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म्यूच्यूअल फण्ड – सम्पूर्ण ज्ञान

म्यूच्यूअल फंड्स का नाम तो अपने कई बार किसी न किसी के मुंह से सुना होगा और आपने इसके विज्ञापन टीवी पर भी देखे होंगे। उस वक्त आपके दिमाग में एक सवाल आया होगा, आखिर म्यूच्यूअल फंड्स है क्या ? उस वक्त आपने कई लोगो से ये सवाल किया होगा, सभी से अलग-अलग जवाब

ददरी मेला बलिया – पूर्ण जानकारी

ददरी मेला क्या है ? क्यों लगता है ? और कब लगता है जैसे प्रश्नों का जवाब देने से पूर्व कुछ ‘बलिया’ के बारे में भी जान लेते हैं। बलिया नाम सुनकर आप शायद यह जरूर सोचते होंगे कि ये नाम आखिर पड़ा कैसे ! जानकारी के लिए आपको बता दूँ कि राक्षस राज

कन्या भ्रूण हत्या – निबंध विचार

कन्या भ्रूण हत्या अर्थात मादा भ्रूण को गर्भ में ही खत्म कर देना। उसकी सांसों का फैसला क्यों उसके जन्म लेने से पहले ही सुना दिया जाता है ? क्या लड़की होना अभिशाप है !! क्यों उसे कोख में ही मार दिया जाता है ? कुछ लोग इस हद तक भी क्रूर होते है

तुमसे पहले मेरी मैं हूं

सहेलियों आज का मेरा यह लेख बेहद नारीप्रधान है। मेरी लिखी एक छोटी सी कविता मुझ जैसी सभी नारियों को समर्पित है। मुझे विश्वास है कि मेरी काव्य रचना प्रत्येक स्त्री को उसके अस्तित्व की याद जरूर दिलाएगी। शीर्षक – तुमसे पहले मेरी मैं हूं .. तुमसे पहले मेरी मैं हूं, अब खुद पर

कैनोनिकल टैग – On Page SEO Canonical Tag का इस्तेमाल और फायदे

On Page SEO की बात तब तक पूरी नहीं हो सकती जब तक Canonicalization की बात न की जाय। तो चलिए एस.ई.ओ ऑन पेज के अध्याय में आज हम केवल कैनोनिकल टैग की बात करते हैं। आखिर क्यों कैनोनिकल टैग का इस्तेमाल किया जाता है ? और क्या इसका इस्तेमाल किया जाना जरूरी है

ग़ज़ल – अच्छा था मेरे दर से मुकर जाना तेरा

अच्छा था मेरे दर से मुकर जाना तेराआसमाँ की गोद से उतर जाना तेरा तू लायक ही नहीं था मेरी जिस्मों-जाँ केवाजिब ही हुआ यूँ बिखर जाना तेरा मेरी हँसी की कीमत तुमने कम लगाईयूँ ही नहीं भा गया रोकर जाना तेरा तुझे हासिल थी बेवजह दौलतें सारी अब काम आया सब खोकर जाना

श्री कृष्ण जन्माष्टमी – महोत्सव विशेष

यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत । अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम् ॥४-७॥ परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम् । धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे ॥४-८॥ (गीता अध्याय 4 का श्लोक 7 एवम 8) भावार्थ: जब जब इस धरती पर धर्म की हानि होती है, जब जब अधर्म बढता है तब तब धर्म की रक्षा हेतु मैं स्वयं

यूट्यूब करियर – कैसे करें चैनल की शुरुआत

समय जो कब शुरू हुआ और कहां इसका अंत होगा कोई नहीं बता सकता। युगों-युगों से बहती समय की धारा में ब्रम्हांड का हर एक रहस्य कैद है, दोस्तों यह कहना गलत नहीं होगा की समय वो पहिया है जिसपर हमारी गाड़ी दौड़ रही है। पृथ्वी पर उपस्थित मानवीय जीवन और उसका विकास भी

हिंदी कविता – जिंदगी एक किताब

जिंदगी में चलते-चलते जब भी हम कहीं ठहरते हैं तब जिंदगी के किताब के पिछले पन्नों को जरूर पलटते हैं। जरूरी भी है, तभी हम स्वयं को समझ पाते हैं आगे हमे क्या लिखना है अर्थात किस दिशा में जीवन जीना है, यह जान पाते हैं। जिंदगी ‘एक किताब’ जिंदगी की किताब में पन्ने

रेडियो – एक लघु कथा

सन 1980-1990 का दशक बिन रेडियो के अधूरा था। अब रेडियो के महत्त्व को क्या बतलायें; उस ज़माने में घर के हर एक सदस्य के पास अपना रेडियो होता था। बाबा का अपना, पिताजी का अपना, माँ का अपना और पढ़ने वाले बच्चों का अपना। समाचार, क्रिकेट कमेंट्री, सखी सहेली और विविध भारती लोगों