हे भारत मातृभूमि हमारी

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हे भारत मातृभूमि हमारी
हे भारत मातृभूमि हमारी

Hey Bharat Matribhumi Hamari हे भारत मातृभूमि हमारी

जन्म दिया तुमने यहां पर
तुमने ही चलना सिखलाया
गोद में तेरी खेले हैं हम
कभी न तुमने हमें रुलाया
हमें है तू प्राणों से प्यारी
हे भारत मातृभूमि हमारी !

तू उपवन हम फूल हैं तेरे
तुमने ही हमको सींचा है
नस नस बहती रक्त की धारा
सदा रहेंगे ऋणी तुम्हारा
कभी न जाए लाज तुम्हारी
हे भारत मातृभूमि हमारी !!

लेखक:
रवि प्रकाश शर्मा


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