क्या आप भी होना चाहतीं हैं गर्भवती – How to Get Pregnant, महिलाएं कैसे करें गर्भधारण, Baby Conceive

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क्या आप भी होना चाहतीं हैं गर्भवती ? किसी भी स्त्री के लिए मातृत्व एक सुखद अहसास है जो स्त्री के जीवन को पूर्ण करता है। कहते हैं मानव संसार का सृजन स्त्री ही करती है जिससे समूचा मनुष्य जगत संचालित होता रहता है। हर स्त्री यह चाहती है कि उसके जीवन में मातृत्व का आनंद हो ; परन्तु कभी – कभी माँ बनने का सुखद अहसास हर महिला को नहीं मिल पाता जिसकी वजह से उसका जीवन अधूरा रह जाता है। मेरा यह विशेष लेख मेरे व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित है जिसे मैं हर महिला के साथ share करना चाहूंगी।




क्या आप भी होना चाहतीं हैं गर्भवती - How to Get Pregnant

ऐसे कई प्रसंग देखने को मिलते हैं जिसमें नव दम्पति को संतान प्राप्ति में कई वर्ष लग जाते हैं या कुछ प्रकरण ऐसे भी आते हैं कि दम्पति आजीवन निःसंतान ही रह जाते हैं। हमारे भारतीय समाज में निःसंतान होना एक दोष के रूप में देखा जाता है, पर क्या वास्तव में यह एक दोष है ? मैं तो यही कहूँगी कि निःसंतान होना दोष नहीं कहलाता बल्कि यह एक शारीरिक अवस्था है जिसको अगर ठीक से समझा जाय तो हल निकाला जा सकता है। जो इसे दोष के रूप में देखते हैं वह केवल पुराणी रूढ़िवादी विचारधारा से ग्रसित हैं।

मैं ध्यान दिलाना चाहूंगी कि मेरा यह लेख गर्भधारण से जुड़ी किसी तरह के डॉक्टरी उपचार व दवाईयों पर आधारित नहीं है। मेरा यह लेख पूर्णतः केंद्रित है कि कैसे हम बच्चे कि planing करें, किन बातों का ध्यान रखें , साथी के साथ कैसे संबंध स्थापित करें और क्या सेवन करें कि बच्चा होने कि सम्भावना बढे। ऐसा देखने में आता कि कुछ बहनों को जब बच्चा 2 से 3 साल में नहीं होता तो वे घबरा जातीं हैं साथ ही उनके परिवार में भी पुराने बुजुर्ग , अन्य शादी सुदा महिलाएं यह कहने लगतीं हैं कि क्या बात है 3 साल हो गए और कुछ हुआ भी नहीं।

जो दम्पति बच्चे की कामना रखते हैं वे अगर निचे दिये हुये बिंदुओं पर गौर करें तो उनकी कामना जल्द पूरी होने कि सम्भावना रहेगी।

1 – अगर आप बच्चे कि कामना रखतीं हैं और शादी के 2 से 3 बाद भी conceive नहीं कर पा रही हैं तो घबरायें नहीं। जरूरी नहीं कि आपमें या आपके साथी में कोई समस्या हो।

2 – सबसे पहले अपने मन से negative बात निकाल दें कि आप माँ नहीं बन पा रहीं है। माँ बनने को लेकर हर समय positive रहें क्योंकि हमारा brain बच्चा conceive करने का प्रथम माध्यम होता है। अगर आप यह सोचें कि आप माँ बनाने वालीं हैं तो पूरे शरीर में एक positive energy का प्रवाह होता है जो हमारी प्रजनन क्षमता को और बढ़ाता है।

3 – प्रतिदिन होने वाली घरेलू और बाहरी गतिविधियों को सामान्य रखें यह ना सोचें कि मैं माँ कब बनूँगी। समय पर खाना पीना , हसना बोलना और मनोरंजन इत्यादि को समान रूप से करते रहना चाहिए।

4 – Internet पर उपलब्ध Pregnancy से जुड़ी समस्याओं को बार बार ना पढ़ें क्योंकि उससे दिमाग में गलत signal (नकारात्मक ऊर्जा) जाता है।

5 – दम्पति अपने खान पान का ख्याल रखें घर का बना पौष्टिक आहार लें। महिलाएं खासकर बाहर का बना western food या junk food न खाएं।

6 – स्त्रियां अपने ovulation period को पहचाने जो गर्भधारण का मुख्य कारण है। नियमित व अनियमित मासिकधर्म का भी ध्यान रखें।

7 – अगर आपका Menstrual menstruation cycle अनियमित है तो उसे नोट करके रखें की वह कब और कितने अंतराल पर हो रहा है ताकि आप अपने नजदीकी Lady gynecologist को यह बात समझा सकें।

8 – बच्चे की कामना रखने वाली महिलाएं अपने Ovulation के दिनों और उनके लक्षणों को अवश्य पहचानें क्योंकि अगर आप Ovulation के दिनों में संबंध स्थापित करेंगी तभी baby होने के chances रहेंगे।

9 – जीवनसाथी के साथ relation बनाने का समय निर्धारित करें (सुबह या रात) इसके अलावा रोज-रोज या दिन में कई बार intercourse ना करें।

10 – रोज – रोज या एक दिन में कई बार intercourse करने से पुरुष की sperm quality ख़राब होती है। Sperm count कम होते हैं , कमजोर होते हैं जिसकी वजह से महिलाएं अपने ovulation period में भी गर्भवती नहीं हो पातीं।

11 – बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी प्रकार की गर्भधारण से सम्बंधित दवा, Ovulation और Menstruation से सम्बंधित दवा का सेवन बिल्क़ुल भी न करें।

12 – अपने साथी को भी यह समझायें कि वो भी किसी प्रकार कि दवा जो Sperm बढ़ाने का दावा करती हो उसका सेवन ना करें और वो भी उतने ही positive रहें जितने की आप।




जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को :

क) – याद रहे गर्भधारण में समय लगता है – ऐसा नहीं हो सकता कि आज अपने बच्चा प्राप्ति कि कामना की और कल आप गर्भवती हो जाएं। कई बार पूरी तरह से स्वस्थ होने पर या कोई भी कॉम्प्लीकेशन् नहीं होने पर भी एक स्वस्थ्य और सामान्य दंपत्ति को conceive करने की सम्भावना प्रत्येक महीने सिर्फ 25 % ही होती है। अगर आपको गर्भवती होने की कोशिश करते हुए 6 महीने या उससे ज्यादा महीने भी हो चुके है तो चिंता मत करिये यह पूरी तरह से सामान्य है। एक स्वस्थ्य महिला को गर्भधारण के लिए कम से कम 12 महीने तक खुद से प्रयास करना चाहिए, अगर 1 वर्ष कोशिश करने के बाद भी आप pregnant होने में असक्षम हैं तो फिर आप पती-पत्नी किसी विश्वसनीय और अनुभवी Lady Gynecologist से संपर्क कर अपनी स्थिति से अवगत करायें।

ख़) – क्या है गर्भवती होने की सही उम्र – गर्भधारण करने की सही उम्र 18 वर्ष से 35 वर्ष तक होती है परन्तु 20 साल से लेकर 30 साल तक की अवस्था गर्भवती होने के लिए अधिक उपयुक्त मानी जाती है। इस दौरान स्त्रियां मानसिक और शारीरिक रूप से गर्भावस्था के लिए पूर्णतः तैयार होती हैं। परन्तु बढ़ती उम्र के साथ स्त्रियों में गर्भधारण करने की क्षमता कम होने लगती है 30 की उम्र के बाद गर्भधारण करने में मुश्किलें आती है, जिसकी वजह से एक स्वस्थ स्त्री भी बच्चा conceive नहीं पाती।

ग) – जीवनसाथी के साथ Relation – गर्भवती होने के लिए दम्पति का आपस में सम्भोग करना सबसे महत्वपूर्ण और प्रथम चरण माना जाता है; जिसमे ovulation (वह समय जब स्त्री के ovaries में अंडे बनते हैं) के समय पुरुष के शुक्राणु का स्त्री की योनि में प्रवेश करना जरुरी होता है, ताकि sperm स्त्री के गर्भाशय (uterus) के मुख के पास इकट्ठा हो जाएं और गर्भाशय में प्रवेश कर पाएं। Intercourse (सम्भोग) लगातार नहीं करना चाहिए और बहुत ज्यादा दिनों का अंतर पर भी नहीं करना चाहिए। पुरुष के शुक्राणु जब महिला के गर्भाशय में प्रवेश कर जाते हैं तो ये उस समय से लेकर आगे सिर्फ 72 घंटों तक ही अपने आप को जीवित रख पाते हैं ; यानी तीन दिनों तक जीवित रह सकते है। अर्थात कम से कम 72 घंटो (तीन दिनों) में एक बार दम्पति को relation बनाना अनिवार्य हो जाता है। ज्यादा सही होगा अगर आप एक-एक दिन के अंतराल (intercourse on alternate days) पर सम्बन्ध स्थापित करें। जिससे intercourse के समय योनि (vagina) में छोड़े गए sperm गुणवत्ता और संख्या अच्छी होगी। महिला की योनि का nature बहुत Acidic होता है जिसकी वजह से योनि में प्रवेश करते ही शुक्राणुओं की बहुत सी संख्या में नष्ट हो जाते हैं, इसीलिए सम्भोग के दौरान एक-एक दिन का अंतराल जरुरी है ताकी पुरुष में बनने वाले sperm healthy हों। Male का healthy sperm जब Female के healthy egg से मिलता है तो स्वस्थ बच्चे का जनम होता है।

घ) – महिलाएं कैसे समझें अपने अंदर होने वाले Ovulation को – Understanding Ovulation is the key to conception सभी married couple यह जानना चाहिए कि सम्बन्ध बनाने का सही समय क्या है जिसके फलस्वरूप गर्भधारण (baby conception) हो पाए। अगर हम female reproductive system पर गौर करे तो हम यह जान पाएंगे कि महिला के शरीर में प्रत्येक माह अण्डाशयों (ovaries) में अंडा (egg) बनता है और Fallopian tube से होते वह गर्भाधान के लिए गर्भाशय (uterus) में आता है। यह प्रक्रिया ओवुलेशन (ovulation कहलाती है। लेकिन वह अंडा (egg) सिर्फ 12 से 24 घंटो के लिए female में उपलब्ध होता है जिसमे महिला baby conceive कर सकती हैं। इसी समयकाल में यदि female egg, male sperm में मिलता है और uterus में स्थापित हो जाता है तो महिला गर्भवती हो जाती है।

ङ) – कैसे पहचाने Ovulation को क्या होते हैं इनके प्रमुख लक्षण –
पेट में ऐंठन, पेट के निचले हिस्सों में हल्का-हल्का दर्द।
Cervical Mucus (योनि से आने वाला तरल पदार्थ) में बदलाव, इस समय सर्वाइकल म्यूकस अधिक चिपचिपा और खीचावपूर्ण (इलास्टिकी) होता है।
शारीरक तापमान (body temperature) का बढ़ना।
स्तनों में तनाव।
Cervix (गर्भाशय ग्रीवा) कि स्थिती में बदलाव।

Ovulation Period को पहचानने के लिए हर Medical Shops पर ovulation predictor kit आसानी से उपलब्ध हैं। जिसकी मदद से महिलाएं अपने अंदर होने वाले ओवुलेशन समय का पता लगा सकतीं हैं।

च) – जानें कब होता है Ovulation – ऐसा माना जाता है कि महिला के शरीर में ओवुलेशन उसके आखिरी मासिक दिन (last menstrual date) से 14 दिन पहले होता है। ऐसा सिर्फ उन महिलाओ के लिए होता है जिनका मासिक चक्र 28 दिनों का होता है। मासिक चक्र के बीच के दिन, जैसे अगर आपका मासिक चक्र 30 दिनों का है तो संभव है की आपका ओवुलेशन आपके आखिरी मासिक दिन से लगभग 15 दिन पहले होगा। अनियमित मासिक चक्र में ओवुलेशन प्रत्येक महीने अलग-अलग समय पर हो सकता है। Fertile window (वह समय काल जिसमें आपके गर्भवती होने की सम्भावना सबसे अधिक होती है) को 6 दिनों का माना गया है, मासिक चक्र के 12वें दिन से 18वें दिनो के बीच का समय; इस दौरान अगर आप सम्बन्ध बनातीं हैं तो इन दिनों में आप Conceive कर सकती हैं। पुरुष शुक्राणु महिला Ovaries में 3 से 5 दिनों तक जीवित रह सकते हैं और यह गर्भाशय (uterus) से होते हुए Fallopian tube में जाकर रुक जाते हैं जब female ovaries से egg निकलता है तब एकत्रित हुए male sperm, female egg में मिल जाते हैं और मिलकर गर्भाशय में स्थापित हो जाते हैं; इसप्रकार एक स्त्री गर्भवती हो जाती है।

अब सवाल यह उठता है की सब कुछ perfect होने पर भी स्त्री कभी-कभी गर्भधारण करने में क्यों सफल नहीं हो पाती ? महिला शरीर (female reproductive system) हार्मोनल बदलावों पर निर्भर करता है और ओवुलेशन तिथि, fertile window अनुमानित आकलन है कई मामलो में ऐसा होता भी है पर अधिक मामलो में ऐसा नहीं होता है। प्रत्येक महिला के हार्मोनल स्तर में विभिन्ताएं हो सकती है; जरुरी नहीं है कि प्रत्येक महीने आपके शरीर में हार्मोनल बदलावों के फलस्वरूप ओवुलेशन एक ही समय पर हो, यह समय आगे पीछे भी हो सकता है। आप अगर Conceive करने का एक भी मौका नहीं जाने देना चाहती हैं तो आप अपने मासिक चक्र के 6वें दिन से 21वें दिन के बीच सम्बन्ध बना सकती हैं। इस समयकाल में आप ओवुलेशन तिथि या fertile window को पूरी तरह से cover कर पाएंगी और आपकी गर्भधारण करने की संभावना प्रबल हो जायेगी।

Menstruation Infertile: Day 1 to 6
Fertile: Day 7 to 20
Infertile: From Day 21

यह बात हमेशा ध्यान दें – अपने साथी के साथ शारीरिक सम्बन्ध रोज – रोज ना बनायें और ना ही दिन में कई बार। दम्पति यह हमेशा ध्यान रखें की sexual relation में कम से कम एक दिन का gape अवश्य हो। एक दिन के अंतराल से पुरुष में बनने वाले sperm healthy होते हैं और साथ ही उनकी quality और count भी अच्छे बने रहते हैं। Relation finishing time पर अपने साथी को deep ejaculation के लिए बोलें, deep penetration के बाद ही sperm को release किया जाना चाहिए ताकी sperm की reach आसानी से female ovaries तक हो जाय। स्त्रियां relation स्थापित करने के दौरान अपने कमर के नीचे तकिया लगा कर रखें तो Male को deep ejaculation में आसानी रहती है और शुक्राणु आसानी से सरकते हुए female ovaries में जा पहुँचते हैं। यह भी कहा जाता है की male ejaculation के बाद female को कुछ मिनट तक अपनी अवस्था में bed पर सोये रहना चाहिए नहीं तो तुरंत खड़े होनेपर sperm vagina से बाहर निकलने लगते हैं।

गर्भधारण में सहायक कुछ और ध्यान देने योग्य बातें :

(A) – हमेशा सकारात्मक सोंचे; कभी यह ना सोचें की आप गर्भवती नहीं हो सकती है। क्योंकि हम जानते हैं female reproductive system में हॉर्मोन्स की क्या भूमिका है और हार्मोनल संतुलन को हमारा दिमाग नियंत्रित करता है। सकारात्मक सोचने से आपका दिमाग वैसा ही कार्य करेगा और आपके हार्मोनल संतुलन हमेशा बना रहेगा जिससे आपको गर्भ धारण करने में सहायता मिलेगी।

(B) – अगर आप गर्भधारण कि planing कर रही हैं तो आप Folic Acid की capsule or tablet को नियमित रूप से लेना शुरू कर सकतीं हैं। जो महिलाएं गर्भधारण का विचार रखती हैं उन्हें Gynecologist प्रतिदिन 400 mcg of folic acid खाने की सलाह दी जाती है। Folic Acid दवा नहीं है बल्कि यह एक vitamin है जिसके सेवन से स्त्री में बनने वाले egg की quality अच्छी होती है और साथ ही यह बच्चे में होने वाले birth defect कि सम्भावना को भी ख़त्म करता है। Folic Acid का सेवन करने से होने वाले बच्चे का दिमाग और रीढ़ की हड्डी स्वस्थ बनती है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार फोलिक एसिड लेने से कुछ अन्य जन्म दोषों को भी रोकने में मदद मिलती है।

(C) – यदि आपको गर्भधारण करने की कोशिश करते हुए एक वर्ष से अधिक हो गया है तो डॉक्टर आपकी pelvic examination (पेल्विक परीक्षा) और यौन संचारित रोगों के लिए test करने को कह सकती है। जिससे आपको गर्भधारण में होने वाली समस्या का कारण पता चलेगा और उसके उपचार के बाद आप गर्भवती हो पायेंगी।

(D) – अगर आप सिगरेट और शराब का सेवन करती हैं तो आपको इन्हे छोड़ना होगा क्योकि यह आपके गर्भधारण करने की राह में बाधा बन सकते हैं इससे गर्भपात होने का खतरा होता है, यह हार्मोनल स्तर को असंतुलित कर देता है जिससे आपको Conceive करने में समस्या आ सकती है।

(E) – यदि आपका वजन अधिक है तो यह भी आपके लिए समस्या खड़ा कर सकता है। प्रेगनेंसी के दौरान आपको कॉम्प्लीकेशन्स का सामना करना पड़ सकता है। इसीलिए regular exercise करें खुद को फिट रखें, अगर आपका वजन अधिक कम है तो आप आवश्यक वजन बढ़ाने की भी कोशिश करें। अपने आहार पर विशेष ध्यान दीजिये विटामिन एवं जरुरी पोषक तत्वों से भरपूर भोजन करिये। आवश्यक पोषक तत्वों को ना लेने से आपकी ओवुलेशन चक्र पर प्रभाव पड़ सकता है।

(F) – मौसमी, घरेलू और बाहरी इन्फेक्शन से हरसंभव बचने का प्रयास कीजिये। आपको किसी भी प्रकार के योनि संक्रमण (vaginal infection), डेंगू , चिकनगुनिआ इत्यादि से बचना होगा। Infection आपके योनि से होते हुए आपके गर्भाशय (uterus), फ़ेलोपियन ट्यूब तक पहुंच सकता है जो आपके प्रजनन अंगो को नुकसान पंहुचा सकता है।

आवश्यक सूचना :

उपयुक्त दर्शाये हुए सभी बिंदु व तथ्य मेरी अपनी समझ और अनुभवों पर आधारित हैं। इसमें लिखी सभी बातें वही हैं जिनको मैंने स्वयं अपनी गर्भावस्था के दौरान अनुभव किया और जैसा मेरी lady gynecologist नें सलाह दिए। यह लेख सिर्फ जानकारी के मद्देनजर ही लिखा गया है जो गर्भधारण कि इच्छा रखने वाली महिलाओं की मदद करेगा। ऊपर दिए हुए निर्देशों का पालन करने से पहले आप अपनी संतुष्टि के लिए अपने नजदीकी किसी भी lady gynecologist डॉक्टर की सलाह ले सकतीं हैं।




 


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