Nuclear vs Joint Family – Breaking Ties with Relatives, Why Joint Family Important?

सामूहिक और एकल परिवार” , मैं किसी कथा कहानी या फिल्म की बात नहीं कर रहा बल्कि ये शीर्षक वर्तमान में कमजोर होते पारिवारिक रिश्तों और प्रभावित होते जीवन के मामलों को उजागर करता है। हमारे देश में माँ बाप , भाई बहन, पती पत्नी के अलावा ऐसे कई अन्य रिश्ते भी हैं जिन्हें अटूट माना जाता है जिसे हम संयुक्त परिवार का रिश्ता भी कहते हैं। बात तो सच है, Joint Family में आने वाले हर रिश्तों का एक बड़ा महत्त्व होता हैं।

Nuclear-vs-Joint-Family

भारतीय संस्कृति में पारिवारिक रिश्तों को निभाने का चलन सदियों पुराना है जो आज भी विद्यमान है। अगर हम गुजरे ज़माने की बात करें तो Joint Family जो कि हर घर की शान हुआ करती थी, पर आज थोड़ा इसमें गिरावट आयी है परंतु रिश्ते ख़त्म नहीं हुए। जैसे जैसे हमारा समाज आगे बढ़ा Joint Family धीरे धीरे टूट कर Nuclear Family में तब्दील होती चली गयी यहाँ तक कि अब ये पूर्णतः एकल परिवार के रूप में तब्दील होती जा रही है यानि कि मियां बीवी और बच्चे। इन टूटे रिश्तों के कुछ सकारात्मक पहलु भी हैं पर ज्यादातर मामलों में नकारात्मक पहलु ही दिखाई पड़ते हैं जिससे जीवन प्रभावित हो रहा है और व्यक्ति अकेलेपन का शिकार होता जा रहा है।

Nuclear Family, क्या हैं सकारात्मक फायदे:


    • Nuclear Family में इंसान अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को ज्यादा अच्छे से निभा पाता है क्योंकि वो पूर्णतः अपने ही परिवार पर केंद्रित रहता है जिसमें पती पत्नी और बच्चे शामिल हैं।
    • एकल परिवार में एक व्यक्ति द्वारा कमाये हुए धन का उपयोग उसी के परिवार के कल्याण के लिए होता है जिसका फायदा उसके बच्चों को मिलता है।
    • व्यक्ति अच्छे से अपने परिवार का भरण पोषण कर पाता है और बच्चों को अच्छी तालीम भी दे सकता है।
    • एकल परिवार होने के नाते अन्य रिश्तों के साथ पारिवारिक मतभेद होने के chances भी ना के बराबर होते हैं।
    • अपने द्वारा अर्जित किये हुए धन से वो अपने भविष्य कि योजनाओं पे ध्यान से कार्य कर पाता है क्योंकि उसके द्वारा कमाये हुए धन का विभाजन नहीं होता।




    उपरोक्त दिए हुये चंद बिंदु काफी हद तक ठीक हैं क्योंकि संयुक्त परिवार में व्यक्ति की जिम्मेदारियां अधिक बढ़ जातीं हैं।

    Joint Family के फायदे:

    • जॉइंट फॅमिली एक समूह है जिसमें कई रिश्तों का प्यार देखने को मिलता है ऐसे में घर का प्रत्येक व्यक्ति चाहे वो पुरुष हो या महिला सब हर्ष और प्रसन्नता से रहते हैं।
    • सामूहिक परिवार अकेलेपन का अहसास नहीं होने देता वहाँ आपकी बात सुनने और जानने के लिए बहुत लोग होते हैं।
    • सामूहिक परिवार कर फायदा सबसे अधिक बच्चों को मिलता है क्योंकि बच्चे सबके साथ खेल कर आनंदित होते हैं वहीं बड़े बुजुर्ग उनको अच्छे संस्कार भी देते हैं।
    • अपनें अगर साथ हों तो आपकी आधी तकलीफ तो यूंही कम हो जाती है ; जीवन की छोटी मोटी परेशानियों का सामना आप मजबूती से कर पाते हैं।
    • संयुक्त परिवार का माहौल तब और रंगीन हो जाता है जब घर में किसी की शादी या फिर कोई त्यौहार हो जबकि एकल परिवार में हम इन खास अवसरों पे भी अकेले ही होते हैं।
    • संयुक्त परिवार का महत्त्व हमें तब समझ में आता है जब बच्चे अच्छे संस्कार लिये हुए आगे बढ़ते हैं और अपने जीवन में कामयाबी हासिल करते हैं , परंतु एकल परिवार में बच्चे भी युवावस्था में आने के बाद अकेलेपन की दुनिया में चले जाते हैं। बच्चों को हर उम्र में मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है जो की एकल परिवार में संभव नहीं हो पाता जिसके कारण बच्चे युवावस्था में आकर अपने रास्ते से भटक जाते हैं।





    अगर हम Joint और Nuclear Family दोनों के महत्त्व को ध्यान से देखें तो फायदा Joint Family का ही दिखाई देता है परंतु फिर भी लोग धीरे – धीरे अपने पारिवारिक संबंधों से अलग होते जा रहे हैं। बाहर की बनावटी दुनिया हमें कुछ हद तक लुभाती जरूर है पर जब जीवन का एक बड़ा हिस्सा गुजर जाता है तब हमें अपने द्वारा की गयी गलतियों का अहसास होता है जहाँ से वापस लौटना भी हमारे वश में नहीं होता। प्रति व्यक्ति बढ़ती हुई जिम्मेदारियां, घर के खर्च, पूंजीवादी युग नें हमें शायद मजबूर कर दिया है अपनों से जुदा होने के लिए। वक़्त के साथ रिश्तों की मधुरता ख़तम होती जा रही है व्यक्ति चारदीवारी में कैद है कोई अवसाद से ग्रसित है, किसी का बी पी High है, कोई मधुमेह से लड़ रहा है, किसी का Migraine का इलाज़ हो रहा है ; डॉक्टर कहता है थोड़ा हँसिये खेलिये बोलिये आप जरूर ठीक हो जायेंगे। पर किसके साथ हँसे ? , किससे बोलें ? और कहाँ खेलें ? अपनों से रूठ कर परायों से आस लगाये बैठे हैं जहाँ सिर्फ ग़म के सिवाय और कुछ नहीं है।

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    1. Sandeep chawla