आदत बनायें। 
  • सर के नीचे तकिया लगाना ठीक है पर ज्यादा मोटा नहीं। 
  • सीधा लेटे हैं तो अपने दोनों पैरों के नीचे घुटने के पास तकिया लगायें। 
  • करवट लेते हैं तो आगे आने वाले पैर के नीचे तकिया लगा सकते हैं।

8 – लेटने के दौरान क्या न करें:

  • लोअर पेन वाले व्यक्ति को बेहद मोठे, गुलगुले बिस्तर या गद्दे पर नहीं सोना चाहिए। 
  • सर के नीचे आने वाले तकिये को ज्यादा मोटा न बनाएं व पीठ से सर की ऊंचाई का ध्यान रखें। 
  • पेट के बल न सोएं तो अच्छा रहेगा।

क्या करें जब आगे की ओर झुकना हो –

वह कोई भी कार्य जिसमें आगे की ओर झुकना पड़ता हो उसमें लोअर पेन से ग्रसित व्यक्ति बस इतना खयाल रखे की उसे कमर के आगे नीचे की ओर ज्यादा झुकना ना पड़े। आगे झुकने के कार्यों में अपनी रीढ़ की हड्डी का सही कर्व का ध्यान रखना जरूरी है। Lower Back Pain से पीड़ित लोगों को आगे की ओर झुकने से हमेशा बचना चाहिए।

क्या करें खांसी और छींक आने पर –

खांसने और छींकने की क्रिया में व्यक्ति नीचे झुक जाता है। किन्तु अगर आप back pain से दुःखी हैं तो आप खांसी छींक आते समय अपनी पीठ को कुछ पीछे की ओर ले लें जिससे आपको बहुत नीचे न झुकना पड़े।

क्या करें कार चलाने के दौरान –

कमर दर्द या पीठ के नीचले हिस्से में दर्द से परेशान व्यक्ति को कार नहीं चलाना चाहिए। यदि कोई ऐसी परिस्थिति या आवश्यकता आ ही गयी जिसमें आपको कार चलना अनिवार्य है तो आप केवल अपनी पीठ का उचित कर्व बना कर रखने का प्रयास करें। कार की स्टेयरिंग को दूर पीछे से पकड़ने की बजाय आप अपनी सीट आगे करके स्टेयरिंग के नजदीक आएं। यह ध्यान रखें की सीट की ऊंचाई भी पर्याप्त हो, ऐसा नहीं की कार स्टेयरिंग ऊपर हो और आप नीचे की ओर बैठे हों। लोअर पेन से पीड़ित व्यक्ति को कहीं पर भी बैठने के दौरान अपने हिप्स को घुटने के ऊपर ही रखना चाहिए। यदि हिप्स घुटने के नीचे आता है बैठने के दौरान तब आपका दर्द और अधिक बढ़ जायेगा।

लोअर बैक पेन के निवारण हेतु कुछ कारगर व्यायाम:

स्टैंडिंग आर्च:

इस व्यायाम को करते समय सबसे पहले आप सीधा खड़े हो जाएं। अपने दोनों पैरों के बीच कुछ निश्चित दूरी बनाएं और सीधा खड़े रहकर अपने दोनों हाथों को हिप्स के थोड़ा ऊपर वाले भाग (कमर के पास) को ऐसे पकड़ें की उंगलियां पीछे हों। अब हिप्स के ऊपरी वाले भाग को पकड़ते हुए अपने शरीर को पीछे की ओर झुकायें किन्तु घुटनों को सीधा ही रखें। इसी प्रकार पीछे की ओर कम से कम 5 सेकंड तक झुके रहे फिर अपनी सामान्य अवस्था में आएं। इस क्रिया को आप 4 से 5 बार दोहरा सकते हैं।

हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच:

ज़मीन पर पीठ के बल सीधा लेट जाएं अपने पैरों को सीधा रखते हुए। अब अपने एक पैर को ऊपर उठाएं और अपने दोनों हाथ घुटने के नीचे से पकड़ लें। उठे हुए पैर को सीधा रखें और अपनी तरफ खीचें। जब आपको खींचने से तनाव उत्पन्न होने लगे तब उसे छोड़ते हुए पैर नीचे ज़मीन पर पुनः रख दें। इसी प्रकार दूसरे पैर के साथ भी यह क्रिया दोहराएं और कम से कम 10 बार करें।

डबल नी तो चेस्ट:

ज़मीन पर पीठ के बल सीधा लेटकर, अपने दोनों पैर को मोड़े और अपने दोनों हाथों से दोनों पैर के घुटने को पकड़ लें। अब घुटने को हाथों से पकड़े हुए अपनी चेस्ट की ओर लाने का प्रयास करें। इस क्रिया को करने को करने में कमर के पास खिंचाव उत्पन्न होगा। खिंचाव को कम से कम 1 मिनट तक महसूस करें फिर धीरे धीरे पैर को नीचे ज़मीन की ओर जाने दें। फिर यह क्रिया दोहराएं और कम से कम 10 बार करें।

प्रेस अप्स:

पेट के बल फर्श पर लेट जाएं और अपने दोनों हाथों को ज़मीन पर रखते हुए खुद को ऊपर उठायें। कमर से नीचे का पैर तक का पूरा हिस्सा ज़मीन से सटा रहने दें। सिर को सीधा रखते हुए खुद को पीछे करने का प्रयास करें। इस क्रिया में लोअर बैक के स्थान पर खिंचाव होगा जिसे 1 मिनट तक होने दें। फिर अपने आगे वाले हिस्से को हाथ के सहारे नीचे ज़मीन पर आने दें।

लोअर बैक पेन में कुछ चुनिंदा योगा आसान बेहद लाभकारी और कारगर होते हैं। यदि आप निम्न योग आसनों को प्रतिदिन करें तो आपका बैक पेन धीरे धीरे कम होकर हमेशा के लिए ख़त्म हो जायेगा। योग और व्यायाम के अतिरिक्त उचित आहार का लेना भी आवश्यक है। अधिक वासा युक्त भोजन कमर के हिस्से के पास मांसपेशियों को एकत्रित कर देता है जिसका वजन रीढ़ की नीचली हड्डी पर पड़ने लगता है। अपनी कद काठी के अनुरूप ही अपने शरीर का वजन रखें, वजन का अधिक होना भी लोअर बैक पेन का कारण है।

ध्यान रखें,

यदि आप लोअर बैक पेन से पीड़ित हैं तो कुछ भी अपने मन से करने से पहले डॉक्टर और फिजिथेरेपिस्ट की सलाह लें। बिना जानकरी के किया गया कोई अनुचित व्ययायाम आपके दर्द को और बढ़ा सकता है। पीठ के नीचले हिस्से का लगातार दर्द आगे चलकर ज्यादा घातक बन सकता है अतः इसे नज़रअंदाज़ ना करें और हड्डी रोग विशेषज्ञ (doctor) की सलाह लें। Lower Back Pain में दौड़ना लाभदायक है अतः अगर आप केवल brisk walk या running भी करते हैं तो आपका दर्द धीरे धीरे ख़त्म होने लगेगा।

लेखक:
रवि प्रकाश शर्मा


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