मुँहासों से छुटकारा कैसे पायें – दाग, धब्बे व गड्ढे कैसे मिटायें

कील मुँहासे एवं उसके दाग धब्बे किसी भी सुन्दर चेहरे के आकर्षण को ख़राब कर देते हैं। अभी भी इस समस्या का कोई पुख्ता हल तो नहीं है सिवाय बचाव व घरेलु उपायों के। सामान्यतः किशोरावस्था में चेहरे पर चंद दाने निकल आना स्वाभाविक हो सकता है किन्तु कभी कभार मुँहासे गंभीर रूप धारण कर लेते हैं और देखते ही देखते पूरा चेहरा लाल-काले मुँहासे से भर जाता है। मुँहासे से निकलने वाला पानी चेहरे को काला कर देता है एवं जहाँ मुँहासे फूट जाते हैं वहां गड्ढा बन जाता है।

मुँहासों की समस्या लड़के-लड़कियों दोनों के लिए ही है। ऐसा भी देखने में आया है की मुँहासे 30 वर्ष की आयु तक निकलते रह जाते हैं। पखेरू पर आज का यह लेख Acne Dark Spots पर केंद्रित है।

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मुँहासे निकलने के कारण क्या हैं
What Causes Acne in Hindi ?

मैं आपको बता दूँ कि,

मुँहासा मुख्य रूप से एक हार्मोनल स्थिति है जो ‘androgenic’ हार्मोन द्वारा संचालित होता है। यह हार्मोन आमतौर पर किशोरावस्था के दौरान ही सक्रीय होता है। ऐसे हार्मोन के प्रति संवेदनशीलता, त्वचा पर बैक्टीरिया के साथ, और तेल ग्रंथियों के भीतर फैटी एसिड, मुँहासे निकलने का कारण बनते हैं।

चेहरा, गर्दन, छाती, कन्धा और पीठ पर मुँहासे ज्यादा निकलते हैं क्योंकि इन जगहों पर तेल ग्रंथियाँ पाई जाती हैं। गंभीर मुँहासों के घाव को यदि ध्यान से देखें तो उसमें व्हाइटहेड्स, ब्लैकहेड्स, छोटे थक्कों, पिंडिका और अल्सर साफ़ दिखाई देती है।

सच तो ये है कि मुँहासों का निकलना कोई बिमारी नहीं है बल्कि यह एक सामान्य शारीरिक घटना है। हां, कुछ विशेष परिस्थितियों में यह बढ़ जाती है और सामान्य मुँहासे बड़े मुँहासों का रूप ले लेते हैं –

  • लड़कियों एवं महिलाओं में मासिक धर्म के समय उनके हार्मोन स्तर में बदलाव आता है जिससे मुँहासे बढ़ सकते हैं।
  • निकले हुए मुँहासों को फोड़ना, उनका पस निकालना, दबाना व खरोचना भी बढ़ने का कारण है।
  • सिर पर हर वक्त टोपी पहनकर रहना, हेलमेट लगाना भी मुँहासों को बढ़ाता है।

मुँहासे निकलने पर आपको क्या करना चाहिए ?

चलिए जानते हैं कुछ बेहद कारगर घरेलु उपचारों को जो न सिर्फ निकले हुए मुँहासों को मिटाते हैं बल्कि उनका निकलना भी कम कर देते हैं। यदि आप मुँहासे से परेशान हैं तो आप इन home remedies जरूर आजमायें आपके acne pimple पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

पहला उपाय -1: आलू का रस और शहद

सबसे पहले एक आलू छीलकर उसे कद्दूकस कर लें फिर एक चाय की छन्नी में कद्दूकस किये आलू को रखकर चम्मच की मदद से दबाएं। दबाते ही आलू का रस टपकने लगेगा जिसे आप एक कटोरी में एकत्रित कर लें।

बाज़ार में शहद उपलब्ध है, आप पतंजलि अथवा डाबर किसी का भी शहद लेलें। निकाले हुए आलू के रस में आप एक छोटा चम्मच शहद मिला दें। ध्यान रहे शहद ज्यादा नहीं डालना है, आप आलू के रस के अनुपात में ही शहद डालें। अब चम्मच की मदद से आप आलू रस एवं उसमें डाले गए शहद को अच्छी तरह मिला लें।

आलू का रस और शहद का मिश्रण तैयार हो गया है। अब आप इसे तुरंत अपने चेहरे पर लगा लें। गाल, माथा और गर्दन पर इस मिश्रण को अच्छी तरह लगाकर कुछ देर सूखने दें। समय कम है तो 30 मिनट तक लगाकर रखें, यदि समय ज्यादा है तो आप इसे 1 घंटे तक लगाकर रख सकती हैं। ताज़ा निकला आलू का रस पिंपल का निकलना कम करता है और उसके काले धब्बे को भी मिटाता है। सबसे जरूरी बात की आप ‘आलू का रस और शहद’ के मिश्रण को फ्रिज में ना रखें; जब आपको इस्तेमाल में लेना हो तभी आप इसे तैयार करें।

दूसरा उपाय -2: एलोवेरा जेल और निम्बू रस

यदि आपके घर में एलोवेरा का पौधा है तो आप उसके पत्ते से ताज़ा एलोवेरा जेल निकाल लें। यदि आपके पास एलोवेरा पौधा नहीं है तब आप पतंजलि एलोवेरा जेल उपयोग में लायें।

जितनी जगह पर आपको लगाना है उसी के अनुसार आप एलोवेरा जेल कटोरी में डाल लें, फिर उसमें निम्बू का रस निचोड़कर डाल दें। चम्मच की मदद से एलोवेरा जेल एवं निम्बू रस दोनों को अच्छी तरह मिला लें।

अब आपका मिश्रण तैयार है और आप इसे पूरे चेहरे के अतिरिक्त गर्दन पर भी लगा सकती हैं। निम्बू एक प्राकृतिक ब्लीचिंग एजेंट है अतः यह भी काले धब्बे व मुँहासे को ख़त्म करने के लिए बेहद कारगर है। आप इस मिश्रण को भी 1 घण्टे तक लगाकर रखें जब तक अच्छी तरह सूख न जाय। ज्यादा देर रखने का कोई दुष्प्रभाव नहीं है अतः आप अपने समय के अनुसार लगाकर रख सकती हैं।

तीसरा उपाय -3: शहद, कच्चा दूध और बादाम तेल

एक कटोरी में आप एक छोटा चम्मच शहद लें, फिर उसमें एक छोटा चम्मच कच्चा दूध डाल दें और फिर उसमें बादाम तेल एक छोटा चम्मच डालें। तीनों मिश्रण को अच्छी तरह फेंट लें ताकि सब कुछ अच्छी तरह घुल मिल जाय।

यह हमेशा ध्यान रहे कि जितना आपको लगाना है, सबकुछ उसी के अनुपात में आपको लेना है। इतना करने के बाद आपका यह मिश्रण बनकर तैयार हो जाता है जिसे आप चेहरे माथे व गर्दन पर लगा सकती हैं।

इस मिश्रण को कभी भी फ्रिज में ना रखें क्योंकि दूध ख़राब हो जायेगा और उसमें बदबू आने लगेगी। अतः ताज़ा बनाइये और तुरंत लगाकर रखिये कुछ देर तभी अच्छे परिणाम मिलेंगे।

चौथा उपाय -4: हल्दी पॉवडर और निम्बू रस

इस मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाने की आवश्यकता नहीं। अतः आप देख लें की चेहरे माथे व गर्दन पर कुल कितने मुँहासे निकले हैं उसी के अनुसार मिश्रण बनायें। छोटा चम्मच हल्दी पॉवडर और छोटा चम्मच निम्बू रस मिला लें। यह मिश्रण थोड़ा गाढ़ा ही रखना है ताकि वह मुँहासे पर रखने से वहीं टिक जाये बहे नहीं।

बेहतर होगा इसे रात में लगायें, खाना खाने के बाद यह मिश्रण तैयार करें फिर अपनी ऊँगली से एक-एक मुँहासे पर लगाती जाएं। जब सूख जाये तभी आप बिस्तर पर सोने की तैयारी करें। रातभर लगा रहने दें सुबह नल के पानी से या चाहें तो थोड़ा गनगुना पानी से चेहरा धो लें। रातभर नहीं लगाना तो आप 1 घंटे तक लगाकर धो लें।

पाँचवां उपाय -5: पतंजलि दिव्य कांति लेप और निम्बू रस

दिव्य कांति लेप पॉवडर का डब्बा आपको पतंजलि स्टोर या फिर किसी भी जनरल स्टोर पर मिल जायेगा। आप कटोरी में 1 चम्मच दिव्य कांति लेप पॉवडर और उसमें निम्बू रस मिला लें। इस मिश्रण को पूरे चेहरे पर लगाकर कुछ देर सूखने के उपरांत धोया जा सकता है। यदि आप पूरी रात रखना चाहती हैं तब आप इसे मुँहासे पर या उससे प्रभावित क्षेत्र पर ही लायें और रातभर रखने के बाद सुबह पानी से धो लें।

दिव्यकांति लेप बेहद प्रभावी है इसे आप सामान्य रूप से केवल पानी या गुलाब जल में मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। यह चेहरे को ठंडक पहुंचाता है और दाग धब्बे को मिटाता है। किन्तु पिंपल ज्यादा है तब आप इसे निम्बू रस में मिलाकर लगायें।

मुँहासों को ख़त्म करने की क्या दवाईयां हैं ?

जहाँ तक एलोपैथिक दवाईयों का प्रश्न है तो यहाँ केवल 3 प्रकार की दवाईयाँ ही मुँहासों में उपचार के लिए प्रभावी साबित हुई हैं जिनके नाम हैं – एंटीबायोटिक्स, बेंज़ोइल पेरोक्साइड और रेटिनोइड। ये दवाईयां आप बिना चिकित्सक की सलाह के ना लें। मुँहासों की स्थिति व उनकी गंभीरता के आधार पर ही इन दवाईयों का सेवन किया जाता है। यदि आप गंभीर मुँहासों से पीड़ित हैं तो घरेलु उपायों को जारी रखते हुए एलोपैथिक दवाईयों का इस्तेमाल कर सकती हैं।

यदि डॉक्टर ने पहले से ही किसी प्रकार का लोशन लगाने के लिए आपको दिया है तब आप डॉक्टर की सलाह पर ही बताये गए प्राकृतिक मिश्रणों को उपयोग में लायें। मैंने पहले भी कहा कि मुँहासों का निकलना एक सामान्य शारीरिक क्रिया है न कि कोई बिमारी अतः शुरुआत में प्राकृतिक लेपों का इस्तेमाल जरूर किया जाना चाहिए।

कुछ मुँहासे इतने गंभीर हो जाते हैं की उसमें मवाद बनने लगता है और उसकी आकृति भी बेहद बड़ी होने लगती है। छूने से असहनीय दर्द का होना, खून निकलना, पस का बहना आदि स्थिति में किसी प्रकार का घरेलु मिश्रण उपयोग में ना लाएं वरना वो मुँहासों को घाव बना सकता है। ऐसी स्थिति में त्वचा रोग विशेषज्ञ को दिखाना ही उचित तरीका है।

ध्यान देने योग्य बातें,

कुछ लोग कहते हैं ज्यादा से ज्यादा पानी पियें पर मेरा कहना है आप उतना ही पानी पियें जितनी आपको प्यास है। बिना प्यास के पानी गटकते रहने का कोई विशेष लाभ नहीं होता; तरीका तो यही सही होता है की आपको जब भी प्यास लगे तब अच्छे से पानी ग्रहण करें, 1 या 2 घूँट ना पियें।

  1. गंभीर मुँहासे वाली लड़कियां या लड़के अपना पर्सनल तौलिया, साबुन इस्तेमाल करें।
  2. खाने में कम तेल और वासा वाला भोजन लें।
  3. ज्यादा मसालेदार युक्त भोजन ना करें।
  4. बहुत अत्यधिक मीठा और चर्बी युक्त मांस न खायें।
  5. चेहरा बार बार पानी से धोएं या फेसवॉश का उपयोग करें।
  6. ज्यादा धूल मिट्टी वाली जगह पर ना रहें।
  7. प्राणायाम, कपालभाति, अलोम विलोम करें।
  8. जूस, रसीले फल और खीरा उपयोग में लाएं।
  9. बार बार मुँहासों को छूने व फोड़ने से बचें।

अंत में,

बतायी गयी सारी विधि लड़के एवं लड़कियों दोनों के लिए है।
मुझे लगता है Acne, Dark Spots, Pimples को कैसे हटायें आप यह अच्छी तरह समझ चुके होंगे। हां एक बात मैं आपसे कहना चाहूंगा कि यदि आपको अब मुँहासे आने पूरी तरह बंद हो चुके हैं और दाग धब्बे नहीं मिट रहे और चेहरे पर गड्ढे भी ज्यादा बन गए हैं तब आप Dermaroller Treatment का सहारा ले सकती हैं। मुँहासों के दाग व गड्ढों से छुटकारा पाने के लिए डर्मारोलर से बढ़िया एवं कारगर तरीका कोई नहीं है। यह तरीका भी लड़का-लड़की दोनों के लिए है।

धन्यवाद

लेखिका:
रचना शर्मा

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