ब्लॉग कैसे लिखें ?

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ब्लॉग कैसे लिखें ?

प्यारे पाठकों, जैसा की हम देख रहे हैं मनुष्य समय के साथ दिन प्रतिदिन तरक्की करता जा रहा है। यूँ तो मानव ने अनेकों खोज करके अपने जीवन को सुगम बनाया है किन्तु बीते अनेकों खोज में सबसे कारगर और उपयोगी खोज है “Internet”, आज हम इंटरनेट के माध्यम से दुनियां भर की जानकारी पल भर में पा सकते हैं।

विगत बीते कई वर्षों तक इंटरनेट की दुनियां केवल एक पक्षीय रही अर्थात केवल Read Only मोड में। मगर इंटरनेट की तकनीकि और इसके होते विस्तार ने इसे Communication का बेजोड़ माध्यम बना दिया। अब हम सिर्फ reading ही नहीं बल्कि writing भी कर सकते हैं, जिसके फलस्वरूप इंटरनेट के माध्यम से हम अब द्विपक्षीय व्यवहार कर सकते हैं। एक ही समय में हम किसी की बात को पढ़ सकते हैं और उसका जवाब भी दे सकते हैं।

इंटरनेट के इस विस्तृत स्वरूप ने न सिर्फ अनेकों रोजगार उत्पन्न किये अपितु Online Money Earning के मार्ग भी प्रसस्त किये। रोजगार, बेरोजगार, बच्चा, जवान, बूढ़ा, महिला अथवा पुरुष हर कोई अपने गुणों के आधार पर घर बैठे या नौकरी करने के साथ-साथ कमाई कर सकता है। ऑनलाइन पैसे कमाने के अनेकों रास्ते हैं जिसकी मैं यहां चर्चा नहीं करूँगा, क्योंकि आज का विषय केवल Blog Writing से संबंधित है।

Blog Kaise Likhe ? या Blog Kaise Likhna Chahiye ? इस प्रकार के सवाल मैंने कई युवाओं को पूछते हुए सुना है। ब्लॉग लेखन केवल एक शौक नहीं बल्कि इंटरनेट से कमाई करने की पहली सीढ़ी है। भारत जैसे देश में कई ऐसे ब्लॉगर हैं जिन्होंने ब्लॉग लेखन की दुनियां में बड़ा नाम कमाया और उनकी कमाई किसी मल्टीनेशनल कंपनी में काम करने वाले बेहद होनहार कर्मचारी से कई गुना ज्यादा है। ज्यादा समय नष्ट ना करते हुए हम अपने प्रमुख विषय पर आते हैं जिसका नाम है – ब्लॉग कैसे लिखें ?

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How to write a Blog Post in Hindi

आपकी ब्लॉग्गिंग का उद्देश्य क्या है ?

  • आगे चलने से पूर्व मैं आपसे यह जानना भूल गया की आपकी ब्लॉग्गिंग का उद्देश्य क्या है ? यदि आप ब्लॉग केवल अपने विचार और आत्मसंतुष्टि के लिए लिखते हैं तब आप धन कमाने के बारे में ना सोचें।
  • यदि आप धन अर्जित करने हेतु ब्लॉग पर आये हैं तब आप अपने मन की व्यथा और विचार को दरकिनार कर बाज़ारी विषयों पर लेखन करें।

ब्लॉग कैसे लिखें Blog Kaise Likhe:

वैसे तो ब्लॉग्गिंग एक स्वविचार की दुनियां है जहां लेखक अपने मन में आने वाले भावों को शब्दों का रूप देता है। मगर blog writing समय के साथ एक profession में दब्दील हो चुका है ऐसे में भावना का स्थान पैसे ने ले लिया है। खैर, इसमें कोई बुराई भी नहीं, किसी को जानकारी देने साथ-साथ कुछ पैसे अर्जित किये जा सकें तो उसमे बुरा क्या है ! मैं यहाँ ब्लॉग राइटिंग स्टाइल की बात करूँगा वो भी हिंदी ब्लॉग राइटर के लिए ताकि वे अच्छा ब्लॉग लिखकर न सिर्फ लोगों को ज्ञान दे सकें बल्कि अपने लिए अच्छे पैसे भी कमा सकें।

विषय का चुनाव –

विषय की पहचान महत्वपूर्ण है क्योंकि वही आपकी आय का कारण है। विषय तक हम 2 तरह से पहुँच सकते हैं, पहला अपने मष्तिष्क के माध्यम से और दूसरा अपनी खोज के माध्यम से। मष्तिष्क से जन्म लिया विषय commercially कैसा perform करेगा ये हम पहले से नहीं जान सकते। किन्तु जब हम विषय की खोज करते हैं अनेकों online keyword tool अथवा keyword planner के माध्यम से तब उससे हम यह जान जाते हैं की मेरा चुना हुआ विषय कमर्शियली क्या भाव रखता है। उसका सर्च वॉल्यूम कितना है, उसपर कम्पटीशन कितना है, उसपर बिडिंग कितने रुपये की चल रही है, इत्यादि।

मेरी नज़र में यदि आप ब्लॉग से धन प्राप्त करना चाहते हैं तो आप Google Adwords Keyword Planner का सहारा लेते हुए विषय का अच्छे से रिसर्च करें तदोपरांत उसपर लेखन आरंभ करें।

विषय कितना बड़ा लिखना चाहिए –

मैं विषय को बड़े और छोटे के नज़रिये से नहीं देखता। मेरा उद्देश्य है विषय की गहराई जिसे मेरा पाठक पढ़कर अच्छी तरह समझ सके। जाहिर सी बात है जब आप विषय को पूरे तह तक समझाते हुए और उसकी गहराई में उतरकर लिखेंगे तो विषय कुछ हद तक लंबा हो ही जायेगा। वैसे भी एक अच्छा लेखक वही कहलाता है जो स्वयं को शब्दों की सीमा में बांधकर नहीं रखता। तकनीकि रूप से कहूं तो आप 800 वर्ड से कम शब्द का विषय ना बनायें, बेहतर होगा कम से कम 1000-1200 वर्ड हों।

विषय लेखन में क्या क्या शामिल किया जाना चाहिए –

क्या क्या शामिल किया जाना चाहिए यह निर्भर करता है विषय यानि आपके चुने हुए Topic पर। मान लीजिए आपका विषय है Share Market या Stock Exchange तब तो आपको कई प्रकार की चीज़े शामिल करनी होंगी अपने लेखन में। जैसे – कंपैरिजन ग्राफ, स्टैट ग्राफ, रेसिओ स्टैट, प्रॉफिट लॉस डायग्राम, हाई लो स्टॉक टेबल, इनकम स्टैट…आदि। इसके अलावा कोई इन्फोग्राफिक्स, इमेज, ऑडियो, वीडियो को शामिल करने से आपके कॉन्टेंट का स्कोर अच्छा होगा। इस प्रकार के लिखे हुए कॉन्टेंट को गूगल इन्फोर्मटिवे कॉन्टेंट मानता है।

अतः मेरे कहने का अर्थ ये है की Blog Writing में केवल Text को शामिल करना ठीक नहीं। आपका Text यानि Content तो अच्छा होना ही चाहिए उसके अतिरिक्त उसे और अधिक रोचक बनाने के लिए कुछ अन्य सामग्री भी मौजूद होनी चाहिए जिसे मैंने ऊपर बताया है।

विषय लेखन का स्टाइल कैसा होना चाहिए –

यदि हम विषय को केवल टेक्स्ट पैराग्राफ में लिख दें तो वह देखने में बेहद उबाऊ लगता है और उसे पाठक पढ़ना नहीं चाहता। अतः अपने विषय को heading, point, bullet, number, table, highlighted mark, quoted mark, bold, underline, italic, important, remember जैसे रोचक स्टाइल में बयां करना चाहिए। इस प्रकार लिखने से पाठक का पूरा ध्यान विषय पर केंद्रित रहता है और वह अपनी ईच्छा से जरूरी बिंदुओं को पढ़ लेता है।

इस रोचक अंदाज़ में लिखा Blog Content हमारे ब्लॉग का न सिर्फ बाउंस रेट कम करता है बल्कि पाठक को कमेंट देने, लाइक करने और शेयर करने के लिए भी विवश कर करता है। इस तरह लिखा हुआ कॉन्टेंट पढ़कर पाठक पूरी तरह संतुष्ट हो जाता है।

विषय लिखते समय क्या ध्यान रखें –

विषय लिखते समय छोटे पैराग्राफ बनायें, शब्दों की पर्यायवाची को भी लेख में शामिल करें, कुछ विशेष शब्दों को अंग्रेजी में भी लिख दें, जो शब्द हिंदी की अपेक्षा इंग्लिश में ज्यादा आसानी से समझने योग्य हों उनको कहीं कहीं इंग्लिश में लिखें जैसे – marketing को हिंदी में विपणन कहा जाता है, मगर आम हिंदी भाषा में भी लोग इसे मार्केटिंग ही कहते हैं। यदि आप इस शब्द को “विपणन” लिखेंगे तो हिंदी पाठक भी असहज महसूस करेगा और अंग्रेजी का पाठक तो समझ ही नहीं पायेगा।

इसलिए पेचीदा हिंदी शब्दों को इंग्लिश में ही लिखना उचित होता है। ठीक उसी प्रकार पेचीदा अंगेज़ी के शब्दों को हिंदी में लिख देना ठीक होता है। विषय लेखन के दौरान हमारा प्रमुख उद्देश्य ये होना चाहिए की हमारे लिखे शब्द पाठक आसानी से पढ़ ले और समझ सके। शब्दों में भिन्नता गूगल भी पसंद करता है, अतः आप जरूरी शब्दों को आसानी से समझने योग्य बनाकर लिखें।

लिखने की क्रिया पूरी होने के बाद क्या करें –

विषय लेखन के उपरांत अपने लिखे हुए विषय के पहले रीडर आप खुद बनें। स्वयं विषय को ऐसे पढ़ें जैसे कोई अन्य पाठक आपके लेख को पढ़ रहा हो, यह क्रिया रिव्यु या रिवीजन की होती है जिसके द्वारा हम अपने लिखे लेख में कोई त्रुटि तलाश सकते हैं या फिर कुछ अन्य बिंदुओं को शामिल कर सकते हैं जिसको हम लिखना भूल गए।

ब्लॉग प्रकाशन के पूर्व क्या करें –

ब्लॉग को फाइनल ऑनलाइन प्रकाशित करने से पहले कुछ बिंदुओं पर अच्छे से कार्य कर लेना चाइये।

जैसे –

  • Category: आपका लिखा विषय आपके ब्लॉग पर उपस्थित कौन सी केटेगरी में जाने योग्य है।
  • Permalink: विषय के लिए उचित यूआरएल क्या होगा जो ज्यादा लंबा भी ना हो और सर्च में भी आ सके, पर्मालिंक में ध्यान रखें की उसमें अन्य कोई स्पेशल कॅरेक्टर ना आये सिवाय hyphen के।
  • New Tag: यदि आप ब्लॉग में टैग देते हैं तब आप बेहतर टैग का चुनाव विषय के अनुसार करें।
  • Used Tag: यदि कोई पुराना इस्तेमाल किया टैग आपके विषय के अनुरूप हो तब आप उसी का दुबारा उपयोग करें।
  • SEO Title: विषय से संबंधित कीवर्ड को पहले रखें हिंदी और हिंगलिश दोनों में, कोशिश करें यह 70 कॅरेक्टर से ज्यादा लंबा ना हो।
  • SEO Description: विषय से जुड़े कीवर्ड का इस्तेमाल करते हुए डिस्क्रिप्शन लिखें तो बेहतर।
  • SEO Keyword: यह अब जरूरी तो नहीं किन्तु दे देना अच्छा रहता है, अतः 4 से 5 कीवर्ड डाल दें।

वो बातें जिनको जानना एक ब्लॉगर के लिए अत्यंत जरूरी है:

क्या कहीं से रेफेरेंस लेना सही होगा –

हमें हर विषय की अच्छी जानकारी हो यह जरूरी नहीं। अतः अक्सर हमें विषय को अन्य वेबसाइट, ब्लॉग, यूट्यूब या किताबों के माध्यम से पढ़ना पड़ ही जाता है। यह अच्छा भी है की हम लिखने से पूर्व विषय की अच्छी जानकारी ले लें और उसे अच्छे से खुद समझ लें ताकि लिखने में आसानी हो। कहीं से रेफेरेंस लेने में कोई बुराई नहीं बस ध्यान इस बात का रखें की दूसरे की लेखन शैली को कॉपी ना करें।

यह जरूरी है की लेख सदा अपनी शैली में लिखा जाय ताकि पाठक आपके ब्लॉग की विशेषता को पहचान सके। अगर हम दूसरों के तरीकों पर कार्य करेंगे तो हमारे ब्लॉग की originality समाप्त हो जाती है। हम जानते हैं की गूगल Unique Content को वरीयता देता है अतः Blog Writing हमेशा अपनी शैली में ही करना चाहिए दूसरों से अलग और दूसरों से बेहतर अपने शब्दों में।

क्या अपने ब्लॉग के लिए फ्रीलान्स राइटर रखना सही होगा –

अगर आप अकेले महीने के कम से कम 30 आर्टिकल लिख पाने में सक्षम हैं तब आप कोई फ्रीलान्स राइटर ना रखें या अगर आप फ्रीलान्स राइटर रखने की क्षमता नहीं रखते हैं तब आप स्वयं ऊर्जावान बनते हुए अपने ब्लॉग के लिए मेहनत करें, क्योंकि फ्रीलान्स राइटिंग में आपको फ्रीलान्स लेखक को पैसे देने होते हैं। किन्तु मैं समझ सकता हूँ की स्वयं महीने के 30 या उससे अधिक कॉन्टेंट लिख पाना बेहद चुनौती भरा कार्य है; खासकर उनके लिए जो ब्लॉग लेखन के अतरिक्त कहीं और भी नौकरी करते हैं।

इसमें कोई बुराई नहीं की आप फ्रीलान्स लेखक रखें, बस आप उनके लिए Content Requirement Sheet (CRS) खुद तैयार करके दें। CRS एक Excel Sheet होती है जिसमें Subject, Title, Keyword, Word Count आदि को शामिल करके एक Requirement तैयार किया जाता है जिसके अनुसार फ्रीलान्स लेखक कार्य करता है।

फ्रीलान्स लेखकों द्वारा लिखे हुए कॉन्टेंट को एक बार आप जरूर पढ़ लें और यदि उसमें किसी तरह के परिवर्तन की आवश्यकता है तो आप उसे Edit कर सकते हैं। इसके अलावा आप यह भी जाँच लें की लिखा गया कॉन्टेंट कहीं से Copy तो नहीं किया गया ! अर्थात content pilgrimage को जांच लेना बेहद अनिवार्य हो जाता है।

ब्लॉग के लिए फ्री फोटो कहाँ से लाएं –

यह एक बड़ी समस्या बन जाती है कि फोटो कहाँ से लायें अपने ब्लॉग के लिए। जी यहां मैं आपको कुछ चुनिंदा वेबसाइट के नाम दे रहा हूँ जहां से आप Free Photo ले सकते हैं अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर इस्तेमाल करने के लिए।

1 – Pixabay (https://pixabay.com/)
2 – Pexels (https://www.pexels.com/)
3 – Stocksnap (https://stocksnap.io/)
4 – MorgueFile (https://morguefile.com/)
5 – Photogen (http://www.photogen.com/)
9 – Unsplash (https://unsplash.com/)

ऊपर लिखे 9 नामों के अलावा भी कई नाम हो सकते हैं किन्तु मैंने इनके माध्यम से अपने ब्लॉग के लिए फोटो प्राप्त किया है। आप चाहें तो इनसे फोटो डाउनलोड करके अपने ब्लॉग पर उपयोग करें या अगर आप कुछ फोटोशॉप में माहिर हैं तो उसमें कुछ परिवर्तन करके इस्तेमाल कर लें।

आपकी जानकारी के लिए बता दूँ की इन वेबसाइट से इमेज लेकर ब्लॉग पर लगा सकते हैं, इसपर किसी प्रकार का कॉपीराइट स्ट्राइक नहीं आएगा। मगर एक समस्या ये है की यहां से अनेकों ब्लॉगर फोटो डाउनलोड करते रहते हैं अतः same photo कई ब्लॉग पर दिखाई देती है जिसे एक प्रकार का डुप्लीकेट इमेज माना जायेगा। इससे बचने का तरीका ये है की इन फोटो को डाउनलोड करके कुछ उसमें परिवर्तन के बाद इस्तेमाल किया जाय और दूसरा जो तरीका है वो है आप और आपका मोबाइल फ़ोन।

आज हम सभी के पास स्मार्टफोन है और उसमें कैमरा भी है। ऐसे में आप Image के लिए किसी दूसरी वेबसाइट पर क्यों निर्भर हैं ? अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हुए आप प्रतिदिन कोई न कोई मोमेंट अपने फ़ोन कैमरे में कैद करते जाइये। पेड़, पौधे, नदी पहाड़, खेत खलिहान किसान, गाय बैल अन्य जानवर, फूल, झरने, बच्चे, महिला, पुरुष, फल सब्जी, खेल खिलौने, पैसे रुपये, ईमारत बिल्डिंग, कार बस रेल, त्यौहार, शादी, मेला, मंदिर मस्जिद गुरुद्वारा..अदि जैसे अनेकों चित्र आप अपने मोबाइल में कैद कर सकते हैं जो आपके ब्लॉग पर इमेज के काम आ सकती हैं। स्मार्टफोन द्वारा लिए गए इन फोटोग्राफ को अपने लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर में संगृहीत करते चलें। देखते ही देखते आपके पास खुद का एक बड़ा फोटो कलेक्शन हो जायेगा और आप अन्य वेबसाइट पर फोटो प्राप्ति के लिए निर्भर नहीं रहेंगे।

और अंत में,

ब्लॉग लेखन कोई पहेली नहीं है जिसे बूझा ना जा सके ! आप अगर सच में लेखन में रूचि रखते हैं तो थोड़ा अध्ययन करने की रूचि पैदा करें। अच्छे विषयों का अध्ययन आपको एक अच्छा लेखक बनाएगा।

ब्लॉग्गिंग का भविष्य बेहद उज्जवल है, इससे न सिर्फ पैसा कमाया जा सकता है बल्कि नाम भी कमाया जा सकता है। हां इसमें परिश्रम करना पड़ेगा, बिना परिश्रम कुछ हासिल नहीं होगा। Blog writing को आप अपनी Daily Activity में शामिल करके चलें। यदि अभी आप कॉलेज या स्कूल लेवल पर हैं तब तो आपके पास पर्याप्त समय है तेज़ी से अपने ब्लॉग पर काम करने का। नौकरी पेशा लोग भी प्रतिदिन कुछ घंटे देकर ब्लॉग्गिंग में सफलता हासिल कर सकते हैं।

जहां तक ब्लॉग प्रमोशन की बात है तो उसमें भी कुछ कठिनाई नहीं। SEO की जानकारी आज आसानी से यूट्यूब पर उपलब्ध है जिसे देखकर आप SEO करने के कुछ जरूरी गुण सीख सकते हैं। वैसे ब्लॉग के लिए on page seo ही ज्यादा मायने रखता है अतः आप ऑनपेज SEO ऑप्टिमाइजेशन के जरूरी टिप्स जान लें। यह ध्यान रखें एस.ई.ओ करने से ज्यादा कारगर है आपका एक अच्छा कॉन्टेंट लिखना। ब्लॉग्गिंग पर 90% ध्यान केवल राइटिंग पर देना चाहिए बाकि 10 प्रतिशत आप seo promotion के लिए जा सकते हैं।

उम्मीद है आपने इस लेख के माध्यम से काफी कुछ सीखा होगा। कृपया अपना कमेंट दें या कोई अन्य प्रश्न पूछें ताकि मैं उसपर भी कोई लेख लिख सकूँ।

धन्यवाद !

लेखक:
रवि प्रकाश शर्मा


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