हो तेरा सम्मान – हिंदी कविता

हिंदी कविता – “हो तेरा सम्मान”

हो तेरा सम्मान हिंदी कविता-Ho Tera Samman Hindi Kavita

जीने को जब चाहिए
रोटी , कपड़ा और मकान
फिर लोभ , मोह के चक्कर में
क्यों फंस गया इंसान

अपने प्रतिबिंब के रूप में
ईश्वर ने रचा इंसान
और उसके कुकृत्य को देख
दंग हो रहा भगवान

डोल रही है धरती
झुक रहा आसमान
अपने सत्कर्मो से कर लो
तुम कुछ अपना भी नाम

जब तक तुमको बनाया
ईश्वर ने धरा का मेहमान
ना गलत करो, ना गलत करने दो
मन में लो यह तुम ठान

मर कर भी ना मर सको तुम
इतना हो तेरा सम्मान

रीना कुमारी
तुपुदाना रांची झारखंड