विशेषांक Special – रोचक जानकारियां, विशेष लोगों की रोचक बातें Archive

माँ – मातृ दिवस, 11 मई मदर्स डे विशेष

“माँ” जितना छोटा है यह शब्द उतना ही बड़ा है इसका अर्थ, समेटे है अपने अंदर सारे ब्राह्मण को इस सारी सृष्टि को, सुनने में इसकी आवृति जितनी छोटी है , उतनी ही बड़ी है इसकी महत्ता इसकी सार्थकता। एक अद्भुत कृति है ईश्वर की, आनंद और ममता से परिपूर्ण, निश्छल भावों को हृदय

जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी

हमारे देश में जन्म देने वाली माँ और मातृ भूमि का दर्जा स्वर्ग से भी ऊपर बताया गया है, पर आज के बदलते परिवेश में जब देशवासी देश और मातृभूमि त्याग करके विदेशों में बसने लगे हैं तब मातृभूमि का क्या अर्थ रह जाता है ? व्यक्ति मातृभूमि का त्याग कर सकता है,पर क्या

जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक राजनीती एवम् भारत

जलवायु परिवर्तन को नजर में रखते हुए वैश्विक स्तर पर कई सम्मेलनों का आयोजन हुआ, जिसमें तमाम देशों ने मिल कर वर्तमान की सबसे चुनौती पूर्ण समस्या से निजात के लिए कई प्रकार की योजनाएं बनाई। स्काटहोम सम्मेलन की 20वीं वर्षगांठ मनाने हेतु ब्राजील के शहर रियो-डी-जेनेरियो में आयोजित रियो सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन,

गणतंत्र विशेष – पूर्ण स्वराज और गणतंत्र दिवस इतिहास, क्यों इतना है महत्वपूर्ण

Gantantra Diwas Kya Hai ? वैसे तो इस विषय की जानकारी लगभह प्रतेय भारतवासी को होगी। Republic Day Kyu Manate Hain इसके बारे में भी हम सभी देशवासी जानते होंगे। किन्तु प्रायः ये देखने अथवा सुनने में आता है कि युवा पीढ़ी, स्कूली बच्चे अभी भी इसके पूर्ण ज्ञान से वंचित हैं। वे सभी

दीपावली से जुड़ी हुई रोचक परम्पराएँ

सर्वप्रथम आप सभी को दीपावली की ढेर सारी शुभकामनाएँ। मैं कामना करती हूँ कि आप का यह त्यौहार शुभ हो। दीपावली रोशनी का उत्सव है। यह त्यौहार हमें सिखाता है कि कैसे हर अंधकारमय कोने को हम सकारात्मक रोशनी से रौशन कर सकते हैं। लेकिन क्या आपने कभी जानना चाहा है कि Deepawali को

कलाम साहब को सलाम

कुछ लोग जाते-जाते हमें जिंदगी जीना सिखा जाते हैं। जी हाँ, कलाम साहब एक ऐसी शख्सियत थे जिनके मुकाम पर पहुँच पाना नामुमकिन के काफी करीब है। आज उनके जन्मदिन पर मैं आपसे कुछ खास बातें करना चाहती हूँ। वह बातें जो कि कलाम साहब की जिंदगी को और भी रोचक और प्रेरणादायक बनाती

अटल जी: एक अतुलनीय व्यक्तित्व

भारत का एक हीरा भारत ने खो दिया, यह बात सच है कि अटल बिहारी वाजपेयी जी की कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। एक प्रखर राजनेता, एक अतुलनीय कवि, एक बेहतरीन वक्ता और एक अखण्ड शख्सियत अब हमारे बीच नहीं है लेकिन अटल जी ने अपने जीवन को इतना बड़ा बना दिया

“अटल बिहारी वाजपेयी” एक नाम कई पहचान

“अटल बिहारी वाजपेयी” एक नाम कई पहचान। Atal Bihari Vajpayee Ek Naam Kayi Pahchaan अमूमन तौर पर एक व्यक्ति की केवल एक ही पहचान होती है परन्तु इस धरा पर कई ऐसे व्यक्ति या फिर यूँ कहें महान विभूतियों नें जन्म लिया है जिनको कई रूप में जाना व पहचाना जाना जाता है। ऐसी

क्योंकि हम आज़ाद हैं

हम अपनी स्वतंत्रता का एक नया वर्ष पूरा करने जा रहे हैं इस दिवस को मूलतः स्वतंत्रता दिवस के नाम से जाना जाता है। भारतीय होने के नाते मुझे आपको यह बताने की आवश्यकता नहीं कि हमारा देश 15 अगस्त सन 1947 को आज़ाद हुआ था। लेकिन यह सब बातें तो आज बहुत पुरानी

सम्पूर्णता का नाम: महाकुम्भ मेला

भारत ही नहीं अपितु समस्त विश्व में होने वाली सबसे बड़ी मानस सम्मेलन का नाम महाकुंभ। यह पूरी दुनिया में आयोजित होने वाले मेलों में से सबसे बड़े मेले का नाम है। जहाँ पर हर बार करोड़ों की संख्या में जनता शामिल होती है। महाकुंभ हर 12 वर्ष के अंतराल में आयोजित किया जाता