रुक जाना नहीं

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इस ब्रम्हांड में सब कुछ चलायमान है और जो चलायमान है वही जीवित है, जो अचल है वह मृत के समान है। यहाँ चल और अचल से तात्पर्य क्रिय और निष्क्रिय से है। नदियां , झरने सदैव बहते रहते हैं यदि उनका बहाव रुक जाए तो जल उपयोगी नहीं होता विषाक्त होता चला जाता है। पृथ्वी सदैव सूर्य की परिक्रमा करती रहती है फलस्वरूप दिन और रात होते हैं। प्रकृति हमे सिखाती आ रही है की सदैव निरतंर अपनी क्रिया में सलग्न रहें तभी आप आगे बढ़ते चले जायेंगे परन्तु हम ही अक्सर अपने जीवन मे रुक जाते हैं। अपनी असफलताओं का रोना रोते रहते हैं, हम भूल जाते हैं कि हम कौन हैं ? हम इस धरती पर सबसे बुद्धिमान प्राणी हैं और यह निरंतरता हममें भी है।



Ruk Jana Nahi - Motivational Story in Hindi




हम आदिमानव कहलाते थे आदिकाल का मानव भी क्या आज के मानव जैसा था! नहीं बिल्कुल भी नहीं, वह किसी पशु के समान था जिसे कुछ भी ज्ञात नहीं था वह बुद्धिहीन था परंतु समय के साथ उस बुद्धिहीन मानव ने विकास किया अथवा खोज व आविष्कार किये अपने जीवन को बेहतर बनाने के लिए। आज का मानव, रूप बनावट बुद्धि अविष्कार तकनीकी सभी दृष्टिकोणो में बदल चुका हैं, यूँ कहें की विकसित हो चुका है। समय के साथ-साथ चलते हुए, आगे भी यह निरंतरता बनी रहनी चाहिए क्योंकि परिवर्तन ही जीवन है परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है।

समय परिवर्तनशील है, बीता हुआ समय कभी नहीं लौटता और जो व्यक्ति समय के साथ-साथ आगे बढ़ जाता है वह अपने जीवन में सबकुछ कर ले जाता है जो वह करना चाहता है। व्यक्तिगत रूप से बात करूँ तो प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहता है सफलता प्राप्त करना चाहता है। परंतु सफलता क्या है ? जिसे हासिल करना इतना मुश्किल है।

सफलता अर्थात success यानी कामयाबी, जहाँ हम हैं उस स्तर से समय के साथ आगे बढ़ते हुए लक्ष्य की प्राप्ति करना ही सफलता है। सफलता को समझिये.. हमें किस रूप में आगे बढ़ना चाहिए।

मैं अपने कुछ विचारों को सांझ करना चाहूंगी:

# आपका लक्ष्य

सफल होने के लिए सर्वप्रथम हमारा लक्ष्य होना जरूरी है, लक्ष्य का ना होना बिना गंतव्य स्थान के यात्रा करने जैसा है। यात्रा हमें आनंद तो देती है परंतु यह आनंद क्षणिक होता है।

लक्ष्य होगा तो कार्य करने के लिए दिशा मिलेगी, प्रयासों के असफल होने पर फिर उठ खड़े होने की प्रेरणा मिलेगी। बिना लक्ष्य के मनुष्य कई दिशाओ में भटक सकता है जिससे उसे अपने जीवन में कुछ भी प्राप्त न हो सकेगा ।

लक्ष्य का चुनाव ऐसे करें कि जिस क्षेत्र में आपकी रुचि हो उसी क्षेत्र को चुनें तभी आप अपना सत-प्रतिशत दे पाएंगे।

# आपकी सोच ही आपका विश्वास बने

When you start to things happen, you begin to believe that you can make things happen that makes things happen – यह कथन है – David Allen का।




जब भी आप किसी कार्य की शुरुआत करते हैं उसी समय से आप यह विश्वास करने लगते हैं कि आप इस कार्य को कर सकते हैं। आपका यह विश्वास ही आपको अपने कार्य में सफल बनाता है। स्वयं पर विश्वास होना बहुत जरूरी है क्योंकि इंसान की क्षमता की कोई सीमा नहीं होती है, आपका विश्वास ही आपको आपकी क्षमता से अवगत कराता है।

I think I can do and I believe I can do. मैं यह सोचता हूं कि मैं कर सकता हूँ और मुझे विश्वास है कि मैं कर सकता हूँ। दोनों ही वाक्यो में आप अंतर समझ सकते हैं। सकारात्मक सोच रखिये और साथ ही अपनी इस सोच पर विश्वास रखिये ऐसा कोई भी कार्य नहीं जो आप नहीं कर सकते। क्योंकि सब कुछ संभव है।

# कर्म करें और करते रहें

अपने लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में अभी से कार्य करना शुरू कर दीजिये। The time for the action is now. कल , परसो , बाद में , अगले साल, देखेंगे , सोचेंगे इत्यादि नहीं !! आज और इसी वक़्त से शुरुआत करिये जब आप यह सोच रखते हैं कि आप अपने लक्ष्य को पाने में सफल हो जाएंगे। आपने प्लानिंग भी खूब कर रखी है सिर्फ सोचने से कुछ प्राप्त नहीं होता। वास्तव में सफल होने के लिए शुरुवात तो करनी होगी आपको भौतिक रूप से कदम उठाने होंगे और हर परिस्तिथि के लिए तैयार रहना होगा।

# आपने एक अंग्रेजी कहावत सुनी होगी

“Eating An Elephant in a One Bite” एक हाथी को एक ही बार में खा जाना इस कहावत का अर्थ यह है कि – किसी भी बड़े लक्ष्य को एक प्रयास में प्राप्त कर लेना।

हम सभी यही तो करना चाहते हैं परन्तु सफलता का कोई shortcut नहीं होता। पहाड़ पर चढ़ने के लिए आप छलांग नहीं लगा सकते आपको छोटे-छोटे क़दमों से यह सफर पूरा करना होगा। हम सभी लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में आई छोटी-छोटी असफलताओं से परेशान होकर हार मान लेते हैं। परंतु धैर्य रखिये समय लगता है।

# Be a learner सीखते रहिये

सीखने की प्रवृति को बनाये रखें, अपने कार्य क्षेत्र में उत्कृष्टता लाएं क्योंकि सफलता का पर्याय ही आगे बढ़ना है।

जब भी हम प्रयास में असफल हो जाते हैं तो या तो यह मान लेते हैं की – ये काम मुझसे नहीं होगा या परिस्थियों को दोष देते हैं। अपनी कमियों को छुपाने के लिए बहाने तलाशते हैं और वहीं रुक जाते हैं। परंतु लक्ष्य आपका है और प्रयास भी आपका तो, आपके प्रयास में ही कुछ कमी होगी आपकी मेहनत में कुछ कमी होगी आपकी दक्षता में कुछ कमी होगी। कमी होना बुरी बात नहीं है आप उन कमियों को दूर कर, उन्हें सिख कर ,स्वयं को और बेहतर बनाकर फिर प्रयास करिये। हमेशा खुद में improvement के साथ प्रयास करिये।

मुझे यह काम नहीं आता यह हो सकता है परन्तु मुझे यह काम नहीं आ सकता यह असंभव है।




Failure is not opposite of success , it’s part of success.

हमेशा सीखते रहें अपने स्तर से आगे बढ़ें और बेहतर बनें। असफलता सफलता का ही हिस्सा है अपने अनुभवों से सीखें , अपने जीवन मे सीखने की निरंतरता बनाये रखें, सदा कुछ नया सीखने और करने का प्रयासरत रहे। आप अपने जीवन मे सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे और स्वतः ही वह कर सकेंगे जो आप अपने जीवन मे करना चाहते हैं।

प्रयास कर, प्रयास कर
तू निरंतर प्रयास कर
तलाश ले खुद को, तू कौन है।

विश्वास कर, विश्वास कर
तू खुद पर विश्वास कर
पुकार ले खुद को, तू कौन है।

सोने सा तप कर तू
मेहनत की आग में
निखार ले खुद को, तू कौन है।

हवा निरंतर जो चल रही
बहती नदी भी गीत गा रही
तराश ले खुद को, तू कौन है।

ढूंढता है जिस मंजिल को तू
वो मंजिल भी तो कह रही
पहचान ले खुद को, तू कौन है।

शुभकामनाएं

लेखिका:
रचना शर्मा


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