मनोज मुंतशिर की कलम से गीत ‘पिया मोरे भोले भोले’ फिल्म बादशाहो

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पिया मोरे भोले भोले - मनोज मुंतशिर

मनोज मुंतशिर को ‘तेरी गलियाँ’ गाना लिखने के लिए वर्ष 2015 में आइफा अवार्ड से नवाजा गया था । अगर आपको याद हो तो तेरी गलियाँ में संगीत दिया था अंकित तिवारी ने और गाने को गाया भी उन्होंने ही था । इस बार बादशाहो फिल्म के गाने ‘पिया मोरे’ के लिए ये जोड़ी एक बार फिर साथ आई है । गीत को लिखा है मनोज मुंतशिर नें, संगीत है अंकित तिवारी का और गाया है पॉप किंग मिका सिंह व् चुलबुली नीती मोहन नें । फिल्म बादशाहो में मुख्य किरदार निभा रहे इमरान हाशमी और सनी लियॉन पर ये धमकदार गीत फिल्मया गया है । इस बात से हम सब अच्छी तरह से वाकिफ हैं कि इमरान हाशमी की फिल्म जितनी मसालेदार होती है उससे अधिक कहीं जायका उनकी फिल्म के गीतों में होता है । इमरान हाश्मी के फिल्मों के सारे गाने सुपर हिट होते हैं तो ऐसे में भला ‘पिया मोरे’ का जादू कैसे न चलता । मनोज मुंतशिर द्वारा रचित यह गीत 25 जुलाई के दिन ही रिलीज़ किया गया जो केवल कुछ ही घंटों में संगीत प्रेमियों की जुबान पर चढ़ गया है ।

पिया मोरे भोले भोले
मूव योर बॉडी होले होले
ले चल जहा वह साथ जाउंगी……..

यह गीत लिख कर मनोज जी नें एक और सुपर हिट इमरान हाश्मी की लिस्ट में जोड़ दिया है और सनी लियॉन तो पहले भी इनके लिखे हुए हिट गीत ‘खुदा भी जब तुम्हें मेरे पास देखता होगा’ और ‘रोम रोम रोमांटिक’ से परदे पर आग लगा चुकी हैं । खुदा जब भी तुम्हें देखता होगा आज भी जब बजता है तो सुनने वाला खो जाता है । बादशाहो फिल्म का एक गाना और भी है ‘मेरे रश्के कमर’ जो यू ट्यूब पर लगभग 35 मिलयन से भी ज्यादा बार देखा चुका है । नुसरत फ़तेह अली खान जी नें इस गाने को 1997 में गाया था । मनोज मुंतशिर नें इसे फिर से लिखा है जिसे संगीत दिया है तनिष्क बागची नें और इस गाने में आपको नुसरत जी की आवाज के साथ-साथ राहत फ़तेह अली खान की आवाज भी सुनने को मिलती है । सच में नुसरत जी के गाये गीतों में कुछ जोड़ना हर किसी के बस की बात नहीं है लेकिन मनोज मुंतशिर द्वारा लिखी पंक्तियां….

रेत ही रेत थी मेरे दिल में भरी
रेत ही रेत थी मेरे दिल में भरी !
प्यास ही प्यास थी ज़िन्दगी ये मेरी
प्यास ही प्यास थी ज़िन्दगी ये मेरी !
आज सेहरा में इशक के गावं में
आज सेहरा में इशक के गावं में !
बारिशें घिर के आईं मजा आ गया !!

गौर फरमायें तो ऐसा लगता ही नहीं की इन पंक्तियों को अलग से लिख कर मुख्य गीत के संग जोड़ा गया है जो मनोज मुंतशिर की असल क़ाबलियत को उजागर करता है ।

वैसे आपको ये बात बताता चलूँ की मनोज मुंतशिर नें इससे पहले भी नुसरत जी की एक ग़ज़ल ‘तुम्हें दिल्लगी भूल जानी पड़ेगी’ को भी फिर से लिखा है । मनोज मुंतशिर कहते हैं कि उन्हें बस लिखना आता और इसीलिए उनका जन्म हुआ है । अपनी कही बातों को वो साबित भी कर रहे हैं अपने लिखे हर अलफ़ाज़ से । 1 सितम्बर को बादशाहो बड़े परदे पर रिलीज़ पर हो रही है इसका ट्रेलर और गाने दोनों ही हिट लिस्ट मे शुमार है जिसके चर्चे फ़िल्मी गलियारों में अभी से हैं ।

फिल्म बादशाहो के अलावा मैं बस यही कहना चाहूँगा कि मनोज मुंतशिर ऐसे ही अपनी कलम चलाते रहें ताकि हम सभी संगीत प्रेमियों को हमेशा ही कर्णप्रिय गीत सुनने को मिलते रहें ।

 

 


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