ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध

ऑनलाइन शिक्षा पर निबंध
Online Shiksha Hindi Essay

आज के इस आधुनिक जीवन में हर चीज की सुविधा है। चाहे हमें शॉपिंग करना हो या खाना ऑर्डर करना हो। मनोरंजन का मन हो या फिर कोई गेम खेलना हो। बस एक क्लिक पर आज सब कुछ मुमकिन है। इसी प्रकार शिक्षा भी है, जिसे हम केवल एक क्लिक पर ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं। बस इसके लिए आपके पास मोबाइल या लैपटॉप के साथ इंटरनेट कनेक्शन का होना आवश्यक है।

पहले के ज़माने में हम केवल स्कूल और किताबों के द्वारा ही शिक्षा प्राप्त कर सकते थे। लेकिन आज ऑनलाइन शिक्षा ने सबकुछ बदलकर रख दिया है। ऑनलाइन हम किसी भी प्रकार की शिक्षा घर बैठे आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। आजकल ऑनलाइन सारी जानकारी उपलब्ध होती है, जिसे हम अपने मोबाइल अथवा कंप्यूटर के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं। भारत विगत कुछ वर्षों में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाला दुनियां का सबसे बड़ा देश बन चुका है।

ऑनलाइन शिक्षा हमारे लिए एक वरदान है, जिसका लाभ हम जब चाहें उठा सकते हैं। वैसे तो ऑनलाइन शिक्षा काफी समय से हमारे बीच मौजूद है, लेकिन इसका फायदा हमें तब सबसे ज़्यादा मिला, जब मोबाइल एवं लैपटॉप की उपलब्धता भारत के हर घर में हो गयी। हो सकता है कंप्यूटर अभी भी भारत के हर घर में ना हो किन्तु मोबाइल की पहुँच हर घर में हो चुकी है। वर्ष 2020 में कोविड-19 अर्थात कोरोना नामक बिमारी के कहर ने जहाँ एक तरफ लोगों को उनके घरों में कैद कर दिया तो वहीं दूसरी तरफ इसने ऑनलाइन शिक्षा को भी बढ़ावा दिया। यदि ऑनलाइन शिक्षा न होती तो लॉकडॉउन में छात्रों को शिक्षा से वंचित रहना पड़ जाता और इसका असर हमारे पूरे भारत की शिक्षा प्रणाली पर पड़ता।

ऑनलाइन शिक्षा का अर्थ
Meaning of Online Education in Hindi

जो शिक्षा हम स्कूल या कॉलेज के क्लास रूम में अपने शिक्षक से ब्लैकबोर्ड और किताबों के द्वारा प्राप्त करते हैं। वही शिक्षा जब हम कंप्यूटर, मोबाइल और इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे प्राप्त करें, तो वह ऑनलाइन शिक्षा कहलाती है।

जैसे कोरोना काल में लॉकडॉउन के दौरान छात्रों का स्कूल और कॉलेज का सारा कोर्स ऑनलाइन शिक्षा पर ही निर्भर था। ऑनलाइन शिक्षा के द्वारा ही ऐसी विषम स्थिति में भी छात्रों की पढ़ाई जारी रह सकी। ऐसी स्थिति में मोबाइल, कंप्यूटर और इंटरनेट के साथ ही टीचरों और अभिभावकों का भी बहुत बड़ा सहयोग रहा। जिसके द्वारा छात्रों की ऑनलाइन शिक्षा सफल हो सकी।

ऑनलाइन शिक्षा के प्रकार
Types of Online Education in Hindi

शिक्षा भी कई प्रकार की होती है, अलग-अलग प्रकार की शिक्षा को व्यक्ति अपनी आवश्यकतानुसार अलग-अलग प्रकार से प्राप्त करता है। इसी प्रकार ऑनलाइन शिक्षा भी है, जो कि दो प्रकार की होती है – (1) सिंक्रोनस शैक्षिक व्यवस्था, और (2) असिंक्रोनस शैक्षिक व्यवस्था।

(1) सिंक्रोनस शैक्षिक व्यवस्था
Synchronous Educational System in Hindi

सिंक्रोनस शैक्षिक व्यवस्था वह शैक्षिक व्यवस्था है, जिसमें एक ही समय पर शिक्षक और छात्रों के बीच किसी विषय के बारे में चर्चा होती है; अर्थात अध्ययन की शुरुआत होती है। इस प्रकार की शैक्षिक व्यवस्था में लाइव चैट, ऑडियो और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, वर्चुअल क्लासरूम इत्यादि चीजें आती हैं। सिंक्रोनस शैक्षिक व्यवस्था को रियल टाइम लर्निंग या लाइव टेलीकास्ट लर्निंग के नाम से भी जाना जाता है।

(2) असिंक्रोनस शैक्षिक व्यवस्था
Asynchronous Educational System in Hindi

इस प्रकार की शैक्षिक व्यवस्था में उपलब्ध कराई गई अध्ययन सामग्री से छात्र जब चाहे पढ़ सकता है। इसमें छात्रों को वेब लिंक्स, ऑडियो ई बुक्स, रिकॉर्डेड क्लास विडियो, प्रेक्टिस सेट आदि दिए जाते हैं। इन सामग्रियों को छात्र अपनी इच्छा और अपने खाली समय में पढ़-सुन या देख सकते हैं। अधिकतर लोग असिंक्रोनस शैक्षिक व्यवस्था को ही पसंद करते हैं और इसी के द्वारा शिक्षा प्राप्त करते हैं।

ऑनलाइन शिक्षा की आवश्यकता
Online Education Required in Hindi

ऑनलाइन शिक्षा की जरूरत आजकल हर क्षेत्र में और हर व्यक्ति को है। बल्कि यह कहेंगे कि कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं है, जो अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर हो और वह ऑनलाइन शिक्षा का सहारा ना लेना चाहे। एक अच्छी शिक्षा प्राप्ती के लिए जहां अच्छी-अच्छी किताबों की आवश्यकता है। वहीं आज के दौर में ऑनलाइन शिक्षा की भी जरूरत है। स्कूल एवं कॉलेज में क्लास रूम की शिक्षा के बाद हम पढ़े हुए विषय का अधिक गहराई से अध्ययन कर सकते हैं यदि हमारे पास इंटरनेट, मोबाइल अथवा कंप्यूटर हो तो। क्लास रूम में अध्यापक या अध्यापिका द्वारा समझायी गयी बातें शायद हम भूल जायें किन्तु ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था में हम एक विषय को बार बार एवं कई बार बढ़ सकते हैं और उसे दोहरा सकते हैं। यहाँ तक की उस वीडियो को अपने मोबाइल या कप्यूटर में सदा के लिए स्टोर करके रख सकते हैं।

ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था जहाँ एक ओर छात्रों को पढ़ने की सुविधा प्रदान करती है तो वहीं दूसरी ओर शिक्षकों को भी यह सुविधा देती है की वे ऑनलाइन अध्यापन कर ज्यादा से ज्यादा छात्रों को शिक्षित कर सकें एवं शिक्षा की दुनियां में अपना एक बड़ा नाम भी बना सकें।

इसके अतिरिक्त ऑनलाइन शिक्षा की आवश्यकता निम्नलिखित लोगों को है –

  • ऐसे लोग जो कहीं नौकरी करते हैं, लेकिन साथ में अपनी पढ़ाई भी पूरी करना चाहते हैं। उनके लिए ऑनलाइन शिक्षा बहुत ही कारगर है।
  • वह व्यक्ति जो शिक्षा प्राप्त करना चाहता है, लेकिन कोर्स की फीस अधिक होने के कारण पढ़ाई करने में असमर्थ है। तो ऐसे व्यक्ति के लिए ऑनलाइन शिक्षा बहुत ही अच्छा विकल्प है। ऐसा व्यक्ति ऑनलाइन किसी भी प्रकार की शिक्षा प्राप्त कर सकता है और काबिल बन सकता है।
  • ऑनलाइन शिक्षा उन लोगों के लिए भी बहुत महत्व रखती है, जो लोग किसी मजबूरी के कारण घर से बाहर नहीं निकल सकते। इसमें अपाहिज, गृहणी, बड़े-बुज़ुर्ग या फिर वे लोग शामिल हैं जो ऐसी जगह पर रहते हैं जहां पर उच्च श्रेणी की शिक्षा पाना असंभव है। लेकिन ऑनलाइन शिक्षा के द्वारा यह सब घर बैठे हासिल किया जा सकता है।
ऑनलाइन शिक्षा के लाभ
Benefits of Online Education in Hindi

ऑनलाइन शिक्षा के एक नहीं अनेक लाभ हैं। ऑनलाइन शिक्षा से आज हर व्यक्ति पढ़ना और लिखना सीख गया है। ऐसे लोग जो युवा-अवस्था या प्रौढ़ावस्था में पढ़ना-लिखना चाहते थे, लेकिन शर्म की वजह से किसी से अपनी इच्छा अभिव्यक्त नहीं कर पाते थे। वे सभी आज स्मार्ट फोन और इंटरनेट के द्वारा ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने में सक्षम हैं। ऑनलाइन शिक्षा से छात्रों को और क्या-क्या फायदे हैं, आइए विस्तार से जानते हैं –

  • ऑनलाइन शिक्षा का सबसे बड़ा फायदा यह है कि विद्यार्थी घर बैठे ही देश-विदेश के किसी भी संस्थान की शिक्षा को प्राप्त कर सकता है।
  • स्कूल और कॉलेज जाने के लिए साधन की आवश्यकता होती है। वहीं रोज़ घर से बाहर जाने में समय, ऊर्जा और धन की भी हानि होती है। घर बैठे ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने से साधन का खर्च बच जाता है और समय एवं ऊर्जा की भी बचत होती है।
  • जो लोग किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करते हैं, उन लोगों के लिए भी ऑनलाइन शिक्षा का बहुत अधिक महत्व रखती है। वे परीक्षा संबंधित पाठ्यक्रम और परीक्षा पेपर मॉडल ऑनलाइन प्राप्त करके उसकी तैयारी कर सकते हैं।
  • यदि वर्चुअल क्लास के दौरान छात्र को कोई बिंदु स्पष्ट समझ नहीं आता है तो वह दोबारा से शिक्षक से उस बिंदु को समझाने का निवेदन कर सकता है। इसके अलावा यदि छात्र को कोई अध्याय समझ में नहीं आता है तो वह रिकॉर्ड हुई क्लास को दोबारा देखकर उस अध्याय को आसानी से समझ सकता है।
  • कुछ चीजें ऐसी भी होती हैं जो हमें अपने पाठ्यक्रम से समझ नहीं आ पाती। ऐसे में गूगल पर हम इन चीज़ों को आसान भाषा में सर्च करके देख सकते हैं।
  • ऑनलाइन अल्प शुल्क में ही बहुत अच्छे-अच्छे संस्थानों के कोर्स करने की सुविधा होती है। जिसे हम अपनी इच्छा एवं रूचि के अनुसार चुन सकते हैं।
  • स्कूली पाठ्यक्रम के अलावा हम ऑनलाइन अपनी मनपसंद की चीजें भी सीख सकते हैं। जैसे – सिलाई, कढ़ाई, कुकिंग, पेंटिंग, ब्लॉगिंग, डिजिटल मार्केटिंग और भी अनगिनत काम की चीजें।

लॉकडॉउन में ऑनलाइन शिक्षा के लाभ
Benefits of Online Education During Lock-down in Hindi

जैसा मैंने पहले ही ऊपर आपको बताया कि यदि ऑनलाइन शिक्षा न होती तो कोरोनाकाल में लॉकडाउन के दौरान भारत के सभी छात्र शिक्षा से वंचित रह जाते। इसका भुगतान न केवल देश के छात्रों को करना पड़ता, बल्कि देश के भविष्य पर भी इसका दुष्प्रभाव देखने को मिलता। लेकिन कहते हैं न कि हर कठिन परिस्थिति में ईश्वर कोई न कोई हल निकाल ही देता है। उसी प्रकार लॉकडॉउन की कठिन परिस्थिति में ईश्वर ने ऑनलाइन शिक्षा की राह दिखाई। ऑनलाइन शिक्षा के द्वारा विद्यार्थियों का साल बर्बाद होने से बच गया।

ऑनलाइन शिक्षा के द्वारा ही छात्रों ने घर पर रहकर अपनी पढ़ाई पूरी की। घर पर शिक्षा प्राप्त करने से न केवल वे कोरोना के खतरे से बचे। बल्कि मंद आर्थिक व्यवस्था में वे स्कूल और कॉलेज आने-जाने के खर्चों और परेशानियों से भी बच गए।

भारत में ऑनलाइन शिक्षा से जुड़े कुछ रोचक तथ्य:

भारत में वर्ष 2016 के मुताबिक ऑनलाइन शिक्षा का बाजार करीब $247 मिलियन का था, जिसे 2021 के अंत तक लगभग 1.96 बिलियन डॉलर बढ़ने की उम्मीद है। यह 52% की एक वार्षिक वृद्धि दर है, जो कि सच में एक बड़ा आंकड़ा दर्शाती है और यह भी बताती है की अगली पीढ़ियों के लिए ऑनलाइन शिक्षा किस कदर जरूरी होगी।

वर्ष 2016 में विभिन्न ऑनलाइन शिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए नामांकित उपयोगकर्ताओं की संख्या 1.6 मिलियन होने के करीब रही किन्तु वर्तमान वर्ष 2021 के अंत तक इसे लगभग 9.6 मिलियन बढ़ने की उम्मीद है या हो सकता है यह अपने अनुमानित आँकड़े को भी पार कर जाये।

उच्च आकांक्षाओं के साथ 15-40 आयु वर्ग के बीच भारत में लगभग 48% आबादी आती है, लेकिन कम आय ऑनलाइन शिक्षा के लिए एक अच्छा लक्ष्य बाजार है और, युवा जनसांख्यिकीय में ऑनलाइन चैनल की स्वीकार्यता अधिक देखने को मिलती है।

ऊपर लिखे गये सभी कारक भारत में ऑनलाइन शिक्षा की भागीदारी और इसके भविष्य की क्षमता को स्पष्ट रूप से दर्शा रहे हैं। पारंपरिक स्कूल और कॉलेज शिक्षा आगे भी जारी रहेगी पर ऑनलाइन शिक्षा विश्व में सभी छात्रों के लिए एक सुगम व्यवस्था के रूप में उभरी है। क्लास रूम, ब्लैक बोर्ड, वाइट बोर्ड के अतिरिक्त लाइव वीडियो स्ट्रीमिंग से मिलने वाली शिक्षा तेजी से अपने पैर पसार रही है।

यह देखना होगा की ऑनलाइन शिक्षा की जड़ें जमीन में और कितनी गहराई तक जाती हैं और न सिर्फ भारत अपितु विश्व की शिक्षा प्रणाली में कितना व्यापक बदलाव ला पाती हैं। परन्तु यह तो मानना ही पड़ेगा की ऑनलाइन शिक्षा भारत समेत समूचे विश्व के एक जरूरी पहलु है जिसे हर हालत में न सिर्फ अपनाना वरन इसे और भी अधिक सुविधा जनक बनाना होगा ताकि शिक्षा पर सभी का अधिकार अधिक मजबूती से कायम हो सके।

लेखिका:
ज़रनैन निसार