ब्लॉग्गिंग कैसे करें ?

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Blogging Kaise Kare ब्लॉग्गिंग कैसे करें ? आम तौर पर यह सवाल उनके मन में आता है जो ब्लॉग्गिंग के क्षेत्र में नए हैं और ऑनलाइन अपना एक ब्लॉग शुरू करना चाहते हैं। ब्लॉग चाहे English में हो या Hindi में दोनों को ही गहन विचार करने के बाद आरंभ करना चाहिए। Pakheru.com पर आज का विषय है ब्लॉग्गिंग कैसे करें जिसपर हम विस्तार से चर्चा करेंगे।

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क्या आप ब्लॉग के क्षेत्र में नए हैं ?

अगर आप ब्लॉग की दुनियां में अपना पहला कदम रख रहे हैं तो जल्दबाज़ी ना करें। सर्वप्रथम ब्लॉग से जुड़े हुए कुछ अच्छे यूट्यूब वीडियो देखें और कुछ अच्छे ब्लॉग पर विजिट कर उनके लिखे कंटेंट को पढ़ें। अलग अलग प्रकार के ब्लॉग को देखकर आप यह समझ पाएंगे की एक अच्छे ब्लॉग की रूप रेखा क्या होती है। भिन्न प्रकार के विषयों को पढ़कर आप यह तय कर पाएंगे की आप अपने ब्लॉग पर किस प्रकार का लेखन कर पाने में सक्षम हैं। नाना प्रकार के ब्लॉग का अध्यन कर क्या पता आप कुछ ऐसा विषय तलाश पाएं जिसपर कोई अभी तक कार्य न कर रहा हो। अतः एक अच्छा ब्लॉग लेखक वही हो सकता है जो अच्छा पाठक भी हो।

हिंदी या अंग्रेजी कौन सी भाषा चुनेंगे आप ?

भाषा का चुनाव पूरी तरह से आप पर निर्भर है। यदि आप हिंदी लेखन में अंग्रेजी की अपेक्षा ज्यादा माहिर हैं तो हिंदी भाषा का चुनाव बेहतर है। यदि आप अंग्रेजी लेखन में ज्यादा सहज हैं तो अंग्रेजी का चुनाव करना उत्तम होगा। चूँकि ब्लॉग की सफलता भाषा पे नहीं आपकी मेहनत पर निर्भर है अतः आप अपनी दक्षता के अनुरूप भाषा का चयन करें।

हिंदी या अंग्रेजी कौन सी ब्लॉग्गिंग है बेहतर ?

मैंने पहले ही कहा बेहतर दोनों ही हैं, किन्तु प्रतिस्पर्धा के हिसाब से Hindi Blog में सफलता ज्यादा आसानी से पायी जा सकती है। अगर English Blog की बात करें तो इंग्लिश के पाठक समूचे विश्व में मौजूद हैं; इस हिसाब से आपका अंग्रेजी ब्लॉग पूरे विश्व में अपनी पहचान बना सकता है जो आगे चलकर पैसे के दृष्टिकोण से भी अच्छा साबित होगा।

क्या आप ब्लॉग लिख पाने में सक्षम हैं ?

मैं अगर अपने मन से कहूं तो blogging उनके लिए ज्यादा अच्छा है जो खुद लेखन कर पाने में सक्षम हैं। यह बेहतर होगा की आप अपने blog के पहले लेखक खुद बनें और जब आपका ब्लॉग प्रसिद्ध हो जाय तब आप content बढ़ाने के लिए कुछ बाहरी लेखक रख सकते हैं। हालांकि कोई जरूरी नहीं है की आप आर्टिकल लिखने में सक्षम नहीं हैं तो ब्लॉग शुरू नहीं कर सकते। आप अपने ब्लॉग का संचालन फ्रीलान्स लेखकों के साथ भी कर सकते हैं।

ब्लॉग को सफल बनाने के लिए कितनी मेहनत करनी होगी ?

एक ब्लॉग को सफल बनाने के लिए आपको उतनी ही मेहनत करनी होगी जितनी की डॉक्टर, आई.ए.एस और पी.सी.एस बनने के लिए करनी पड़ती है। शायद आप चौंक गए मेरा जवाब सुनकर! परन्तु यह पूरी तरह सच है। Blogging शब्द सुनने में जितना सरल प्रतीत होता है उतना है नहीं ! Blog का निर्माण करना तो कुछ पल का काम है मगर असल परिश्रम तो आपको Content Writing में करनी होगी। सीधे एक शब्द में कहूं तो ब्लॉग को सफल बनाने के लिए आपको लगातार सालों साल लेखन करते रहना होगा।

ब्लॉग से जल्द पैसे कैसे कमाए जा सकते हैं ?

अगर सफलता जल्द मिल जाय तो पैसे भी आप जल्द कमा सकते हैं। पर आप जानते हैं सफलता एक साधना की तरह है जो लगातार कई वर्ष करने के बाद प्राप्त होती है। अतः यदि आपका ब्लॉग ऑनलाइन की दुनियां में अपनी पहचान स्थापित कर चुका है तब आप समझें की पैसा कमाने का मानक आपने पूरा कर लिया। ब्लॉग्गिंग की दुनियां में कोई शॉर्टकट रास्ता नहीं है; इसलिए कम से कम 2 वर्ष आप कठिन साधना अर्थात लेखन करें तभी आपका ब्लॉग प्रसिद्धि हासिल कर पायेगा और आप पैसे कमा पाने में सक्षम होंगे।

ब्लॉग पर प्रतिदिन कितना कॉन्टेंट डालना चाहिए ?

महीने में 30 दिन होते हैं अतः प्रतिदिन 1 कॉन्टेंट ब्लॉग पर प्रकाशित करके आप महीने के 30 कॉन्टेंट प्रकाशित कर लेंगे जो की अच्छा माना जायेगा। प्रतिदिन 1 आर्टिकल का अर्थ ये नहीं की आप 300 , 400 या 500 वर्ड के आर्टिकल ब्लॉग पर डालना शुरू कर दें। आप 1 कॉन्टेंट लिखें किन्तु कम से कम 800 शब्द का लिखें। बेहतर होगा आपका आर्टिकल 1000 से 1500 शब्द का लिखा गया हो। कितना कॉन्टेंट लिखें इसका कोई पैमाना नहीं है किन्तु ख़राब स्थिति में भी रोजाना एक कॉन्टेंट डालना कारगर है, खास करके उनके लिए जो जल्द सफलता चाहते हैं।

ब्लॉग पर कॉन्टेंट कैसा लिखना चाहिए ?

कॉन्टेंट ऐसा लिखना चाहिए जो आपके द्वारा चुने हुए विषय को पूरी तरह संतुष्ट करता हो। ब्लॉग लिखने के दौरान सर्वप्रथम लेखक का संतुष्ट होना अनिवार्य हो जाता है। अगर अपने लेख से स्वयं लेखक ही संतुष्ट नहीं तो भला पाठक कैसे संतुष्ट हो सकता है ! कॉन्टेंट को बेहद लंबे पैराग्राफ में ना डालें, छोटे पैराग्राफ, जरूरी हेडिंग, उपयोगी बिंदु, हाईलाइट करने योग्य तथ्य को ब्लॉग लेखन शैली में शामिल करना जरूरी है। इसके अतिरिक्त आप विषय के अनुरूप इमेज फोटोग्राफ, ग्राफ स्टैटिक्स, वीडियो और ऑडियो को भी अपने ब्लॉग में शामिल कर सकते हैं।

गूगल की नज़र में इन्फोर्मटिवे कॉन्टेंट क्या है ?

गूगल हमेशा ही यह कहते हुए आया है की आप कॉन्टेंट यूजर के लिए लिखें ना की गूगल के लिए। सच कहूं तो गूगल कभी SEO Optimize कॉन्टेंट पसंद नहीं करता, गूगल तो कहता है की आप User Optimize कॉन्टेंट लिखें। इसका अर्थ ये हुआ की यदि आपका कंटेंट यूजर को पसंद आ रहा है तो वह गूगल को भी पसंद आयेगा। एक इन्फोर्मटिवे कॉन्टेंट वही होता है जो यूजर अर्थात पाठक को संतुष्ट कर दे। फिर भी इन्फोर्मटिवे कॉन्टेंट के कुछ टिप्स तो दिए ही जा सकते हैं जो इस प्रकार हैं – कॉन्टेंट लंबा और विस्तृत हो, कॉन्टेंट छोटे पैराग्राफ में बंटा हो, कॉन्टेंट में हेडिंग, पॉइन्ट, हाईलाइट तथ्य, प्रमुख बातें आदि जैसी रचनात्मक शैली हो जो पाठक का ध्यान केंद्रित कर पाए। इसके अलावा अपने विषय से जुड़े अन्य किसी वेबसाइट, ब्लॉग या विकी पेज का लिंक देना भी उचित होता है। यदि आपने उक्त विषय पर पहले भी लेख लिखा है तो अपने ही लेख में अपने ब्लॉग का लिंक देना भी उचित माना जाता है। पाठक को अच्छे तरीके से समझाने के लिए इन्फोग्राफिक्स, फोटो, टेबल, ऑडियो और वीडियो आदि का भी सहारा लेकर अपने content को informative बनाया जा सकता है।

हमारा विषय है blogging kaise kare अतः इसमें हम ब्लॉग के प्रमोशन और उससे पैसा कमाने के तरीकों के बारें में बात नहीं करेंगे। हमें अपना पूरा ध्यान blog writing पर ही केंद्रित करके रखना है। तो चलिए जरा कुछ जरूरी बिंदुओं पर चर्चा कर लेते हैं जो अच्छे ब्लॉग लेखन में सहायक हैं –

  • एक अच्छा आर्टिकल लिखने के लिए आप उस विषय का चुनाव करें जिसे पूरी तरह आप समझा पाने में सक्षम हों।  
  • किसी दूसरे के जैसा ब्लॉग लिखने की बजाय आप अपनी शैली बनाएं और अपने जैसा ब्लॉग लिखें।
  • यदि आप किसी से रेफरेन्स लेते भी हैं तो ठीक उसके जैसा ना लिखें आप अपनी शैली से उसे बेहतर बनाकर लिखें।
  • अगर आप खुद लेखन कर रहे हैं तब आप स्वयं को शब्दों की सीमा में ना बांधें।
  • शब्द की सीमा से पार जाकर जो लेखन करता है वही असल मायने में पाठक को संतुष्ट कर पाता है।
  • लेख की गहराई विषय की जरूरत के हिसाब से तय करें।
  • जिन बातों का ज्ञान ना हो उसे अंदाज़ा लगाकर ना लिखें।
  • अच्छे विषयों पर आर्टिकल बनाने से पूर्व आप उसका अध्ययन अवश्य करें।
  • थोड़ा खोजी प्रवृत्ति के बने और ‘गूगल एडवर्ड कीवर्ड टूल‘ की मदद से अच्छे कीवर्ड का चुनाव करके अपना विषय निर्धारित करें।
  • यदि आप पैसे के दृष्टिकोण से ब्लॉग्गिंग कर रहे हैं तब आपके लिए “गूगल एडवर्ड कीवर्ड टूल” बेहद जरूरी उपयोगी है।
  • प्रतिदिन कम से कम 1 आर्टिकल लिखने का प्रयास जरूर करें, ज्यादा लिख सके तो बेहतर।

क्या ब्लॉग्गिंग में करियर बनाया जा सकता है ?

ब्लॉग्गिंग कैसे करें यह तब समझना और भी लाज़मी हो जाता है जब आप Blog Writing को अपने करियर के रूप में चुनने की सोचते हैं। जी बिल्कुल ब्लॉग लेखन को आप अपने भविष्य के रूप में चुन सकते हैं किन्तु आप शुरूआती परिश्रम के लिए खुद को तैयार भी रखें। अगर आप सच में ब्लॉग राइटिंग को लेकर गंभीर हैं तो आप इसकी शुरुआत मजबूत करें अर्थात ब्लॉग का फाउंडेशन काम चलाऊं ना हो।

फ्री ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म से दूरी बनाते हुए आप स्वयं का Domain और Hosting लेकर WordPress के साथ कार्य आरंभ करें। ब्लॉग के फाउंडेशन में SEO का महत्त्व सदैव ध्यान रखें अतः ब्लॉग सर्च इंजन फ्रेंडली बनायें तो बेहतर।

ब्लॉग में करियर निश्चित है मगर निरंतरता के साथ धैर्य और समझ ही आपको एक सफल ब्लॉगर बना सकती है। जहाँ आपकी समझ कम है वहां किसी अच्छे से जानकारी लेने में कोई बुराई नहीं। अगर आप जल्दी सफलता चाहते हैं तब आप किसी विशेष विषय पर आधारित ब्लॉग का निर्माण करें जिसे तकनीकि भाषा में ‘नीश’ के नाम से जाना जाता है। एक अच्छे व कमाऊ नीश पर आधारित ब्लॉग आपको के लिए लाभदायक होगा।

क्या नीश ब्लॉग्गिंग करना अच्छा होगा ?

अगर आप एक ही विषय पर लगातार लिखने से बोर नहीं होते तो Niche Blog बनाने में कोई बुराई नहीं। नीश ब्लॉग की खासियत ये है की यह आपको भीड़ से अलग कर देता है और आपके ब्लॉग पर वही लोग आते हैं जो उस विशेष नीश में रूचि रखते हैं। मल्टी सब्जेक्ट ब्लॉग की अपेक्षा नीश ब्लॉग किसी भी शुरूआती ब्लॉगर के लिए ज्यादा कारगर है। नीश ब्लॉग की एक दूसरी खासियत ये है की आप अपने नीश के आधार पर एफिलिएट मार्केटिंग भी कर सकते हैं। चूँकि नीश ब्लॉग पर एक विशेष विषय को पढ़ने वाले लोग आते हैं अतः उनको उसी विषय से संबंधित कोई प्रोडक्ट बेचना आसान हो जाता है। तीसरा, नीश ब्लॉग का फायदा यह है की उसपर आप किसी कंपनी के लिए स्पॉन्सर्ड राइटिंग आसानी से कर सकते हैं या किसी को बैकलिंक बेच सकते हैं। कुल मिलाकर सीधी बात ये है की नीश ब्लॉग्गिंग के माध्यम से आप ब्लॉग्गिंग के क्षेत्र में जल्द कामयाबी हासिल कर सकते हैं।

कुछ अच्छे नीश कौन से हैं ?

ट्रेवल, हॉलिडे, होटल रिसोर्ट, हेल्थ उपचार, योग मेडिडेशन, फिटनेस व्ययायाम, सप्लीमेंट्री डाइट, ऑटोमोबाइल, इन्शुरन्स, फैशन ब्यूटी, होम गार्डनिंग, इंटीरियर डिजाइनिंग, एजुकेशन, फाइनेंस इन्वेस्टमेंट, रियल एस्टेट, ईकॉमर्स…आदि जैसे नीश पर ब्लॉग्गिंग करके आप जल्द कामयाब हो सकते हैं और अच्छे पैसे भी कमा सकते हैं।

आप सोच रहे होंगे मैंने गैजेट और इलेक्ट्रॉनिक जैसे नीश का चुनाव क्यों नहीं किया। मैं आपको सूचित कर दूँ यदि आप ब्लॉग की दुनियां में अपना पहला कदम बढ़ा रहे हैं तो आप “गैजेट और इलेक्ट्रॉनिक” जैसे बेहद ट्रेंडिंग विषय पर कार्य ना करें। गैजेट और इलेक्ट्रॉनिक की दुनियां बड़ी तेज़ी से बदलती रहती है, हर 2 से 3 महीने में कुछ न कुछ नया प्रोडक्ट कंपनी लांच करती रहती है अतः इसपर तेज़ी से काम कर पाना नए ब्लॉगर के लिए काफी मुश्किल हो जाता है। एक और बात कहूं तो गैजेट-इलेक्ट्रॉनिक का विषय बड़ी जल्दी पुराना भी हो जाता है; अतः विषय ऐसा होना चाहिए जिसमें कॉन्टेंट की लाइफ भी हो। आपका लिखा कोई कॉन्टेंट आज कल परसों और सालों तक सर्च किया जाने योग्य हो।

क्या ब्लॉग को मोनेटाइज करने की जल्दबाज़ी होनी चाहिए ?

नहीं !! ब्लॉग को जल्द मोनेटाइज कराने के चक्कर में ना पड़ें। मेरा अपना अनुभव ये कहता है की पहले साल अच्छे लेखन पर ध्यान देकर अपने ब्लॉग के लिए कुछ निरंतर पाठक जुटा लिया जाना चाहिए। अगर आप 1 साल निरंतरता के साथ, लगन के साथ प्रतिदिन लेखन करते हैं तो आपके ब्लॉग पर दिन के 500 से 1000 विजिटर तो बड़ी आसानी से हो जायेंगे। जब आप दिन के 1000 विजिटर प्राप्त करने लगें तब ही गूगल एडसेंसे मोनेटाईजेशन के लिए आवेदन दें। यदि आप मेरा यह सुझाव मानते हैं तो आपका ब्लॉग मोनेटाइज होने के बाद ही पैसा कमाना शुरू कर देगा।

अगर आप जल्दबाज़ी में केवल 1 या 2 महीने में ही अपने ब्लॉग को मोनेटाइज करने की सोचते हैं तो हो सकता है गूगल आपका आवेदन ठुकरा दे। यदि आपका एडसेंसे आवेदन स्वीकार कर भी लिया गया तो आपके ब्लॉग पर जरूरी संख्या में विजिटर न होने की कमी से आप कुछ भी पैसा नहीं कमा पायेंगे। अगर आप 1000 विजिटर प्राप्त करने का आंकड़ा 1 साल की बजाय 6 महीने में ही प्राप्त कर लेते हैं तब आप 6 महीने बाद मोनेटाईजेशन का आवेदन करें। यदि आपके ब्लॉग पर प्रतिदिन 500 विजिटर भी आ जाते हैं तब भी आप गूगल एडसेंसे मोनेटाईजेशन के लिए जा सकते हैं, किन्तु बेहद जल्दबाज़ी का कोई फायदा नहीं।

क्या खुद का डोमेन और होस्टिंग लेना जरूरी है ?

मैंने पहले ही कहा की यदि आप Blogging के क्षेत्र में अपना Career बनाना चाहते हैं तब आप Free Blogging Platforms को सदा के लिए ना कह दें। फ्री ब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म जैसे – Blogger और Tumblr आदि पर आप केवल अपना कीमती समय नष्ट करेंगे। गूगल अपने सर्च रिजल्ट पेज पर भी ज्यादातर Top Domains को दिखाता है, अतः आप अपने ब्लॉग करियर की शुरुआत टॉप डोमेन के साथ करें न की किसी प्रकार के फ्री ब्लॉग से। दूसरी वजह ये भी है की खुद का डोमेन होस्टिंग होने से हम अपने ब्लॉग को ज्यादा अच्छे से हैंडल कर सकते हैं, अपने मन और जरूरत के मुताबिक उसे ढाल सकते हैं और सबसे बड़ी बात की सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के तहत उसे ज्यादा बेहतर बना सकते हैं।

ज्यादा कमाई के लिए क्या 1 से अधिक ब्लॉग बनाना उचित होगा ?

अगर आप 1 से ज्यादा ब्लॉग चलाने में सक्षम हैं तब आप जरूर एक से अधिक ब्लॉग का निर्माण करें। किन्तु एक बात का हमेशा ध्यान रखें की सभी ब्लॉग को 1 ईमेल आईडी से ना जोड़ें। बेहतर तरीका तो यही है की हर ब्लॉग के लिए अलग ईमेल आईडी हो और अपने हर एक ब्लॉग को अलग अलग मोनेटाइज करायें। ऐसा मैं इसलिए कह रहा हूँ क्योंकि हमारा कंट्रोल केवल अपने ब्लॉग पर है ना की गूगल की पॉलिसी पर। यदि आप अपने सभी ब्लॉग को एक ही ईमेल आईडी से जोड़ देंगे और उनपर एक ही एडसेंसे का मोनेटाईजेशन रखेंगे तो भविष्य में यह संभव है की आपके सारे ब्लॉग किसी एक ब्लॉग पर की गयी गलती की वजह से डी-मोनेटाइज हो जायें। जोश के साथ होश का होना भी बहुत जरूरी है अतः स्वयं को सुरक्षित करते हुए कार्य करना चाहिए।

ब्लॉग्गिंग के लिए क्या एस.ई.ओ की जानकारी होना अनिवार्य है ?

सीधा उत्तर है हाँ। अगर आप SEO की बेसिक समझ भी रखते हैं तब आप अपने ब्लॉग पर जल्द ट्रैफिक प्राप्त करने और गूगल में जल्द रैंक करा पाने में सफल होंगे। इसके अतिरिक्त SEO की समझ से आप अपने Blog का Structure सर्च इंजन फ्रेंडली बना सकते हैं जैसे – ब्लॉग का लोड टाइम, ब्लॉग का यूजर फ्रेंडली डिज़ाइन, ब्लॉग के नेविगेशन, ब्लॉग की केटेगरी, ब्लॉग के पब्लिश होने वाले यूआरएल, टाइटल डिस्क्रिप्शन कीवर्ड। अच्छे आर्टिकल के साथ साथ यदि आप SEO की अच्छी समझ रखते हैं तो वह सोने पे सुहागा जैसा होगा।

अंत में,

मुझे लगता है की मैंने आपके ज्यादातर प्रश्नों को शामिल कर उनका जवाब दे दिया है। Blogging Kaise Kare के अंतर्गत यदि आपके मन में कुछ और सवाल आ रहे हों तो आप नीचे कमेंट करके या पखेरू कांटेक्ट पेज की मदद से अपना प्रश्न पूछें। आप ब्लॉग्गिंग करें और अच्छे से करें आप जरूर कामयाब होंगे।

लेखक:
रवि प्रकाश शर्मा


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