पहले मोदी इफेक्ट्स और अब योगी इफेक्ट्स

मोदी इफेक्ट्स कि शुरुआत वर्ष 2014 से हुई जो अब तक विद्द्मान है। परन्तु वर्तमान वर्ष 2017 (मार्च) में आये उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाओं के परिणामों में भारतीय जनता पार्टी को विशाल जनमत मिला और 14 साल के बड़े अंतराल के बाद बी.जे.पी Uttar Pradesh कि सत्ता पर काबिज हुयी। 325 सीटों का विशाल जनमत सच में सत्तारूढ़ पार्टी के लिये किसी अचम्भे से कम न था। उत्तर प्रदेश कि जनता से मिला यह अद्भुत जनमत का असर ऐसा हुआ की BJP इस कश्मकश में पड़ गयी कि UP का CM किसे बनाया जाये। लगभग पाँच दिन तक चले इस राजनीतिक उठा पटक में एक ऐसा नाम तय हुआ जिसका आंकलन कोई नहीं कर सकता था। 18 March 2017 को उत्तर प्रदेश को मुख्यमंत्री के तौर पर Yogi Adityanath का चेहरा मिला जो समस्त राजनितिक दलों के गलियारों में चहल पहल का कारण बना। किसी को भी यह उम्मीद ना थी कि Uttar Pradesh जैसे विशाल और जटिल राज्य का Chief Minister एक महंत बनेगा जो रूढ़ हिन्दूवादी छवि के लिये भी जाना जाता है। मगर ये कोई नहीं जानता था कि Yogi Effect तो Modi Effect से भी ज्यादा असरदार होगा।

PM-Modi-to-CM-Yogi-Effects

उत्तर प्रदेश के चीफ मिनिस्टर (chief minister) आदित्य नाथ योगी जी के कार्यों की चर्चा उनके सीएम बनने के बाद से ही शुरू हो गयी है । बिना कैबिनेट बैठक के उन्होंने जो फैसले लिए है वो सभी के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। योगी जी ने सभी मंत्रियों और अफसरों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा सीएम ऑफिस में देने का आदेश दिया है इतना ही नहीं उन्होंने सभी अफसरों को समय पे ऑफिस आने का आदेश दिया है और सचिवालय और दफ्तर परिसर के अंदर पान गुटका पे रोक भी लगाया है जो की सराहनीय फैसला है।

  • बिना लाइसेन्स के चल रहे बूचड़खानों को बंद करवाया जिसका तत्कालित असर कई शहरो में दिखा और अवैध चल रहे बूचड़खाने बंद हो गए।
  • स्वास्थ्य विभाग को बेहतर बनाने का आदेश दिया है और सभी सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को समय पे पहुचने का भी आदेश दिया गया है। 3000 नई मेडिकल शॉप्स खुलवाई जाएँगी जहाँ सस्ती दवाइयां उपलब्ध होंगी।
  • किसानों का सतप्रतिशत अनाज सरकार खरीदेगी और और अनाजो के क्रय के लिए सरकार छत्तीसगढ़ का मॉडल अपनाएगी और सभी शुगर मिल गन्ना खरीद के 14 दिनों के अंदर उसका भुगतान करेंगी सभी सहकारी समितियों को पुनः कार्य करने योग्य बनाया जाये।
  • आगरा, इलाहाबाद, मेरठ, झाँसी और गोरखपुर मेट्रो के लिए जल्दी ही डीपीआर तैयार किये जाये।
  • स्कूलों में अघ्यापक टी शर्ट न पहनें और गुरु और शिष्य की परंपरा को बनाये रखें, बेवजह स्कूलों में मोबाइल फ़ोन के इस्तेमाल से बचें व स्कूलों में अघ्यापक की सतप्रतिशत उपस्तिथि हो।
  • सरकारी दफ्तरों में पॉलीथिन का इस्तेमाल बंद हो दफ्तर परिसर में सफाई का ध्यान रखा जाये पान गुटका आदि बंद हो सरकारी फाइलों का निस्तारण जल्द हो। दफ्तरों में बिओमेट्रिक्स के द्वारा उपस्तिथि दर्ज कराइ जाये और सभी सरकारी दफ्तरों में सीसीटीव कैमरे लगे हों ।
  • कोई भी मंत्री अपने विभाग से सम्बंधित फाइल अपने घर नहीं ले जा सकता और सभी मंत्री हर हफ्ते अपने विभाग के फाईलो की सूचि बनाये।
  • सूबे में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या बड़ाई जाये और सभी थानों पे एक महिला और एक पुरुष पुलिस रिसेप्शन पे मौजूद हो, किसी भी शिकायत की तत्काल प्रभाव से प्राथमिकी दर्ज हो , UP पुलिस आम जनता के साथ अच्छा व्यहार करे , फरियादियों को पिने के पानी की सुविधा प्रदान की जाये और जेलो में सुविधाओं को बढ़ाया जाये।
  • एंटी रोमियो स्क़्वार्ड़ के गठन , अगर सहमति से बैठे युवक और युवती है तो पुलिस उन्हें परेशान न करे , किशोरियों से छेड़छाड़ के मामले में अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
  • प्रदेश के सभी सड़कों के गड्ढ़ों को 15 जून तक ठीक करने के आदेश है।
  • साइबर क्राइम को रोकने के लिए ब्लूप्रिंट तैयार किये जाये।
  • योगी जी के कम समय में इतने सारे कामों की चर्चा जोरों पर है और उत्तर प्रदेश योगी इफेक्ट्स से तेजी से परिवर्तित हो रहा है।

ऊपर लिखे हुए बिंदुओं पर गौर करें तो CM Yogi Adityanath नें सत्ता में आते ही कई साहसिक फैसले लिये हैं जो जनता के हित में है। योगी आदित्यनाथ जी कि खिलाफत करने वाले लोग भी आज उनका गुणगान कर रहे हैं। केवल 10 दिनों के भीतर योगी जी नें यह सिद्ध कर दिया कि वही मुख्यमंत्री पद के सही उम्मीदवार थे। अगर ये Yogi Effects यूंही बरकरार रहा तो उत्तर प्रदेश जल्द ही उत्तम प्रदेश में तब्दील हो जायेगा।