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जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी

हमारे देश में जन्म देने वाली माँ और मातृ भूमि का दर्जा स्वर्ग से भी ऊपर बताया गया है, पर आज के बदलते परिवेश में जब देशवासी देश और मातृभूमि त्याग करके विदेशों में बसने लगे हैं तब मातृभूमि का क्या अर्थ रह जाता है ? व्यक्ति मातृभूमि का त्याग कर सकता है,पर क्या

सत्यनिष्ठ होना ही मानवीय होना है

सत्यनिष्ठा एक अनुपम मानवीय गुण है। मनुष्य के जीवन में सत्यनिष्ठा का बहुत ही महत्व है। यदि हमारी जीवन रूपी इमारत सत्यनिष्ठ रूपी नींव पर खड़ी होगी तभी हम अपनी सफलता की उचाईयों को छू सकेंगें और सत्यनिष्ठा अर्थात मानवता के गुण स्वयं में विकसित हो सकेंगे। सत्यनिष्ठ बनने के लिए गुण हमे बचपन

शायरी- तुम्हारी महफ़िल में और भी इंतज़ाम है

शायरी: तुम्हारी महफ़िल में और भी इंतज़ाम है तुम्हारी महफ़िल में और भी इंतज़ाम हैया फिर वही शाकी, वही मैकदा, वही जाम है शायर बिकने लगे हैं अपने ही नज़्मों की तरफपुराने शेरों को जामा पहना कर कहते नया कलाम हैं आप शरीफ न बन के रहें इन महफिलों मेंवरना शराफत बेचने का धंधा

जिसे जन्नत कहते हैं, वो हिन्दुस्तान हर घड़ी दिखाएँगे

कविता शीर्षक : जिसे जन्नत कहते हैं, वो हिन्दुस्तान हर घड़ी दिखाएँगे कुछ इस तरह अपने कलम की जादूगरी दिखाएँगेकिसी की ज़ुल्फ़ों में लहलहाते खेत हरी-भरी दिखाएँगे छोड़ो उस आसमाँ के चाँद को, मगरूर बहुत हैरातों को अपनी गली में हम चाँद बड़ी-बड़ी दिखाएँगे किस्सों में जो अब तक तुम सुनते आए सदियों सेमेरा

जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक राजनीती एवम् भारत

जलवायु परिवर्तन को नजर में रखते हुए वैश्विक स्तर पर कई सम्मेलनों का आयोजन हुआ, जिसमें तमाम देशों ने मिल कर वर्तमान की सबसे चुनौती पूर्ण समस्या से निजात के लिए कई प्रकार की योजनाएं बनाई। स्काटहोम सम्मेलन की 20वीं वर्षगांठ मनाने हेतु ब्राजील के शहर रियो-डी-जेनेरियो में आयोजित रियो सम्मेलन में जलवायु परिवर्तन,

इस दिल में आते जाते रहिए

ग़ज़ल – इस दिल में आते जाते रहिए इश्क़ का भ्रम यूँ बनाते रहिएइस दिल में आते जाते रहिए आप ही मेरी नज़्मों की ‘जां’ थीये चर्चा भी सरे आम सुनते रहिए सिलिये ज़ुबान तकल्लुफ सेलेकिन निगाहें मिलाते रहिए आप मेरी हैं भी और नहीं भीये जादूगरी खूब दिखाते रहिए आप बुझ जाइए शाम

अगली पीढ़ी का बोझ कौन उठाएगा

कविता शीर्षक: अगली पीढ़ी का बोझ कौन उठाएगा आग लगाने वाले आग लगा चुकेपर इल्ज़ाम हवाओं पे ही आएगा रोशनी भी अब मकाँ देखे आती हैये शगूफा सूरज को कौन बताएगा बाज़ाए में कई”कॉस्मेटिक”चाँद घूम रहेअब आसमाँ के चाँद को आईना कौन दिखाएगा नदी,नाले,पोखर,झरने सभी खुद ही प्यासेतड़पती मछलियों की प्यास भला कौन बुझाएगा

निवेश के प्रमुख तरीके – कहाँ और कैसे करें

Investment in Hindi इन्वेस्टमेंट इन हिंदी अर्थात निवेश को हिंदी में जानिए। पैसा कमना, फिर पैसा खर्च करना, फिर पैसा बचाना यही कार्य हम सदियों से करते आ रहे हैं। हमारे माता पिता अथवा दादा के ज़माने में यह कुछ ऐसे लिया जाता था – पैसा कमाना, फिर पैसा बचाना, फिर पैसा खर्च करना।

‘हर राष्ट्र का नमन’ – हिंदी कविता

कविता शीर्षक – “हर राष्ट्र का नमन” हम युद्ध नहीं अमन चाहेंहरे राष्ट्र का नमन चाहेंचाहे रहें यहाँ चाहे रहें वहाँचाहे विश्वशांति नहीं जंग चाहें अमन के दुश्मन हो जाओ तैयारआके गले मिलो फेंको हथियारबहे प्रेम रूपी सुधा की धारखुशियों की हो सदा बौछार क्या रखा है खून खराबे मेंना आओ किसी के बहकावे

‘वो लड़की’ – हिंदी कहानी

सन 1993, उत्तर प्रदेश के एक छोटे कस्बे से निकलकर आज मैं एक अंजाने शहर की ओर प्रस्थान करने वाला था। उम्र महज 9 साल, गांव का एक साधारण जा जान पड़ने वाला रेलवे स्टेशन जहाँ मैं अपने पिता और माँ के साथ आने वाली ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहा था। मिलिट्री में कार्यरत