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गूगल क्रॉल बजट क्या है ?

क्रॉल बजट क्या है ? Crawl Budget Kise Kahte Hain ? दोस्तों जब बात SEO की होती है या जब बात Search Engine Ranking की होती है तो उसमें एक शब्द अधिकतर सुनने को मिलता है जिसे ‘crawl budget‘ का नाम दिया जाता है । एस.ई.ओ या डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में काम करने

घर बैठे कमाई – ऑनलाइन पैसे कमाने के तरीके क्या हैं

Pakheru.com पर आज का यह लेख उन लड़के , लड़कियों व उन तमाम लोगों के लिए है जो घर बैठकर पैसे कमाना चाहते हैं । मैं स्वयं एक डिजिटल मार्केटर हूँ प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी करता हूँ इसके अतिरिक्त मैं अपने हिंदी ब्लॉग ‘पखेरू’ नियमित लेखन का कार्य भी करता हूँ । अपने

पैरों का राजसी आभुषण – रजवाड़ी मोजड़ी

भारत जैसे समृद्ध और विविधतापूर्ण देश में , जंहा घाट-घाट पर पानी बदले बीस कोस पर बानी जैसी कहावतें वास्तविकता हों , वंहा कलाओं एवं नाना प्रकार के शिल्प का होना कोई नयी बात नहीं । दरअसल ये विविधता ही हमारी विरासत है , चाहे वो भौगोलिक दृष्टि से , मौसम , भाषा , वेशभूषा , कला संस्कृति , रीतिरिवाज़ , खानपान से ही क्यों न

वृद्ध आश्रम – अभिशाप या वरदान

उन आँखों ने भी देखें होंगे कुछ ख्वाब, ख्वाब एक भरे पूरे परिवार का, बच्चों के प्यार और अपनेपन का, ख्वाब खुद के सम्मान का, जीवन के अंतिम पलों में तनाव रहित समय का । अपने पूरे जीवन को बच्चों की ख़ुशी के लिए समझौते का रूप दे देते हैं जो माता-पिता , क्या

हिंदी कविता – हठधर्मिता

हिंदी कविता – हठधर्मिता तुमने अभी हठधर्मिता देखी ही कहाँ है, अंतर्मन को शून्य करने का व्याकरण मुझे भी आता है,अल्पविराम, अर्धविराम, पूर्णविराम की राजनीति मैं भी जानती हूँ । यूँ भावनाशून्य आँकलन के सिक्के अब और नहीं चलेंगे,स्त्रियों का बाजारवाद अब समझदार हो चुका है,खुदरे बाजार से लेकर शेयर मार्किट तक में इनको

कांच पर सोने की उजास – थेवा ज्वेलरी

भारत हमेशा से ही विविधता से समृद्ध रहा है। भले वो भौगोलिक परिदृश्य हो, मौसम हो, खान-पान, रहन-सेहन यँहा तक कि कला-संस्कृति भी इससे अछूती नहीं है। इस देश में मौलिकता भी विविधता से विभूषित है। इसलिये इस अद्भुत देश का कण-कण विशेषता की अपनी परिभाषा से अभिव्यक्त है। तभी तो हमारे देश में ये कहावत

हिंदी कविता – पिंजरा

हिंदी कविता – पिंजरा हालत मेरी, ऐसी बन गई,जैसे ग़ुलाम परिंदे को, कोई दे पिंजरे में से छुड़ा,उड़ नहीं होता, अब मेरे से, रब्बा कोई तो रास्ता बना । गुज़रा मेरा बचपन, बहानों में, कैसे किया उन्होंने गुमराह,ऊँचे ख्वाबों के सपने दिखा कर, लूट लिया मेरे घर का आँगन । चढ़ी जवानी आँख लड़

मन कहता है पंछी बन जाऊं

मन कहता है, पंछी मन सा सुदृढ़ मैं बन जाऊं पंख बिना ही उच्च गगन की सीमा को छू आऊं । कभी तपूं मैं सूर्य ताप में, तेज हवाओं से टकराऊंबढ़ती रहूं संघर्ष करूं, तिनका-तिनका जोड़ एक घोंसला बनाऊं । पीछे छोड़ आडंबर सारे, निश्छल सहज भाव अपनाऊंमन को बांधे मन की जंजीरे, सब

जीवंत रिश्तों का क़ातिल – पोर्नोग्राफी

विश्व में जब से सूचना-प्रौद्योगी क्रांति द्वारा सूचनायें सर्वसुलभ होने लगी है, तब से समाज में नवचेतना के साथ कई तरह की विसंगति भी देखने में आयी है। तकनीक ने जंहा एक ओर जीवन को नवीन जानकारी एवम संसाधन पूर्ण बनाया है, वंही सामाजिक बुराईयों को भी नये कलेवर के साथ पेश किया है।

लोअर बैक पेन – पीठ के नीचले हिस्से का दर्द, क्या करें और क्या ना करें

Low Back Pain in Hindi क्या करें और क्या ना करें जब लोअर बैक पेन हो। दोस्तों कहा जाता है की शरीर से ही सब कुछ है अर्थात दुनियां का हर ऐशो आराम हमारे लिए तब ही मायने रखता है जब हमारा शरीर पूरी तरह स्वस्थ हो। निरोग शरीर किसी दौलत से कम नहीं