आँखों की देखभाल – आँखों का बचाव व कैसे रहें आँखें सेहतमंद

सम्पूर्ण मनुष्य कई प्रकार के अंगों से निर्मित हो बना होता है जिसमें प्रत्येक अंग का अपना महत्त्व व् कार्य है । शरीर के किसी भी अंग की महत्ता को झुठलाया नहीं जा सकता क्योंकि मानव का एक विकार उसके जीवन को दुर्लभ बना देता है। अतः अपने शरीर के हर अंग का पूर्ण रूप से ख़याल रखना चाहिए।

आँखें हमारे जीवन की रौशनी हैं , अगर ये ना हों तो समझे सारा जग अंधकार से भरा है । वक़्त के साथ ज्यों – ज्यों दुनियां कृत्रिम विकास के पथ पर अग्रसर है त्यों – त्यों मानव विभिन्न प्रकार के रोगों व् बिमारियों से ग्रसित होता जा रहा है। मौजूदा परिवेश ऐसा है कि अब किसी भी बिमारी की कोई उम्र सीमा नहीं रह गयी है। आँखों के साथ भी ऐसा ही है ; चाहे 4 बरस के बच्चे हों , 20 वर्ष के युवा हों , 40 वर्ष के वयस्क या फिर 60 वीं उम्र; लगभग हर अवस्था है व्यक्ति आँखों की समस्या से पीड़ित है।

बदलती जीवन शैली में – टेलीविज़न , मोबाइल फ़ोन या फिर कंप्यूटर ; इन सभी इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के दुष्प्रभाव हमारे जीवन पर पड़ता जा रहा है जिसमें आँखें प्रमुखता से आतीं हैं। बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग हर तबका इलेक्ट्रॉा निक स्क्रीन से चिपका हुआ है जो प्रतिदिन हमारी आँखों को अँधा बना रहें है। पर जैसा मैंने कहा आंखें मनुष्य जीवन की रौशनी हैं इनको दुरुत रखना हमारी आवश्यकता है।

कैसे रखें आँखों को सेहतमंद:

1 – समुचित नींद

प्रतिदिन 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है । नींद लेना एक कुदरती जरिया है अपनी आँखों को विश्राम देने का । ऐसा देखा जा रहा है कि आजकल भागती दौड़ती ज़िन्दगी में व्यक्ति अपनी नींद पूरी नहीं कर पाता। घर के बच्चे देर रात तक मोबाइल स्क्रीन और कंप्यूटर स्क्रीन से लगे रहते हैं । लगातार स्क्रीन को तकते रहना आँखों को थका देता है । बच्चे हों , जवां हों या फिर बड़े बुजुर्ग रोजाना 8 घंटे की नींद लेना अपने जीवन में अनिवार्य करें । हमारी भरपूर नींद आँखों को सम्पूर्ण विश्राम देती है जिससे हमारी दृष्टि व् रौशनी शानदार बनी रहती है ।

2 – आहार में हरी सब्जियां

पोषक तत्व कि अनिवार्यता जरूरी है ; आँखों के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां खाना उनको जवां और दुरुस्त बनाता है। साग, सब्जियों में मौजूद विटामिन और खनिज आँखों की रौशनी बढ़ाने का कार्य करतीं हैं । अपने रोजाना खान – पान के तरीकों में पत्तेदार सब्जियों को अनिवार्य रूप से शामिल करें इसके अलावा प्रोटीन युक्त भोजन भी जरूर लें आँखें सदा के लिए स्वस्थ रहेंगी ।

3 – नियमित व्यायाम

व्यायाम तो वैसे सरे शरीर के लिए लाभदायक कार्य है। प्रतिदिन व्यायाम करने वाला व्यक्ति अत्यधिक ऊर्जावान, उत्साहित व् फुर्तीला होता है। व्ययायाम करनें से हमारी आँखें भी स्वस्थ रहतीं हैं क्योंकि शरीर में होने वाली तेज़ गतिविधि नसों में रक्त प्रवाह को बढ़ातीं हैं और ऑक्सीज़न की आपूर्ति भी होती है । रक्त प्रवाह और ऑक्सीज़न का बढ़ना आँखों को ताज़गी प्रदान करता है फलस्वरूप आँखें तंदरुस्त रहतीं हैं।

4 – धूप का चश्मा

दिन में सूरज से निकलने वाली पराबैंगनी किरणें आँखों के लिए हानिकारक है अतः अगर आप दिन में ज्यादा बाहर रहते हैं तो आँखों पर अच्छा Sunglass जरूर धारण करें । अच्छी गुणवत्ता वाले धूप के चश्में ही खरीदें जिससे आँखें सूरज की पराबैंगनी किरणें से बची रहें और धूल मिट्टी भी आँखों में प्रवेश ना करे ।

अन्य जरूरी बातें:

– काम के बीच आराम: हमारी रोजमर्रा की जीवनशैली में मोबाइल व् कंप्यूटर बहुत कॉमन है और आजकल सभी इन इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं पर अधिक समय बिताते हैं फिर वो चाहे ऑफिस हो या घर । अगर आप ऑफिस में ज्यादा वक्त कंप्यूटर स्क्रीन पर बिताते हैं तो बीच – बीच में उठते रहें और अपनी आँखों से दूर की कोई वस्तु देखने का प्रयास करें । स्क्रीन हमारी आँखों से बेहद करीब होती है अतः कुछ देर दूर देखने से आँखों को आराम मिलता है और साथ ही दृष्टि दोष का खतरा भी टल जाता है । हर 40 मिनट के बाद स्क्रीन से अपनी नज़र हटायें और अपनी हथेली को आँखों पर रख लें 2 मिनट की यह क्रिया करें; ऐसा करने से Eye Pressure ठीक बना रहता है और आँखों की धुंधलाहट भी कम होती है।

– समय पर जाँच जरूरी: अगर ऐसा कोई भी लक्षण दिखे की आपको कम दिखाई दे रहा हो, निकट या दूर की दृष्टि कम हो रही हो, किताबी अक्षरों को पढ़ने में समस्या आ रही हो, आँखें में लालिमा बनी रहती हो या फिर जलन महसूस होती हो तो अच्छे विशेषज्ञ से सम्पर्क करें और आँखों की पूर्ण रूप से जाँच कराएं । अगर आप को आँखों में किसी भी तरह की समस्या नहीं है तो भी प्रतिवर्ष आँखों का चेकअप करायें जिससे भविष्य में होने वाली आँखों की समस्या से निपटा जा सके। आखों की ऐसी कई बीमारियाँ हैं जो हमें पता नहीं चलती वी बेहद अंदरूनी होतीं हैं अतः डॉक्टरी सलाह लेते रहें ।

जीवनशैली में बदलाव करें , बच्चे तो नासमझ होते हैं परन्तु बड़े सब कुछ जानते हुए भी अपनी आँखों को नुक्सान पहुंचा रहे हैं । आजकल सबसे ज्यादा प्रचलन है मोबाइल फ़ोन का जो की बहुत ही घातक है । बड़े घर में स्वयं को भी अनुशाषित करें और बच्चों में भी मोबाइल फ़ोन के प्रयोग को लेकर एक अनुशासनात्मक माहौल बनाएं साथ ही बच्चों को इनसे होने वाली समस्या को भी अवगत करायें ।