“सामूहिक और एकल परिवार” , मैं किसी कथा कहानी या फिल्म की बात नहीं कर रहा बल्कि ये शीर्षक वर्तमान में कमजोर होते पारिवारिक रिश्तों और प्रभावित होते जीवन के मामलों को उजागर करता है। हमारे देश में माँ बाप , भाई बहन, पती पत्नी के अलावा ऐसे कई अन्य रिश्ते भी हैं जिन्हें